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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षणसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- मूल्यांकन की CBCS प्रणाली के बारे में संक्षिप्त व्याख्या करें।
उत्तर-
CBCS का फुल फॉर्म Choice Based Credit System होता है तथा हिन्दी में CBCS का अर्थ 'विकल्प आधारित क्रेडिट प्रणाली' होता है। अगर भारत में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर बात की जाए तो हमारा देश अभी बहुत पीछे नजर आता है। भारत के अतिरिक्त दुनिया के अन्य विकसित देश अपनी उच्च शिक्षा पर कुल बजट का 9 से 10 प्रतिशत तक व्यय कर रहे हैं, और भारत में राष्ट्रीय आय का महज एक प्रतिशत से भी कम उच्च शिक्षा पर खर्च हो रहा है। इन सबको देखते हुए सरकार ने CBCS System लागू किया है, जिससे देश में शिक्षा-व्यवस्था को ठीक किया जा सके।
CBCS सिस्टम के अन्तर्गत देश या विदेश किसी भी विश्वविद्यालय में पढ़ाए जाने वाले किसी भी विषय का चुनाव करने का ऑप्शन होता है। इसके तहत मूल्यांकन सेमेस्टर के मुताबिक किया जाता है। इसके अन्तर्गत विद्यार्थी विज्ञान, कला, वाणिज्य के लिये तीन साल और इंजीनियरिंग के लिये चार साल के पाठ्यक्रम के बजाय CBCS के पाठ्यक्रम के आधार पर प्रगति करता है। सभी सेमेस्टरों में 15 से 18 सप्ताह शैक्षणिक कार्य होता है, जो लगभग 90 शिक्षण दिवस का होता है।
CBCS System के क्रेडिट की गणना के नियमानुसार, एक क्रेडिट प्रति सेमेस्टर के एक घण्टे के शिक्षण के बराबर माना गया है जिसमें व्याख्यान (L) या शिक्षण (T) या व्यावहारिक कार्य या क्षेत्र कार्य (P) प्रति सप्ताह दो घण्टे इसमें शामिल हैं। इसके अध्ययन में नियमानुसार पाठ्यक्रम में केवल L घटक या केवल T घटक या केवल P घटक या दो या तीन सभी घटकों का संयोजन भी किया जा सकता है। हर एक सेमेस्टर में विद्यार्थी L + T + P कुल क्रेडिट यानि की सभी क्रेडिट एक साथ प्राप्त कर सकता है।
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