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बी एड - एम एड >> बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-C - लिंग, विद्यालय एवं समाज बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-C - लिंग, विद्यालय एवं समाजसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-C - लिंग, विद्यालय एवं समाज
प्रश्न- राजनीति में आरक्षण की क्या भूमिका है?
उत्तर-
आरक्षण निश्चित ही राजनीतिक अनिश्चितताओं में भूमिका निभाता है। वस्तुतः सभी राजनीतिक श्रेणियां ऐतिहासिक रूप से बनी हैं, फिर भी कुछ आज की बनी श्रेणियां के मुताबिक अधिक "प्राकृतिक" लगती हैं। अनुसूचित जातियां, अनुसूचित जनजातियां और अन्य-पिछड़े वर्ग मूल रूप से स्वतंत्रता-पूर्व भारत में बनाई गई सामाजिक-प्रशासनिक श्रेणियां हैं (जोकले, 2003), जो कि आरक्षण नीति के माध्यम से राजनीतिक श्रेणियां बन गई हैं। महिलाएं तुलनात्मक रूप से इन तथ्यों के कारण किसी भी राजनीतिक श्रेणी के रूप में वितारित भिन्न दिखाई पड़ती हैं:
- लिंग अधिकार - अधिकतर रूप से लिंग या "युवा जीवनवैज्ञानिक" तथ्य द्वारा परिभाषित किया जाता है।
- महिलाएं विविध-विस्तृत हैं - कह सकते हैं, विभिन्न समुदायों में कि जाति, वर्ग, धर्म अथवा क्षेत्र द्वारा परिभाषित होते हैं।
महिला चुनावी आरक्षण की उपयोगिता आधुनिक प्रकृति के साथ प्रभाव दो बिंदुओं को बड़ी आवश्यकता में तुलनात्मक रूप में देखा जा सकता है। एक ओर आरक्षण सर्वसम्मति, जब भी वे अपेक्षाकृत छोटे जनसमूह (अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजातियां) हेतु व्यवहार हो, सरकार एक ऐसे स्तर तक जहां राजनीतिक जीवन के पारंपरिक सीमित हो (स्थानीय प्रशासन)। दूसरी ओर, राज्यीय एवं राष्ट्रीय स्तरों पर बड़ी संख्या (महिलाएं एवं अन्य-पिछड़े वर्ग) को सम्मिलित करने वाली श्रेणियों द्वारा उठाया गया विवाद (ई.पी.डब्ल्यू. 2006)।
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