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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्यसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- कक्षा शिक्षण में प्रयोग होने वाली विभिन्न प्रकार की श्रव्य दृश्य सामग्रियों का वर्णन कीजिए। इनके महत्व को भी बताइए।
अथवा
श्रव्य दृश्य सामग्री का अर्थ स्पष्ट कीजिए। शिक्षण की विभिन्न श्रव्य दृश्य सामग्रियों का वर्णन करते हुये इनके महत्व को भी स्पष्ट कीजिए।
सम्बन्धित लघु उत्तरीय प्रश्न
श्रव्य-दृश्य माध्यम का संयव्यय क्या है?
अथवा
श्रव्य-दृश्य सामग्री पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिये।
उत्तर-
श्रव्य दृश्य सामग्री
(Audio-Visual Aids)
वर्तमान में सामाजिक अध्ययन शिक्षण को प्रभावपूर्ण एवं रोचक बनाने के लिये चार्ट, ग्राफ, चित्र, प्रोजेक्टर, ओवर हैड प्रोजेक्टर एवं अन्य आधुनिक उपकरणों का प्रयोग किया जाता है। इन्हें श्रव्य-दृश्य सामग्री भी कहा जाता है। शिक्षा शब्दकोश में श्रव्य-दृश्य उपकरण के अर्थ को स्पष्ट करते हुये लिखा गया है कि “श्रव्य-दृश्य उपकरण कोई युक्ति है जिसके द्वारा अधिगम प्रक्रिया दृष्टि और/अथवा सुनने की अनुभूति के माध्यम से अग्रसित अथवा प्रोत्साहित हो सकती है।"
क्रो एवं क्रो के अनुसार - "श्रव्य दृश्य साधन सीखने वालों को व्यक्तियों, घटनाओं, वस्तुओं, कारण तथा प्रभाव सम्बन्ध के विविध अनुभवों से लाभ उठाने का अवसर देते हैं।"
विटिच एवं शुलर के अनुसार - "श्रव्य दृश्य विधियाँ और वस्तुएँ प्रभावपूर्ण सीखने, प्रबल छात्र रुचि, उत्साह तथा विद्यालयों में सफलता के लिये अति लाभदायक आधार हैं।"
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