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बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2023
पृष्ठ :180
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2760
आईएसबीएन :0

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बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण - सरल प्रश्नोत्तर

प्रश्न- मूल्यांकन की प्रविधियाँ बताइये।

उत्तर-

मूल्यांकन की प्रविधियाँ
(Techniques of Evaluation)

मूल्यांकन की प्रक्रिया ज्ञानात्मक, भावात्मक तथा क्रियात्मक उद्देश्यों की प्राप्ति के सम्बन्ध में प्रदत्त संकलन करती है। परम्परागत परीक्षाओं से ज्ञानात्मक उद्देश्यों का ही मापन किया जाता है। मूल्यांकन की प्रक्रिया का क्षेत्र अधिक व्यापक होता है। इसमें अनेक प्रकार की प्रविधियाँ प्रयुक्त की जाती हैं-

1. ज्ञानात्मक उद्देश्यों के लिए लिखित, मौखिक, निबन्धात्मक परीक्षाएँ तथा वस्तुनिष्ठ परीक्षाएँ तथा प्रयोगात्मक परीक्षाएँ उपयोग में लाई जाती हैं। निरीक्षण का भी प्रयोग करते हैं।

2. भावात्मक उद्देश्यों के लिए अभिरुचि सूची (Attitude Scale), रेटिंग स्केल तथा मूल्यों की . परीक्षा (Values Test) आदि प्रयुक्त किए जाते हैं। निबन्धात्मक परीक्षाएँ भी आंशिक रूप से प्रयुक्त की जा सकती हैं। निरीक्षण प्रविधि को भी प्रयोग में लाया जाता है 1

3. क्रियात्मक उद्देश्यों के लिए प्रयोगात्मक परीक्षा अधिक उपयोगी मानी जाती है। इसमें छात्रों को कुछ क्रियाएँ करनी पड़ती हैं और उनके कौशल का मूल्यांकन किया जाता है।

मूल्यांकन में मानदण्ड परीक्षा को विशेष महत्त्व दिया जाता है। इसकी तीन प्रमुख विशेषताएँ होती हैं-

(1) व्यावहारिकता (Practicability) - मानदण्ड परीक्षा का प्रशासन सरल होना चाहिए। अंकन भी सरल हो तथा प्रदत्तों का अर्थापन सार्थक होना चाहिए। परीक्षा छात्रों तथा शिक्षकों को मान्य होनी चाहिए।

(2) समुचितता (Appropriateness) - मानदण्ड परीक्षा समुचित मानी जाती है क्योंकि इसमें उद्देश्यों को विशेष महत्त्व दिया जाता है। परीक्षा के प्रश्न विशिष्ट उद्देश्यों की प्राप्ति का मापन करते हैं।

(3) प्रभावशीलता (Effectiveness) - मानदण्ड परीक्षा के मापन का कार्य भली प्रकार करना चाहिए। परीक्षा विश्वसनीय तथा वैध होनी चाहिए।

अभिक्रमित अनुदेशन के मूल्यांकन में प्रमुख रूप से मानदण्ड परीक्षा को प्रयुक्त किया जाता है। यदि मानदण्ड परीक्षा में छात्रों को अच्छे अंक (90/90 मानदण्ड) नहीं प्राप्त हुए तो यह इस बात का सूचक है कि अधिगम प्रक्रिया प्रभावशाली नहीं है। इसमें परिवर्तन तथा सुधार लाना चाहिए। इस प्रकार अनुदेशन अभिक्रमित की प्रभावशीलता के सम्बन्ध में निर्णय लिया जा सकता है। छात्रों की प्रतिक्रियाओं को एवं उनकी कमजोरियों को जानने के लिए भी मानदण्ड परीक्षा प्रयुक्त कर सकते हैं और उनमें सुधार ला सकते हैं।

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