लोगों की राय

बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य

बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2023
पृष्ठ :180
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2758
आईएसबीएन :0

Like this Hindi book 0

5 पाठक हैं

बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य - सरल प्रश्नोत्तर

प्रश्न- वेब संसाधनों के मूल्यांकन (Evaluating web resources) को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर-

जब हम वेब पर खोज परिणाम को प्राप्त करते हैं तो यह जानना भी आवश्यक होता है कि यह सही है या नहीं। इन्टरनेट जानकारी से भरा भंडार है, लेकिन इनमें से बहुत कुछ उच्च गुणवत्ता से पूर्ण नहीं होता जिसकी हमें उम्मीद होती है यह काफी हद तक इसलिए भी होता है क्योंकि कोई भी इंटरनेट पर कुछ भी प्रकाशित कर सकता है।

इसका मतलब होता है कि संसाधन के प्रकार को निर्धारित करना कठिन होता है। आप वेब पर सब कुछ खोजने की उम्मीद कर सकते हैं, जैसे कि -विज्ञापन, समीक्षाएं, शैक्षिक पाठ्यक्रम, विद्वानों के पेपर, संदर्भ स्रोत आदि। सामान्य रूप से खोजने पर आपको जो कुछ भी मिलता है वह किसी समीक्षा प्रक्रिया से गुजरा नहीं होता।

इन्टरनेट संसाधनों की गुणवत्ता भिन्न भिन्न होती है, इसे उपयोगकर्ता पर छोड़ दिया जाता है कि वह तय करे कि संसाधन उच्च या निम्न गुणवत्ता का है, सटीक है, निष्पक्ष है आदि। यदि आप यह चाहते हैं कि इन्टरनेट पर अपने लिए सही जानकारी प्राप्त करें तो, आप खोजे जा रहे संसाधनों की गुणवत्ता को देखें, जो कि इस प्रकार है-

1. अपने उद्देश्य को लेकर स्पष्ट रहें।

2. आप गुणवत्ता मानदंड के विरुद्ध संसाधन का मूल्यांकन करें।

3. आप जिस संसाधन को देख रहे हैं उसे स्थापित करें।

इन्टरनेट डिटेक्टिव वेबसाइट निम्नलिखित मानदंडों को प्रमुख रूप से सूचीबद्ध करती है जिन पर हमें विचार किया जाना चाहिए। जिसके लिए मुख्य मानदंड है जो कि इस प्रकार है।

1. वैधता - वैधता इस बात पर निर्भर करती है कि संसाधन की सामग्री कितनी विश्वसनीय है।

2. शुद्धता - शुद्धता, वैधता से निकट रूप से सम्बन्धित है, इसकी सटीकता इस बात पर निर्भर करती है कि क्या वास्तव में सभी जानकारी सही है, अगर सही है तो कितनी सही है।

3. विशिष्टता - यह संसाधन के अंदर निहित जानकारी की मात्रा से संबंधित है जो अन्य किसी भी स्रोतों से प्राप्य नहीं है।

4. सम्पूर्णता - एक सम्पूर्ण संसाधन कार्य का एक पूरा प्रारूप होता है।

...Prev | Next...

<< पिछला पृष्ठ प्रथम पृष्ठ अगला पृष्ठ >>

अन्य पुस्तकें

लोगों की राय

No reviews for this book