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बी एड - एम एड >> बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-C - लिंग, विद्यालय एवं समाज बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-C - लिंग, विद्यालय एवं समाजसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-C - लिंग, विद्यालय एवं समाज
प्रश्न- घरेलू हिंसा का अर्थ एवं परिभाषा बताइए!
उत्तर-
घरेलू द्वार से हिंसा को घरेलू हिंसा कहा जाता है। किसी महिला का शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, मौखिक, मनोवैज्ञानिक या यौन शोषण किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाना जिसके साथ महिला के पारिवारिक सम्बन्ध हों, घरेलू हिंसा में शामिल है।
घरेलू हिंसा की कानूनी परिभाषा
"घरेलू हिंसा के विरुद्ध महिला संरक्षण अधिनियम की धारा, 2005" में घरेलू हिंसा को परिभाषित किया गया है।
- "प्रतिवादी का कोई बर्ताव, भूल या किसी और को काम करने के लिए नियुक्त करना, घरेलू हिंसा में माना जाएगा।"
- किसी महिला को चोट करना या पीड़ित व्यक्ति को स्वास्थ्य, जीवन, अंगों या हित को मानसिक या शारीरिक तौर से खतरे में डालना या ऐसा करने की नीयत रखना और इसमें शारीरिक, यौनिक, मौखिक और भावनात्मक और आर्थिक शोषण शामिल हैं।
- दहेज या अन्य सम्पत्ति या मूल्यवान प्रतिफल की अवैध मांग को पूरा करने के लिए महिला या उसके रिश्तेदारों को मजबूर करने के लिए यातना देना, नुकसान पहुँचाना या जोखिम में डालना; या
- पीड़िता या उसके निकट सम्बन्धियों पर उपयोग वाक्यांश (क) या (ख) में सम्मिलित किन्हीं कारणों के आधार पर तीव्र भयंकरता का प्रभाव होना; या
- पीड़िता को शारीरिक या मानसिक तौर पर क्षोभ करना या नुकसान पहुँचाना।
शिकायत करने के व्यवहार या आचरण घरेलू हिंसा के दायरे में आता है या नहीं, इसका निर्णय प्रत्येक मामले के तथ्य विशेष के आधार पर किया जाता है।
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