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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षण बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षणसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षण - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- वाणिज्य शिक्षण में प्रश्नों के स्पष्ट विभेद कीजिए।
उत्तर-
मानसिक क्रिया के आधार पर प्रश्नों के दो वर्गीकरण प्रस्तुत किए जाते हैं। पहले वर्गीकरण के अनुसार-रिस्क ने प्रश्नों को दो वर्गों में विभाजित किया है-
(क) स्मृत्यात्मक प्रश्न
(ख) विचारात्मक प्रश्न
स्मृत्यात्मक प्रश्न उन प्रश्नों को कहते हैं जिनका उत्तर- बालक अपनी-अपनी स्मृति के आधार पर देते हैं। ऐसे प्रश्नों का प्रयोग बालकों के पूर्व ज्ञान का पता लगाने तथा उनके सीखे हुए ज्ञान की आवृत्ति (Revision) करने के लिए किया जाता है। ये प्रश्न प्रायः कैसा, कब तथा कौन और कितने आदि से आरम्भ होते हैं जैसे- भारत ने पंचवर्षीय योजनाओं को कब प्रारम्भ किया ?
दूसरी ओर विचारात्मक प्रश्न उन प्रश्नों को कहते हैं जिनका उत्तर- देने के लिए बालकों को विचार, कल्पना तथा तर्क आदि शक्तियों का सहारा लेना पड़ता है। जैसे-
(i) भारत ने आर्थिक नियोजन क्यों अपनाया ?
(ii) भारत में परिवार नियोजन की क्यों आवश्यकता है?
(iii) देश की खाद्य समस्या का कैसे समाधान किया जा सकता है ?
दूसरे वर्गीकरण के अनुसार-प्रश्नों को निम्नलिखित दो भागों में विभाजित किया जा सकता है-
(क) शिक्षात्मक प्रश्न
(ख) परीक्षात्मक प्रश्न
शिक्षात्मक प्रश्न उन प्रश्नों को कहते हैं जिनकी सहायता से बालकों को कल्पना, विचार एवं तर्क के द्वारा परिणाम निकालने के लिए इस प्रकार से प्रेरित किया जाता है कि वे नवीन ज्ञान को सरलतापूर्वक प्राप्त कर सकें, जैसे-
भारत में अधिक अनाज पैदा करने के लिए हमें क्या-क्या उपाय करने चाहिए? परीक्षात्मक प्रश्न उन प्रश्नों को कहते हैं जिनके द्वारा बालकों के ज्ञान तथा स्मृति की परख होती है। ऐसे प्रश्नों द्वारा शिक्षक को इस बात का पता आसानी से लग जाता है कि उसका शिक्षण सफल हुआ अथवा नहीं जैसे-
(i) दसवीं पंचवर्षीय योजना कब आरम्भ हुई ?
(ii) भारत में किन-किन कारणों से हरित क्रान्ति आई ?
प्रश्नों के प्रमुख प्रकार
प्रश्न निम्नलिखित प्रकार के हो सकते हैं-
(i) प्रस्तावनात्मक प्रश्न - जो पाठ को आरम्भ करने के लिए पूछे जाते हैं।
(ii) विकासात्मक प्रश्न - जिनका प्रयोग पाठ के विकासात्मक स्तर पर किया जाता है। इस प्रकार के प्रश्नों द्वारा बालकों के सहयोग से नवीन ज्ञान को तार्किक क्रम में विकसित किया जाता है।
(iii) विचारात्मक प्रश्न - ये वे प्रश्न होते हैं जिनकी सहायता से बालकों के समक्ष कोई ऐसी समस्या रखी जाती है जिसको सुलझाते हुए बालक अपने-अपने पूर्वज्ञान का प्रयोग करके नवीन ज्ञान को आत्मसात् कर लेते हैं।
(v) तुलनात्मक प्रश्न - ये उन प्रश्नों को कहते हैं जिनके द्वारा तथ्यों अथवा घटनाओं की परस्पर तुलना की जाती है। ऐसे प्रश्नों का प्रयोग इतिहास, वाणिज्य तथा विज्ञान के पाठों में किया जाता है। ऐसे प्रश्नों का उपयोग सामान्यतया पाठ के मध्य में ही करना उचित होता है।
(vi) बोध-प्रश्न - बोध-प्रश्न उन प्रश्नों को कहते हैं कि जिनकी सहायता से शिक्षक को यह पता चल जाता है कि बालकों को पढ़ायी हुई विषय सामग्री का ज्ञान हुआ कि नहीं। ऐसे प्रश्न प्रायः सोपान के अन्त में प्रयोग करने चाहिए।
(vii) पुनरावृत्ति प्रश्न - ये उन प्रश्नों को कहते हैं जिनके द्वारा पाठ के प्रमुख तथ्य बिन्दुओं को दोहराया जाता है।
उत्तरों के आकार एवं प्रकार पर आधारित प्रश्न
(i) निबन्धात्मक प्रश्न - ये वे प्रश्न होते हैं जिनका उत्तर- निबन्ध के रूप में दिया जाता है। ऐसे प्रश्नों का प्रयोग गृह कार्य देने के लिए किया जाता है। आकार में ये लम्बे उत्तर- माँगते हैं।
(ii) लघु उत्तर- लघु प्रश्न उन प्रश्नों को कहते हैं जिनका उत्तर- सूक्ष्म रूप में दिया जाता है।निबन्धात्मक प्रश्नों की तुलना में इन प्रश्नों का उत्तर- अधिक स्पष्ट एवं निश्चित होता है, जैस- भारत की पहली पंचवर्षीय योजना कब शुरू हुई?
(iii) वस्तुनिष्ठ प्रश्न - उन प्रश्नों को कहते हैं जिनके उत्तर- सूक्ष्म एवं निश्चित होते हैं, जैसे सत्य-असत्य प्रश्न, जैसे-
पहली पंचवर्षीय योजना 1 अप्रैल, 1951 को शुरू हुई।
सत्य/असत्य
भारत एक विकसित देश है। सत्य-असत्य
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