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बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2023
पृष्ठ :180
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2758
आईएसबीएन :0

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बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य - सरल प्रश्नोत्तर

प्रश्न- रेखीय तथा शाखीय अभिक्रमित अनुदेशन की तुलना कीजिए।

उत्तर-

रेखीय और शाखीय अनुदेशन की तुलना
(Comparison of Linear and
Branching Programmed Instruction)

रेखीय और शाखीय दोनों प्रकार के अनुदेशनों की तुलना निम्न प्रकार से की जा सकती है-

 

क्र.रेखीय अधिगमित अनुदेशनशाखीय अधिगमित अनुदेशन
1. इस अनुदेशन में पदों का आकार छोटा होता अपेक्षाकृत है। शाखीय अनुदेशन में पदों का आकार बड़ा होता है।
2. रेखीय अनुदेशन में विद्यार्थी को प्रश्न का उत्तर स्वयं बनाना होता है या वह प्रत्यारोपण करता है। शाखीय अनुदेशन में विद्यार्थी अनुक्रिया के रूप में सही विकल्प का चुनाव करता है। इसमें प्रश्न प्रत्यक्षज्ञा रूप में होता है।
3. इसमें फ्रेम का निर्माण इस प्रकार किया जाता है कि विद्यार्थी उत्तर देने में या अनुक्रिया करने में त्रुटि न करे। इसमें त्रुटियों को स्पष्टिकरण देकर अधिगम स्पष्ट और प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है।
4. रेखीय अधिगम फ्रेम में स्पष्ट उत्तर में सही उत्तर दिखाने तत्काल प्रतिपुष्टि की व्यवस्था है। इसमें प्रतिपुष्टि के लिए बालक को स्पष्टिकरण दिया जाता है। इस प्रकार अप्रत्यक्ष रूप से प्रतिपुष्टि दी जाती है।
5. रेखीय अधिगमित अनुदेशन में भी पदों को पढ़ना होता है। शाखीय अधिगमित अनुदेशन में सभी पद पढ़ना आवश्यक नहीं है।
6. इसमें विविधता एवं नवीनता कम है। अनुबोधकों का प्रयोग रेखीय अधिगम में अधिक किया जाता है। इसमें विविधता एवं नवीनता अधिक है। इसमें अनुबोध का उपयोग बहुत सीमित है।
7. इसमें त्रुटियों को महत्व नहीं दिया जाता है। इसमें त्रुटियों को महत्व दिया जाता है।
8. विद्यार्थी को उत्तर देने की स्वतंत्रता नहीं है अर्थात् उसे निर्धारित उत्तर ही देना है। विद्यार्थी उत्तर देने को स्वतंत्र है, वह एक से अधिक उत्तर भी दे सकता है।
9. यह छोटी कक्षाओं के लिए अधिक उपयोगी सिद्ध हुआ है। यह बड़ी कक्षा के लिए अधिक उपयोगी है।
10. यह एक ही दिशा में विद्यार्थी को आगे बढ़ाता है। इसमें विद्यार्थी विभिन्न शाखाओं में से होकर गुज़रता है।
11. इसके प्रवर्तक बी. एफ. स्किनर थे। इसका सूत्रपात नार्मन ए. क्राउडर ने किया।

 

 

 

 

 

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