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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्यसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- ग्राफिक्स कितने प्रकार के होते हैं? इनके मध्य क्या अन्तर होता है?
उत्तर-
कम्प्यूटर ग्राफिक्स दो प्रकार के होते हैं-
1. वेक्टर ग्राफिक्स
2. रास्टर ग्राफिक्स
जहाँ वेक्टर ग्राफिक्स ड्राइंग पाथ का बना होता है वहीं रास्टर ग्राफिक्स पिक्सल्स का बना होता है।
1. वेक्टर ग्राफिक्स - यह कलर वैल्यू के अलावा डाइंग निर्देशों को सम्मिलित करता है, ये गणतीय विषय जिसे वेक्टर कहा जाता है, के द्वारा परिभाषित रेखाओं तथा वक्रों का बना होता है। वेक्टर ज्योमैट्रिक विशेषताओं के अनुसार इमेज का वर्णन करता है। वेक्टर ग्राफिक्स विशिष्ट रूप से उदाहरणों प्रोग्रामों का उपयोग करके उत्पन्न होता है तथा इसमें गणितीय रूप से परिभाषित ज्यामितीय आकृतियाँ जैसे- रेखाएं, आब्जेक्ट बनी हुई होती हैं, वेक्टर्स दिशा तथा परिमाण दोनों को सम्मिलित करता है। इसलिए वेक्टर के तत्त्व लाइन सेगमेंट्स के होते हैं जहाँ लम्बाई परिमाण को प्रदर्शित करती है।
वेक्टर ग्राफिक्स के रिजोलूशन पर निर्भर नहीं करता इन्हें इनकी स्पष्टता को खोये बिना कितना भी बढ़ाया जा सकता है। वहीं वेक्टर के तत्वों को गणितीय रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके स्केलिंग के लिए केवल गणितीय स्थितियों में परिवर्तन की आवश्यकता होती है, वेक्टर ग्राफिक्स को EPS फार्मेट में सेव किया जाता है।
2. रास्टर ग्राफिक्स - रास्टर ग्राफिक्स चित्रों को प्रदर्शित करने हेतु रंगों के ग्रिड का उपयोग करते हैं, प्रत्येक पिक्सल के लिए कलर वैल्यू निर्धारित की जाती है। मूल रूप से देखें तो यह एक ऐरे होता है जिसमें वैल्यू कलर को निर्देशित किया जाता है, EMP, TIEGIF, JPG ऐसे बहुत से रास्टर ग्राफिक्स हैं।
वेक्टर को रास्टर में परिवर्तित किया जाता है परन्तु रास्टर को वेक्टर में परिवर्तित करना कठिन है। रास्टर इमेजों को शेयर करना सरल होता है परन्तु वेक्टर ग्राफिक्स की तुलना में इन्हें परिवर्तित करना कठिन होता है।
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