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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्यसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- विकासात्मक प्रतिमान की व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
विकासात्मक प्रतिमान
(Development Model)
इस प्रतिमान की स्थापना जीन पियाजे (Jean Piage) ने की। इसके आधारभूत तत्व निम्नवत् हैं-
(1) उद्देश्य (Focus) - इसका सम्बन्ध छात्रों में सामान्य बौद्धिक (Intellectual) क्षमताओं का विकास करना है। यह विशेष रूप से तार्किक शक्ति को विकसित करने में समर्थ है। इसके द्वारा सामाजिक तथा नैतिक विकास भी सम्भव है।
(2) संरचना (Syntax) - विकासात्मक प्रतिमान की संरचना के दो प्रमुख पक्ष हैं - सर्वप्रथम छात्रों को परिस्थितियों का बोध कराना आवश्यक है तथा दूसरा पक्ष उचित निर्देशन करना है ।
(3) सामाजिक प्रणाली (Social System) - शिक्षण का कार्य सामाजिक वातावरण प्रस्तुत करता है। छात्र व शिक्षक परस्पर सहयोग से कार्य करते हैं। वे सक्रिय रूप से शिक्षण में भाग लेते हैं तथा उन्हें विचार व्यक्त करने की स्वतन्त्रता दी जाती है। शिक्षक का कार्य उचित निर्देशन प्रदान करना है। इस प्रतिमान द्वारा ज्ञानात्मक पक्ष के कुछ विशिष्ट पक्षों को सबल बनाना सम्भव है।
(4) मूल्यांकन प्रणाली (Evaluation System) - प्राप्त ज्ञान की मूल्यांकन प्रणाली मुख्यतः निबन्धात्मक रहती है। कुछ कार्य मौखिक रूप से भी सम्पन्न किया जाता है। विकासात्मक प्रतिमान छात्रों में तर्क-शक्ति के विकास में सहायक है।
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