|
बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्यसरल प्रश्नोत्तर समूह
|
5 पाठक हैं |
||||||
बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- भारत में दूरदर्शन की अवधारणा स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
भारत में दूरदर्शन की अवधारणा
(Concept of Television in India)
भारत में दूरदर्शन की शुरूआत मुख्य रूप से शैक्षिक उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए हुई। दूरदर्शन के प्रयोग का उद्देश्य प्रारम्भ में शैक्षिक ही रहा। सन् 1956 में दिल्ली में सम्पन्न यूनेस्को (UNESCO) की आमसभा में यह निश्चित किया गया कि भारत में दूरदर्शन की स्थापना का उद्देश्य शैक्षिक और सामुदायिक विकास ही होगा जिसके फलस्वरूप भारत में प्रथम प्रयोगात्मक दूरदर्शन सेवा का उद्घाटन दिल्ली में सन् 1959 में किया गया। सन् 1960-61 में 'समाज शिक्षा' कार्यक्रम तथा 'स्कूल टेलीविजन' कार्यक्रम प्रारम्भ किये गये। यह कार्य आल इण्डिया रेडियो फोर्ड फाउन्डेशन तथा दिल्ली के शिक्षा निदेशालय के तत्वाधान में प्रारम्भ हुआ। अनेक विद्यालयों में टेलीविजन सेट लगाए गये तथा शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों के लिऐ वर्कशाप का आयोजन किया गया। इसके साथ ही दूरदर्शन द्वारा प्रसारित विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रम तथा विद्यालयों के कक्षा शिक्षण में समन्वय स्थापित करने का प्रयास भी किया गया। समय के साथ-साथ दूरदर्शन - युक्त विद्यालयों की संख्या बढ़ती गयी और शिक्षा की दृष्टि से इसका लाभ बढ़ता गया। सन् 1965 से दिल्ली में नियमित दूरदर्शन सेवा का आरम्भ हुआ इसके साथ ही शैक्षिक दूरदर्शन का प्रसार प्रारम्भ हो गया।
देश के विद्यालयों में शैक्षिक दूरदर्शन की सेवा के पीछे यही उद्देश्य था कि विद्यार्थियों को वे सभी अनुभव और सुविधाएँ प्रदान किये जायें, जिन्हें विद्यालय प्रदान करने में असमर्थ हैं। शैक्षिक दूरदर्शन विद्यार्थियों की शैक्षिक सम्प्राप्ति को उन्नत बनाने में, विज्ञान आदि विषयों में रुचि उत्पन्न करने व विकसित करने में, सामान्य ज्ञान का विकास करने में तथा शिक्षण स्तर का सुधार करने में एक महत्वपूर्ण व प्रभावशाली माध्यम सिद्ध हुआ है।
|
|||||










