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बी एड - एम एड >> बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-C - लिंग, विद्यालय एवं समाज बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-C - लिंग, विद्यालय एवं समाजसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-C - लिंग, विद्यालय एवं समाज
प्रश्न- घरेलू हिंसा की शिकायत कौन दर्ज करा सकता है?
लघु उत्तरीय प्रश्न
- घरेलू हिंसा की शिकायत किसे दर्ज करवा सकते हैं?
- दुर्व्यवहार से पीड़ित महिला को क्या अधिकार प्राप्त हैं?
उत्तर-
घरेलू हिंसा किया जा चुका हो या किया जाने वाला हो या किया जा रहा हो, की सूचना कोई भी व्यक्ति संरक्षण अधिकारी को दे सकता है। इसके लिए सूचना देने वाले पर किसी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं तय की जाएगी। पीड़ित के लिए आप इस कानून के तहत संरक्षण अधिकारी या ‘सेवा प्रदाता’ से संपर्क कर सकते हैं। पीड़ित के लिए एक ‘संरक्षण अधिकारी’ संपर्क का पहला बिंदु है। संरक्षण अधिकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष कार्यवाही शुरू करने और एक सुरक्षित आश्रय या चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में मदद कर सकते हैं। प्रत्येक राज्य सरकार अपने राज्य में संरक्षण अधिकारी नियुक्त करती है। ‘सेवा प्रदाता’ एक ऐसा संगठन है जो महिलाओं की सहायता करने के लिए काम करता है और इस कानून के तहत पंजीकृत है। पीड़िता सेवा प्रदाता से, उसकी शिकायत दर्ज कराने अथवा चिकित्सा सहायता प्राप्त करने अथवा रहने के लिए एक सुरक्षित स्थान प्रदान करने हेतु संपर्क कर सकती है। भारत में सभी पंजीकृत सुरक्षा अधिकारियों और सेवा प्रदाताओं की एक डेटाबेस यहां उपलब्ध है। सीधे पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट से भी संपर्क किया जा सकता है। आप मजिस्ट्रेट-फर्स्ट क्लास या मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट से भी संपर्क कर सकते हैं, किंतु कई मामलों में मजिस्ट्रेट से संपर्क करना यह आपके और प्रतिवादी के निवास स्थान पर निर्भर करता है। 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में अनुपम मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट से संपर्क करने की आवश्यकता हो सकती है।
यदि घरेलू हिंसा की कोई सूचना किसी पुलिस अधिकारी या संरक्षण अधिकारी या मजिस्ट्रेट को दी गई हो तो उनके द्वारा पीड़िता को जानकारी देना होगी कि उसके साथ किस प्रकार दुर्व्यवहार किया जा रहा है तथा उसे कौन प्रताड़ित कर रहा है। उसे निम्नलिखित अधिकार भी प्राप्त हैं—
(क) उसे संरक्षण आदेश पाने का
(ख) सेवा प्रदाता की सेवा उपलब्धता
(ग) संरक्षण अधिकारी की सेवा की उपलब्धता
(घ) मुफ्त विधिक सहायता प्राप्त करने का
(ड़) परिवार-वाद दाखिल करने का अधिकार प्राप्त हो। पर संज्ञेय अपराध के लिए पुलिस को कार्रवाई करने से यह प्रावधान नहीं रोकता है।
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