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बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2023
पृष्ठ :180
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2760
आईएसबीएन :0

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बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण - सरल प्रश्नोत्तर

प्रश्न- ग्रेड प्रणाली क्या है? भारत में इसकी शुरुआत कैसे हुई?

उत्तर-

हमारे देश में सर्वप्रथम मुदालियर आयोग (1952-53) ने ग्रेड प्रणाली का सुझाव दिया। इसके बाद कोठारी आयोग ने 1964-66 ने इस प्रणाली के प्रयोग पर बल दिया। बाद में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान परिषद् एवं प्रशिक्षण परिषद् (N.C.E.R.T.) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (U.G.C.) ने भी ग्रेड प्रणाली की वकालत की। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986 ने भी ग्रेड प्रणाली के प्रयोग पर बल दिया। इस तरह भारत में ग्रेड प्रणाली की शुरुआत हुई और कई हद तक यह सफल भी रही है एवं इसके द्वारा शिक्षण में विद्यार्थियों का सही तरह से एवं उचित मूल्यांकन सम्भव हो पाया है। ग्रेड प्रणाली की . शुरुआत भारत के लिये लाभदायक सिद्ध हुई एवं इसके द्वारा मूल्यांकन के उचित उद्देश्यों की प्राप्ति सम्भव है।

ग्रेड प्रणाली का आविष्कार 1972 में इंग्लैण्ड के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में शिक्षक विलियम फरिष द्वारा ग्रेडिंग प्रणाली का आविष्कार किया गया था। ग्रेड प्रणाली में परीक्षार्थियों को विषय विशेष में अंकों के आधार पर 5, 7 अथवा 9 श्रेणियों में बाँट दिया जाता है। इनमें 7 ग्रेड बिन्दु प्रणाली सर्वोच्च मानी जाती है। अधिकांश शैक्षिक बोर्ड छात्रों को ग्रेड देने में विभिन्न मैट्रिक्स का उपयोग करते हैं, साथ ही साथ अधिकांश मामलों में प्राप्त अंकों के साथ। भारतीय शिक्षा प्रणाली एक CGPA ग्रेडिंग स्केल का अनुसरण करती है। यह अमेरिका, कनाडा और आस्ट्रेलिया की तरह विदेशों में उपयोग किए जाने वाले अन्तर्राष्ट्रीय GPA पैमाने से भिन्न है।

अतः भारतीय प्रणाली के दोषों के आधार पर, यह कहना सर्वथा उचित है कि ग्रेड प्रणाली का प्रयोग भारतीय शिक्षण पद्धति में सर्वाधिक उपयुक्त है।

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