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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्यसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- फ्लैण्डर्स की अन्तःक्रिया विश्लेषण प्रणाली के मुख्य गुण एवं दोषों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर-
फ्लैण्डर्स अन्तःक्रिया विश्लेषण प्रणाली के गुण
फ्लैण्डर्स अन्तः क्रिया विश्लेषण प्रणाली के गुण निम्नलिखित हैं, यह पद्धति विद्यार्थी एवं अध्यापक के बीच अन्तः क्रिया करने और साथ ही निरीक्षण करने की अच्छी विधि है। इस संदर्भ में बुच कहते हैं, "शिक्षण में गुणात्मक सुधार लाने की सही दिशा में यह एक साहसपूर्ण कदम है।" इस प्रणाली के प्रमुख गुण निम्नलिखित हैं-
(1) इस प्रणाली के द्वारा शिक्षक के क्षेत्र में नए व्यवहारों की जानकारी होती है।
(2) इस प्रणाली के अंतर्गत अध्यापन के सिद्धान्त का विकास एवं शिक्षण के प्रवाह को निर्धारित करने में मदद मिलती है।
(3) इस अन्तः क्रिया विश्लेषण प्रणाली में कक्षा में घटित होने वाली क्रियाओं को विश्लेषण करने एवं समझने में मदद मिलती है।
(4) इसमें शिक्षक के प्रभाव का लचीलापन निश्चित करने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।
(5) अध्यापक के प्रशिक्षण करते-करते उसे अपने क्षेत्र से सम्बन्धित शोध कार्य करने के लिए अवसर प्राप्त होता है।
(6) यह प्रशिक्षण उन तकनीकियों से जुड़ा है, जो अध्यापक के सूक्ष्म-शिक्षण और दलीय अध्यापन से पूरा करती है।
(7) इस प्रणाली की मदद से कक्षा शिक्षण पदों की व्याख्या की जा सकती है।
(8) प्रणाली सेवाकालीन अध्यापकों के लिए बहुत लाभदायक है।
(9) इस प्रणाली के द्वारा कक्षा में वातावरण को प्रभावशाली बनाया जा सकता है।
(10) यह प्रणाली अनुकरणीय शिक्षण एवं टोली शिक्षण में कार्य करने में मदद देती है।
(11) इस प्रणाली में प्रतिपुष्टि देकर व्यवहार में ऐच्छिक परिवर्तन लाए जा सकते हैं।
(12) इसकी सहायता से कक्षा की गतिविधियों को जाना जा सकता है।
(13) वास्तव में, यह एक शिक्षण सम्बन्धित समस्याओं के निदान करने वाली प्रणाली जानी जाती है। इसमें अध्यापक के मौखिक व्यवहार में किसी प्रकार के दोष को हटाया जा सकता है।
(14) इस प्रणाली के द्वारा अध्यापक के शाब्दिक व्यवहार का अध्ययन, वैज्ञानिक ढंग से निरीक्षण करने की तकनीक को अपनाया जाता है।
फ्लैण्डर्स अन्तःक्रिया विश्लेषण प्रणाली के दोष - फ्लैण्डर्स की अन्तःक्रिया विश्लेषण पद्धति अर्थात् अध्यापक के व्यवहार को सुधारने लिए बहुत जरूरी है। लेकिन इस प्रणाली के दोष निम्नलिखित हैं-
(1) यह क्रिया आवश्यकता से अधिक स्वतंत्र है।
(2) इस प्रणाली में अध्यापक के केवल शाब्दिक व्यवहारों को ही जाँचा और विश्लेषण किया जाता है।
(3) इसके तहत छात्रों एवं अध्यापकों में वर्ग विभाजन एक जैसा नहीं होता। अध्यापकों के लिए सात वर्ग होते हैं, छात्रों के लिए केवल दो वर्ग होते हैं।
(4) इस प्रणाली में सभी व्यवहारों को 10 वर्गों में विभाजित किया जाता है, लेकिन इन व्यवहारों को 10 वर्गों में बाँटना आसान नहीं है।
(5) इसमें मौन एवं भ्रान्ति को समान स्तर देना उचित नहीं होगा। यह वर्गीकरण संतुलित नहीं है।
(6) इस प्रणाली में पाठ्य-वस्तु की वैधता और शुद्धता के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जाती।
(7) इसमें प्रणाली को अपनाने में अधिक समय, शक्ति और अधिक धन का व्यय होता है।
(8) इस प्रणाली की अधिक जटिलता के कारण इसे समझना सरल नहीं है।
(9) इसमें केवल प्रशिक्षित पर्यवेक्षक ही सफल प्रयोग कर सकते हैं।
(10) इस प्रणाली में अध्यापक-विद्यार्थी अन्तः क्रिया को स्थान दिया गया है, न कि विद्यार्थी, विद्यार्थी अन्तःक्रिया को।
(11) इस प्रणाली के निरीक्षण एवं विश्लेषण के लिए केवल प्रशिक्षित व्यक्तियों की आवश्यकता होती है, जो प्रायः इस प्रकार के व्यक्ति मिलने का अभाव ही रहता है।
(12) विद्यार्थियों को इस प्रणाली में सर्वोच्च स्थान नहीं मिलता।
(13) इस प्रणाली में पर्यवेक्षक को तीन सेकेण्ड में एक वर्ग को लिखना होता है। यह कार्य केवल एक सजग एवं पूर्ण रूप से प्रशिक्षित पर्यवेक्षक ही कर सकता है।
(14) यह प्रणाली कक्षा की सभी गतिविधियों का विवरण देने में सक्षम नहीं है।
(15) इस प्रणाली में कई क्रियाएँ जैसे - भाषा में आदर्श, वाचन, चार्टों का अध्ययन, विज्ञान में प्रयोग आदि की विधि वर्गीकरण नहीं होता।
(16) इसमें शिक्षण व्यवहार की संकीर्ण संरचना के होने की व्यवस्था होती हैं।
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