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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षणसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- मौखिक रचना-शिक्षण में सावधानियों की विवेचना कीजिये।
अथवा
'मौखिक रचना लिखित रचना की आधारशिला है। " इस कथन की विवेचना कीजिये।
उत्तर-
मौखिक रचना-शिक्षण में सावधानियाँ
1. छात्रों को बोलते समय उनकी अशुद्धियों पर न टोका जाये और न रोका जाये, अपितु बाद में अशुद्धियों के संशोधन का प्रयास किया जाये। छात्र को बोलने के लिए सदैव प्रोत्साहित करना चाहिए।
2. छात्रों में अभिव्यक्ति का विकास स्वाभाविक रूप में किया जाये, जिससे उनमें आत्मविश्वास की भावना का विकास हो सके।
3. छात्रों को शुद्ध उच्चारण का अभ्यास कराया जाये और आदर्श उच्चारण प्रस्तुत किया जाये। छात्रों को अधिक-से-अधिक बोलने तथा अभ्यास का अवसर दिया जाये। कला के विकास में अभ्यास का विशेष महत्त्व होता है।
4. छात्रों में प्रभावशाली बोलने हेतु मौखिक रचना तैयार करायी जाये। पूर्व अभ्यास भी कराया जाये, तब उन्हें वाद-विवाद, भाषण गोष्ठी आदि में बोलने का अवसर दिया जाये।
5. छात्रों के समक्ष शुद्ध उच्चारण का आदर्श ही प्रस्तुत किया जाये। यह सावधानी आरम्भ से ही रखनी चाहिए। छात्र अनुकरण द्वारा ही भाषा को बोलना सीखता है।
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