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बी काम - एम काम >> बीकाम सेमेस्टर-1 व्यावसायिक सम्प्रेषण बीकाम सेमेस्टर-1 व्यावसायिक सम्प्रेषणसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीकाम सेमेस्टर-1 व्यावसायिक सम्प्रेषण
प्रश्न- वॉयस मेल, मल्टीमीडिया, टेली-कॉन्फ्रेन्सिंग व टेलीफोन उत्तरदात्री मशीन क्या है?
अथवा
टिप्पणी लिखिए:
(i) वॉयस मेल,
(ii) मल्टीमीडिया,
(iii) टेलीकान्फ्रेन्सिंग या वीडियोकॉन्फ्रेंसिंग
(iv) टेलीफोन उत्तरदात्री मशीन।
उत्तर -
(i) वॉयस-मेल (Voice-mail) : यह ई-मेल का एक रूप है। इसमें संदेश को कालर ( Caller ) की आवाज में भेजा जाता है। यदि संदेश प्राप्तकर्ता उस समय उपलब्ध न हो तो संदेश को वहीं पर छोड़ा जा सकता है।
(ii) मल्टीमीडिया (Multimedia ) : यह कुछ माध्यमों (या एक संयोग combination) है। इसमें ग्रॉफिक्स, संगीत, फोटो, आवाज व विषय ( text ) आदि शामिल होता है। यदि इन सभी को एक साथ किसी कम्प्यूटर पद पर रखा जाय तो ये मल्टीमीडिया बन जायेंगे।
मल्टीमीडिया दो शब्दों मल्टी तथा मीडिया से मिलकर बना है मल्टी का अर्थ कई तथा मीडिया का आशय पैकेज या तत्व जैसे टैक्स्ट, इमेज, ऑडियो, वीडियो, एनीमेशन आदि से है। मल्टीमीडिया सूचना तथा प्रौद्योगिकी का अत्यन्त महत्वपूर्ण एवं लोकप्रिय क्षेत्र है। मल्टीमीडिया में टैक्स्ट, इमेज, आर्ट, ऑडियन वीडियो आदि को किसी कम्प्यूटर या किसी अन्य इलैक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से डिलीवर किया जाता है। वर्तमान में मल्टीमीडिया का उपयोग कई क्षेत्रों जैसे मल्टीमीडिया का उपयोग कई क्षेत्रों जैसे मल्टीमीडिया प्रस्तुतीकरण, मल्टीमीडिया गेम्स आदि में बहुत ज्यादा होता है। मल्टीमीडिया किसी वस्तु के प्रस्तुतीकरण का सर्वोत्तम साधन होता है।
प्रत्येक सूचना को किसी साधन (मीडिया) द्वारा ही प्रस्तुत किया जा सकता है। जिस सूचना को प्रस्तुत करने हेतु एक साथ एक से ज्यादा माध्यमों का उपयोग किया जाता है, उसे मल्टीमीडिया कहते हैं। यह कम्प्यूटर तथा यूजर्स के मध्य दो तरफा सम्प्रेषण स्थापित करता है।
मल्टीमीडिया के लाभ (Advantages of Multimedia) - आधुनिक डिजिटल युग में मल्टीमीडिया का महत्व बहुत ज्यादा हो गया है। सम्प्रेषण का यह सबसे अच्छा एवं आसान साधन है, इसमें सम्प्रेषण करने के कई साधन उपलब्ध हैं। मल्टीमीडिया के लाभ निम्नलिखित हैं-
1. मल्टीमीडिया की मदद से किसी भी जानकारी अथवा सूचना को आसानी से किसी भी मीडिया जैसे वीडियो, इमेज, ऑडियो, टैक्स्ट, एनीमेशन आदि के जरिए प्राप्त कर सकते हैं।
2. मल्टीमीडिया से किसी भी सूचना को कहीं भी तुरन्त भेज या हस्तान्तरित कर सकते हैं।
(iii) टेलीकॉन्फ्रेसिंग अथवा वीडियोकॉन्फ्रेंसिंग (Teleconferencing Vedeoconferencing) : टेलीकॉन्फ्रेन्सिंग या वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग लोगों को एक साथ एक स्थान पर हुए बिना ही मिलने की सुविधा प्रदान करता है। वे एक-दूसरों को सुन व देख सकते हैं। यह आपसी विचार-विमर्श का अत्यन्त उपयोगी साधन है। वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग तकनीक दृश्यता एवं आवाज को एक साथ जोड़कर बातचीत में वास्तविकता का अनुभव कराती है। वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से न केवल प्रपत्र एवं वस्तुओं की छवि को भेजा जा सकता है वरन् दो किनारों पर बैठे बातचीतकर्ता इस तरह अन्तर्क्रिया कर सकते हैं जैसे कि वे आमने-सामने बैठे हों।
वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के लिए विभिन्न उपकरणों जैसे कैमरा, पी.सी.आई. टेलीविजन सैट, मॉनीटर, डॉक्यूमेन्ट स्टेण्ड, व्हाइट बोर्ड, सॉफ्टवेयर वेन/लेन आदि की आवश्यकता होती है।
वीडियो कॉन्फ्रेसिंग का उपयोग विशेष रूप से किसी बैठक या सम्मेलन के लिए तब किया जाता है, जब कई लोग अलग-अलग स्थानों में बैठे हो वीडियो कान्फ्रेन्सिंग माध्यम से अभिलेखों एवं कम्प्यूटर पर चल रही सूचनाओं का आदान-प्रदान भी किया जा सकता है। विश्व में इस माध्यम का सार्वजनिक उपयोग उत्तरी अमेरिका तथा अफ्रीका के बीच किया गया था। अब वीडियो कान्फ्रेसिंग की सुविधा मोबाइल फोन पर भी उपलब्ध होने लगी है।
लाभ (Advantages ) : इसके निम्नलिखित लाभ होते हैं :
1. आमने-सामने बातचीत की भाँति,
2. सम्बन्धों में निरन्तरता,
3. शीघ्र सम्पर्क,
4. दृश्य व दृश्य-श्रव्य संदेशों का संयोग,
5. सहभागिता,
6. प्रत्यक्ष प्रतिवेदन सम्भव।
हानियाँ (Disadvantages) : टेली कॉन्फ्रेसिंग की हानियाँ अग्रवत हैं -
1. महंगा साधन तथा कम प्रयोग,
2. छोटे संगठनों हेतु अनुपयुक्त।
(iv) दूरभाष उत्तरदात्री मशीन (Telephone Answering Machine ) : यदि दूरभाष संदेश आने पर कोई व्यक्ति वहाँ पर उपस्थित न हो तो ऐसी दशा में काल की जब घंटी बजती है तो मशीन पूर्व से भरे हुए ( pre-recorded) संदेश को बोलती है। प्रायः इसका प्रयोग रेलवे स्टेशनों, एअरलाइन के पूछताछ कार्यालयों में किया जाता है। ऐसे संदेश प्रायः नैत्यिक प्रकृति के होते हैं।
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