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बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2023
पृष्ठ :180
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2758
आईएसबीएन :0

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बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य - सरल प्रश्नोत्तर

प्रश्न- अधिगम उपकरण के रूप में (इन्टरनेट सहित एवं इन्टरनेट बिना) के उपयोग पर एक निबन्ध लिखिए।

उत्तर-

अधिगम उपकरण के रूप में कम्प्यूटर (इन्टरनेट सहित) का उपयोग
(Use of Computer (With Internet) as a learning tool)

1. अधिक जानकारी तक पहुँच (Access to Vast Knowledge) - इन्टरनेट के महत्वपूर्ण प्रभावों में से एक-अधिक से अधिक जानकारियों एवं सूचनाओं तक पहुँच में वृद्धि है। आज के समाज में, इन्टरनेट कनेक्शन लगभग टी.वी और टेलीफोन के समान है और इस माध्यम ने इन दोनों की जगह ले है। अविश्वसनीय मात्रा में जानकारियाँ या सूचनाएँ (अच्छी या बुरी) पर्सनल कम्प्यूटर द्वारा घर पर ही उपलब्ध हैं जिसकी वजह से आसानी से किसी भी विषय की जानकारी ले सकते हैं।

2. उंगलियों पर शोध (Research at Fingertip) - शोध पत्र लेखन या स्कूल परियोजना के लिये जानकारी जुटाने के लिए पुस्तकालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं रह गई है। इसका महत्वपूर्ण कारण इन्टरनेट है। आज इन्टरनेट ने जानकारियों और सूचनाओं को एक जगह केंद्रित कर दिया हैं। कई मामलों में सामयिकी और अखबार ऑनलाइन उपलब्ध हैं और कुछ तो शोध पत्र सिर्फ ऑनलाइन ही उपलब्ध हैं।

जिस गति से छात्र उपयुक्त जानकारियाँ इकट्ठी करते हैं उससे उनकी विषयों को समझने की क्षमता बेहतर हुई है और निस्संदेह सीखने की क्षमता में सुधार हुआ है।

3. कम्प्यूटर साक्षरता में वृद्धि (Increase in Computer Literacy) - आमतौर पर युवाओं द्वारा कम्प्यूटर का उपयोग इन्टरनेट का इस्तेमाल किये बिना किसी उद्देश्य के करने के कारण युवाओं में कम्प्यूटर साक्षरता एक मानक बन गया है। इन्टरनेट लोगों को जीवन की प्रारम्भिक अवस्था से ही आकर्षित करता है तथा कम्प्यूटर का सही उपयोग करने के प्रति जागरूक करता है।

4. कम लागत में शिक्षा (Education at Minimum Cost) - ऑनलाइन शिक्षा की प्रचुरता से शिक्षा की लागत में कमी आई है। जिससे सीमित बजट (या आय) वाले लोगों के लिये उच्च शिक्षा पाना और आसान हो गया है। ऑनलाइन शिक्षा में ट्यूशन फीस, कमरे और बोर्ड की आवश्यकता नहीं होती है। इस कारण लोगों को सीखने के अधिक मौके मिलते हैं।

5. नवीनतम सूचनाएँ ( Latest Information) - पाठ्य-पुस्तकों एवं सदर्भ सामग्री के संस्करणों को सतत् रूप से अद्यतन करने के बजाय इन्टरनेट बहुत कम समय एवं कम व्यय नें नवीनतम जानकारी देता है। वेबसाइट पर दिया गया एक साधारण अद्यतन कार्य उन सभी व्यक्तियों को, जो साइट का उपयोग करते हैं, को आवश्यक सभी परिवर्तनों की जानकारी दे देता है।

6. 24/7 पहुँच (24x7 Accessibility) - इन्टरनेट हर समय उपलब्ध रहता है, चाहे दिन का कोई भी समय हो या सप्ताह का कोई भी दिन, इन्टरनेट हर समय उपलब्ध रहता है। इन्टरनेट की हर समय उपलब्धता के कारण छात्र अपने समयानुसार बेहतर ढंग से पढ़ाई कर सकते हैं।

अधिगम उपकरण के रूप में कम्प्यूटर (इन्टरनेट बिना) का उपयोग
(Use of Computer (Without Internet) as a learning Tool)

ये निम्नलिखित हैं-

1. लेखन के माध्यम (श्यामं पट / श्वेत पट) में बदलाव (Discountinuation of Black Board / White Board)

(a) श्याम पट / श्वेत पट (Black Board / White Board) - श्याम पट / श्वेत पट पर लिखने के बजाय शिक्षक या छात्र कम्प्यूटर पर नोट लिखते हैं और अपने कार्य को साझा करने के लिये कम्प्यूटर का उपयोग करते हैं। ऐसा करने से छात्रों को पढ़ने में में आसानी होती है।

(b) कम्प्यूटर पर बने हुए नोट्स को छात्रों में पाठ्यक्रम के रूप में बाँटा जा सकता है। उनका ई-मेल स्कूल की साइट पर भेज सकते हैं।

(c) कम्प्यूटर पर बने हुए नोट्स पर छात्र छोटे-छोटे समूह में चर्चा कर सकते हैं। इससे विषयों पर बेहतर ढंग से पकड़ बनती है और समझने में भी आसानी होती है। इससे उनकी सृजनात्मकता, एकाग्रता, ज्ञान, दक्षता, आलोचनात्मक, सोच-समझ के स्तर को बढ़ाती है।

2. पॉवर प्वाइंट पर प्रस्तुतियाँ देना (Power-point Presentation) - लोगों के मध्य अपने विचार रखने में पॉवर प्वाइंट साफ्टवेअर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पॉवर प्वाइंट में स्लाइड्स (पेज) का उपयोग कर हम प्रस्तुतियाँ बनाते हैं। प्रस्तुतियों को बेहतर ढंग से बनाने के लिए हम उनमें लिखित विषयों के अलावा वीडियो, ऑडियो, ग्रॉफिक्स इत्यादि भी डाल सकते हैं जिसके फलस्वरूप छात्रों को विभिन्न विषयों के बारे में जानकारी हो सकती है।

पॉवर प्वाइंट प्रस्तुतियाँ बनाने से छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के मध्य झिझक समाप्त हो जाती है जिसके फलस्वरूप छात्र-छात्राओं को विषयों को समझने में व शिक्षकों को विषयों को समझाने में कठिनता कम आती है। पॉवर प्वाइंट स्लाइड्स में विषय छोटे-छोटे उप- शीर्षकों में विभाजित होते हैं।

भविष्य में उपयोग करने के लिये हम स्लाइड्स का प्रिन्ट आउट भी निकाल सकते हैं। पॉवर प्वाइंट स्लाइड्स का उपयोग कर हम कक्षा के लिये पाठ्यक्रम को बना सकते हैं और अपलोड कर सकते हैं। छात्र-छात्राएँ भी अपना होम वर्क प्रस्तुतियों को अपलोड कर सकते हैं।

3. शैक्षिक कार्य में ऐक्सल का उपयोग (Utility or usage of Excel in Learning) - एम. एस. ऐक्सल की मदद से शिक्षक छात्र-छात्राओं के छमाही / वार्षिक रिपोर्ट कार्ड बना सकते हैं। किन विषयों में अधिकतम या न्यूनतम अंक किन छात्र-छात्राओं ने प्राप्त किये हैं, इनका विश्लेषण भी ऐक्सल द्वारा किया जाता है। समय सारिणी उपस्थिति - पत्र, छात्र-छात्राओं के बारे में जानकारी भी रख सकते हैं।

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