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बीए सेमेस्टर-5 पेपर-2 गृह विज्ञान

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2023
पृष्ठ :200
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2783
आईएसबीएन :0

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बीए सेमेस्टर-5 पेपर-2 गृह विज्ञान - सरल प्रश्नोत्तर

प्रश्न- नेतृत्व प्रशिक्षण से आप क्या समझते हैं? इसके महत्व पर प्रकाश डालिए।

उत्तर -

नेतृत्व प्रशिक्षण
(Leadership Training)

अर्थ (Meaning) - नेतृत्व प्रशिक्षण का अर्थ नेता को अपनी भूमिका निर्वाह से सम्बन्धित आवश्यक तथ्यों का ज्ञान कराना है। संसार के करीब-करीब सभी प्रजातंत्रात्मक देशों (democratic countries) में पहले यह अनुभव किया जाता था कि नेतृत्व प्रशिक्षण एक बहुत ही गुणकारी चीज नहीं है। यह धारणा मूलतः दो बातों पर आधारित थी पहली तो यह कि नेता जन्म से पैदा होते हैं, बनाये नहीं जाते हैं। अतः प्रशिक्षण देने से कोई फायदा नहीं होगा। दूसरी बात यह थी कि प्रजातंत्र में थोड़ी-सी भी परिस्थिति अनुकूल मिल जाने पर कोई भी व्यक्ति नेता हो सकता है, परन्तु धीरे-धीरे ये दोनों तरह की अवधारणाओं की मान्यता टूटती गयीं और अब यह बिल्कुल ही स्थापित हो गया है कि नेतृत्व प्रशिक्षण द्वारा नेता को अधिक प्रभावकारी एवं गुणकारी बनाया जा सकता है। बेवेलस (Bavelas, 1942) द्वारा किये गये अध्ययनों से स्पष्ट हो गया है कि प्रशिक्षित नेतृत्व में समूह उत्पादकता (group poroductivity) अप्रशिक्षित नेतृत्व की अपेक्षा कहीं अधिक होती है।

महत्व (Importance) - नेतृत्व प्रशिक्षण की महत्ता काफी है। भिन्न-भिन्न क्षेत्रों के समूहों की समस्याओं के अध्ययन करने पर हम इस निष्कर्ष पर पहुँचते हैं कि यदि समूह का नेता प्रशिक्षित (trained) होता है, तो उस समूह का मनोबल (morale) तथा उत्पादकता (productivity) दोनों ही ऊँचे होते हैं। ऐसा समूह अपने लक्ष्यों (goals) की प्राप्ति की ओर तेजी से अग्रसर होता है। विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व प्रशिक्षण के महत्व को इस प्रकार वर्णित किया गया है-

(i) उद्योग धंधों में नेतृत्व प्रशिक्षण का विशेष महत्व है। उद्योगों में सर्वेक्षक (supervisors) तथा फोरमैन (foreman) के सामने अनेकों तरह की समस्याएँ आती हैं जिनका समाधान करने के लिए उन्हें प्रशिक्षित होना आवश्यक है। ब्लम तथा नेलर (Blum & Naylor, 1984) के अनुसार औद्योगिक संगठनों के लिए एक प्रशिक्षित पर्यवेक्षक अप्रशिक्षित सर्वेक्षक की अपेक्ष कई गुणा श्रेष्ठकर होता है।

(ii) व्यवसाय संगठनों (Business organizations) में कार्यपालक (executives) तथा प्रबंधक (managers) होते हैं जिनका निर्णय व्यवसाय को या तो अधिकतम मुनाफा दिला देता है या घाटा। अतः यह आवश्यक है कि वे उचित परिस्थिति में उचित निर्णय लें। इसके लिए भी इन्हें प्रशिक्षित होना अनिवार्य है अन्यथा व्यावसायिक संगठन घाटे में चलेगा।

(iii) नेतृत्व प्रशिक्षण का महत्व सरकारी संस्थानों में भी काफी है। सरकार के प्रशासनिक अफसरों (administrative officers) को भी अपने कार्य संचालन में भिन्न-भिन्न तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। साथ ही साथ उन्हें अपने उच्च अधिकारियों एवं अधीनस्थों (subordinates) दोनों के साथ ऐसा तालमेल रखना पड़ता है कि उनके प्रशासनिक आज्ञाओं का सही समय में अनुपालन हो सके। इसके लिए यह आवश्यक है कि उनमें प्रशासनिक कुशलता (administrative skills) हो। यह तभी संभव है जब उन्हें ठीक ढंग से प्रशिक्षित किया गया हो। यही कारण है कि भारत सरकार I.A.S. तथा I. P. S. एवं अन्य उच्च पदाधिकारियों का पद भार ग्रहण करने के पहले कुछ दिनों तक उन्हें प्रशिक्षित करती है। प्रत्येक राज्य सरकार भी अपने उच्च अधिकारियों को प्रशिक्षण देती है और सम्बन्धित क्षेत्र में विशेष ज्ञान प्राप्त करने के लिए इन्हें विदेश तक भेजने में हिचकिचाती नहीं है। सरकार द्वारा प्रशिक्षण पर इतना बल दिए जाने से सरकारी समस्याओं में नेतृत्व प्रशिक्षण की महत्ता अपने आप ही स्पष्ट हो जाती है।

(iv) शिक्षा के क्षेत्र में भी नेतृत्व प्रशिक्षण की महत्ता काफी है। कॉलेज एवं स्कूल के शिक्षक एवं प्रिन्सिपल आदि यदि प्रशिक्षित होंगे तो स्वभावतः उन्हें अपने कार्यों को पूरा करने में एवं उत्तरदायित्व निभाने में सहूलियत होगी तथा छात्रों के साथ पूर्ण न्याय कर पायेंगे। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए भारत सरकार ने अपनी एक उच्चतर संस्थान अर्थात विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) द्वारा पूरे भारत में कॉलेज शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए विशेष तरह का कॉलेज (College) खुलवाया है, जिसे एकेडेमिक स्टाफ कालेज की संज्ञा दी गयी है। प्रत्येक राज्य के कुछ चुने हुए विश्वविद्यालयों में इस ढंग का कॉलेज खोला गया है जहाँ कॉलेज शिक्षकों को यथोचित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पूरे भारत में अभी 48 विश्वविद्यालयों में ऐसी प्रशिक्षण दी जा रही है। बिहार में पटना विश्वविद्यालय, बिहार विश्वविद्यालय तथा राँची विश्वविद्यालय में ऐसे कॉलेज खोले गए हैं जहाँ सम्बन्धित विश्वविद्यालय एवं अन्य नजदीक के विश्वविद्यालयों के शिक्षक प्रशिक्षित किये जा रहे हैं।

उपर्युक्त विवरण से यह स्पष्ट हो जाता है कि नेतृत्व प्रशिक्षण का महत्व काफी है तथा इसका सफलतापूर्वक प्रयोग भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में करके इसे और अधिक गुणकारी बनाया जा रहा है।

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    अनुक्रम

  1. प्रश्न- सामुदायिक विकास से आप क्या समझते हैं? सामुदायिक विकास कार्यक्रम की विशेषताएँ बताइये।
  2. प्रश्न- सामुदायिक विकास योजना का क्षेत्र एवं उपलब्धियों का वर्णन कीजिए।
  3. प्रश्न- सामुदायिक विकास कार्यक्रम के उद्देश्यों को विस्तारपूर्वक समझाइए।
  4. प्रश्न- सामुदायिक विकास की विधियों को समझाइये।
  5. प्रश्न- सामुदायिक विकास कार्यक्रम के सिद्धान्तों का वर्णन कीजिए।
  6. प्रश्न- सामुदायिक विकास की विशेषताएँ बताओ।
  7. प्रश्न- सामुदायिक विकास के मूल तत्व क्या हैं?
  8. प्रश्न- सामुदायिक विकास के सिद्धान्त बताओ।
  9. प्रश्न- सामुदायिक विकास कार्यक्रम की सफलता हेतु सुझाव दीजिए।
  10. प्रश्न- सामुदायिक विकास कार्यक्रम क्या है?
  11. प्रश्न- सामुदायिक विकास योजना संगठन को विस्तार से समझाइए।
  12. प्रश्न- सामुदायिक संगठन से आप क्या समझते हैं? सामुदायिक संगठन को परिभाषित करते हुए इसकी विभिन्न परिभाषाओं का वर्णन कीजिए।
  13. प्रश्न- सामुदायिक संगठन की विभिन्न परिभाषाओं के आधार पर तत्त्वों का वर्णन कीजिए।
  14. प्रश्न- सामुदायिक संगठन के विभिन्न प्रकारों को स्पष्ट कीजिए।
  15. प्रश्न- सामुदायिक विकास संगठन की सैद्धान्तिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालिये।
  16. प्रश्न- सामुदायिक संगठन के विभिन्न उद्देश्यों का वर्णन कीजिए।
  17. प्रश्न- सामुदायिक संगठन की आवश्यकता क्यों है?
  18. प्रश्न- सामुदायिक विकास संगठन के दर्शन पर संक्षिप्त लेख लिखिए।
  19. प्रश्न- सामुदायिक विकास संगठन की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए।
  20. प्रश्न- सामुदायिक विकास प्रक्रिया के अन्तर्गत सामुदायिक विकास संगठन कितनी अवस्थाओं से गुजरता है?
  21. प्रश्न- सामुदायिक विकास संगठन की विशेषताएँ बताइये।
  22. प्रश्न- सामुदायिक संगठन और सामुदायिक विकास में अंतर स्पष्ट कीजिए।
  23. प्रश्न- सामुदायिक विकास संगठन और सामुदायिक क्रिया में अंतर बताइये।
  24. प्रश्न- सामुदायिक विकास संगठन के प्रशासनिक ढांचे का वर्णन कीजिए।
  25. प्रश्न- सामुदायिक विकास में सामुदायिक विकास संगठन की सार्थकता एवं भूमिका का वर्णन कीजिए।
  26. प्रश्न- गृह विज्ञान प्रसार शिक्षा से आप क्या समझते हैं? गृह विज्ञान प्रसार शिक्षा का क्षेत्र समझाइये।
  27. प्रश्न- गृह विज्ञान प्रसार शिक्षा के उद्देश्यों का विस्तार से वर्णन कीजिये।
  28. प्रश्न- गृह विज्ञान प्रसार शिक्षा की विशेषताएँ समझाइयें।
  29. प्रश्न- ग्रामीण विकास में गृह विज्ञान प्रसार शिक्षा का महत्व समझाइये।
  30. प्रश्न- गृह विज्ञान प्रसार शिक्षा के क्षेत्र, आवश्यकता एवं परिकल्पना के विषय में विस्तार से लिखिए।
  31. प्रश्न- समेकित बाल विकास सेवा (ICDS) कार्यक्रम को विस्तार से समझाइए।
  32. प्रश्न- स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना के बारे में बताइए।
  33. प्रश्न- राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) पर एक टिप्पणी लिखिये।
  34. प्रश्न- राष्ट्रीय सेवा योजना (N.S.S.) पर टिप्पणी लिखिये।
  35. प्रश्न- नेहरू युवा केन्द्र संगठन का परिचय देते हुए इसके विभिन्न कार्यक्रमों का वर्णन कीजिए।
  36. प्रश्न- नेहरू युवा केन्द्र पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिये।
  37. प्रश्न- कपार्ट एवं गैर-सरकारी संगठन की विकास कार्यक्रम में महत्वपूर्ण घटक की भूमिका निभाते हैं? विस्तृत टिप्पणी कीजिए।
  38. प्रश्न- बाल कल्याण से सम्बन्ध रखने वाली प्रमुख संस्थाओं का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
  39. प्रश्न- हेल्प एज इण्डिया के विषय में आप क्या जानते हैं? यह बुजुर्गों के लिए किस प्रकार महत्वपूर्ण है? प्रकाश डालिए।
  40. प्रश्न- संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) से आप क्या समझते हैं? इसके कार्यों व महत्व पर प्रकाश डालिये।
  41. प्रश्न- बाल विकास एवं आप (CRY) से आप क्या समझते हैं? इसके कार्यों एवं मूल सिद्धान्तों पर प्रकाश डालिए।
  42. प्रश्न- CRY को मिली मान्यता एवं पुरस्कारों के विषय में बताइए।
  43. प्रश्न- बाल अधिकार का अर्थ क्या है?
  44. प्रश्न- बच्चों के लिए सबसे अच्छा एनजीओ कौन-सा है?
  45. प्रश्न- राष्ट्रीय बाल अधिकार दिवस कब मनाया जाता है?
  46. प्रश्न- नेतृत्व से आप क्या समझते है? नेतृत्व की प्रमुख विशेषताओं का विश्लेषण कीजिये।
  47. प्रश्न- नेतृत्व के विभिन्न प्रारूपों (प्रकारों) की विस्तृत विवेचना कीजिए।
  48. प्रश्न- नेतृत्व प्रशिक्षण से आप क्या समझते हैं? इसके महत्व पर प्रकाश डालिए।
  49. प्रश्न- नेतृत्व प्रशिक्षण की प्रमुख प्रविधियों का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
  50. प्रश्न- कार्यस्थल पर नेताओं की पहचान करने की विधियों का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
  51. प्रश्न- ग्रामीण क्षेत्रों में कितने प्रकार के नेतृत्व पाए जाते हैं?
  52. प्रश्न- परम्परागत ग्रामीण नेतृत्व की विशेषताएँ बताइये।
  53. प्रश्न- नेतृत्व प्रशिक्षण को किन बाधाओं का सामना करना पड़ता है?
  54. प्रश्न- नेतृत्व की प्रमुख विशेषताओं को बताइए।
  55. प्रश्न- नेतृत्व का क्या महत्व है? साथ ही नेतृत्व के स्तर को बताइए।
  56. प्रश्न- नेतृत्व प्रशिक्षक से आप क्या समझते हैं? एक नेतृत्व प्रशिक्षक में कौन-से गुण होने चाहिए? संक्षेप में बताइए।
  57. प्रश्न- एक अच्छा नेता कैसा होता है या उसमें कौन-से गुण होने चाहिए?
  58. प्रश्न- एक अच्छा नेता कैसा होता है या उसमें कौन-से गुण होने चाहिए?
  59. प्रश्न- विकास कार्यक्रम का अर्थ स्पष्ट करते हुए विकास कार्यक्रम के मूल्यांकन में विभिन्न भागीदारों के महत्व का वर्णन कीजिए।
  60. प्रश्न- विकास कार्यक्रम चक्र को विस्तृत रूप से समझाइये | इसके मूल्यांकन पर भी प्रकाश डालिए।
  61. प्रश्न- विकास कार्यक्रम तथा उसके मूल्यांकन के महत्व का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
  62. प्रश्न- सामुदायिक विकास कार्यक्रम के प्रमुख घटक क्या हैं?
  63. प्रश्न- कार्यक्रम नियोजन से आप क्या समझते हैं?
  64. प्रश्न- कार्यक्रम नियोजन की प्रक्रिया का उदाहरण सहित विस्तृत वर्णन कीजिए।
  65. प्रश्न- अनुवीक्षण / निगरानी की विकास कार्यक्रमों में क्या भूमिका है? टिप्पणी कीजिए।
  66. प्रश्न- निगरानी में बुनियादी अवधारणाएँ और तत्वों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत कीजिए।
  67. प्रश्न- निगरानी के साधन और तकनीकों का तुलनात्मक अध्ययन कीजिए।
  68. प्रश्न- मूल्यांकन डिजाइन (मूल्यांकन कैसे करें) को समझाइये |
  69. प्रश्न- मूल्यांकन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा कीजिए।
  70. प्रश्न- मूल्यांकन की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए।
  71. प्रश्न- निगरानी का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
  72. प्रश्न- निगरानी के विभिन्न प्रकारों का वर्णन कीजिए।
  73. प्रश्न- निगरानी में कितने प्रकार के सूचकों का प्रयोग किया जाता है?
  74. प्रश्न- मूल्यांकन का अर्थ और विशेषताएँ बताइये।
  75. प्रश्न- निगरानी और मूल्यांकन के बीच अंतर लिखिए।
  76. प्रश्न- मूल्यांकन के विभिन्न प्रकारों को समझाइये।

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