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बी काम - एम काम >> बीकाम सेमेस्टर-2 वित्तीय लेखांकन बीकाम सेमेस्टर-2 वित्तीय लेखांकनसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीकाम सेमेस्टर-2 वित्तीय लेखांकन - सरल प्रश्नोत्तर
महत्त्वपूर्ण तथ्य
जलयान या जहाज (Ship) - समुद्री यात्रा में एक बन्दरगाह से दूसरे बन्दरगाह को माल तथा सवारी जलयान या जहाज द्वारा पहुँचाई जाती हैं। छोटे आकार के जहाज को स्टीमर (Steamer) तथा बड़े आकार के जहाज को वैसिल (Vessel) कहते हैं।
जहाजरानी व्यापार ( Shipping Business ) - समुद्री मार्ग द्वारा माल लाने तथा ले जाने के व्यवसाय को जहाजरानी व्यापार कहते हैं, इसमें जलयान या जहाजों का प्रयोग किया जाता है।
कार्गो ( Cargo) - माल से भरे हुए जहाज को कार्गो ( Cargo) कहा जाता है।
समुद्री यात्रा (Voyage ) - जहाज द्वारा एक बन्दरगाह से दूसरे बन्दरगाह को माल तथा सवारी ले जाना समुद्री यात्रा कहलाती है। समुद्री यात्रा दो प्रकार की होती है-
बाह्य यात्रा (Outward Journey) - जब जहाज किसी बन्दरगाह से देश के ही किसी अन्य बन्दरगाह को अथवा किसी विदेशी बन्दरगाह को यात्रा पर जाता है तो यह बाह्य यात्रा कहलाती है। जैसे कोलकाता बन्दरगाह से रंगून को माल ले जाना बाह्य यात्रा कही जायेगी ।
वापसी यात्रा (Return Journey) - जब किसी अन्य बन्दरगाह से माल लेकर लौटा जाता है तो इसे वापसी यात्रा कहा जाता है। जैसे रंगून से कलकत्ता के लिए वापस जहाज लाना वापसी यात्रा कही जायेगी।
समुद्री यात्रा की अवधि (Period of Voyage ) - समुद्री यात्रा की अवधि में प्रारम्भिक बन्दरगाह पर माल लदान (Loading) में लगने वाले दिन, बन्दरगाह पर खड़े रहने के दिन, दूसरे बन्दरगाह तक पहुँचने में लगने वाले दिन, माल उतारने (Unloading) में लगने वाले दिन, आदि सभी का योग शामिल करते हैं। जितने दिन जहाज माल लादने तथा उतारने के लिए बन्दरगाह पर खड़ा रहता है उसे बन्दरगाह दिवस (Port days) कहा जाता है।
यात्रा खाते के डेबिट पक्ष की मदें
एड्रेस कमीशन
बंकर लागत
बन्दरगाह व्यय
जहाज पर माल चढ़ाने तथा उतारने के व्यय
बीमा
जहाज का ह्रास
प्रबन्धक का कमीशन
स्थायी व्यय
यात्रा खाते के क्रेडिट पक्ष की मदें
अर्जित भाड़ा
यात्री भाड़ा
अतिरिक्त भाड़ा या प्राइमेज
कोयला, डीजल आदि का अन्तिम स्कन्ध
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