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बी काम - एम काम >> बीकाम सेमेस्टर-1 व्यावसायिक सम्प्रेषण बीकाम सेमेस्टर-1 व्यावसायिक सम्प्रेषणसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीकाम सेमेस्टर-1 व्यावसायिक सम्प्रेषण
प्रश्न- प्रस्ताव से आपका क्या आशय है? प्रस्ताव लेखन में कौन-कौन से कदम उठाये जाते हैं? समझाइये।
उत्तर -
प्रस्ताव का आशय
(Meaning of Proposal)
व्यवसाय को आमंत्रित करने या माँगने के लिए प्रस्ताव का उपयोग किया जाता है। यह किसी कार्य को पूर्ण करने के लिए एक आग्रहपूर्ण क्रिया होती है। प्रबन्ध परामर्शदाता, निर्यात सलाहकार, ठेकेदार आदि अपने सम्भावित मुवक्किलों के पास प्रस्ताव फाइल करते हैं। प्रस्ताव लघु अथवा दीर्घ हो सकता है। प्रस्ताव लेखन में शुद्धता से समझौता किया जा सकता है क्योंकि इसका उद्देश्य मुवक्किल से आग्रह करना होता है। प्रस्ताव में प्रतिवेदन के कुछ तत्व रहते हैं।
प्रस्ताव लेखन में उठाए जाने वाले कदम
(Steps to be taken in Proposal Writing)
प्रस्ताव लेखन में उठाए जाने वाले कदम या अवस्थाएँ निम्नलिखित हैं-
I. पूर्व- लेखन अवस्था (Prewriting Stage) - इस चरण में प्रस्ताव - लेखक द्वारा प्रस्ताव के प्रयोजन की पहचान की जाती है। वह यह जानने का प्रयास करता है कि मुवक्किल प्रस्ताव के बारे में क्यों जानना चाहता है। सम्भावित मुवक्किल की आवश्यकताओं को जानने के पश्चात् प्रस्ताव लेखक अपने सम्भावित मुवक्किल का ध्यान आकृष्ट कर सकता है।
II. लेखन अवस्था (Writing Stage) - प्रस्ताव को एक मानकीकृत प्रारूप में लिखा जाता
है। ऐसा मानकीकृत प्रारूप निम्नलिखित बातों को शामिल करता है -
स्थिति की पृष्ठभूमि,
समस्या का विवरण,
समस्या समाधान का उपागम,
समंक संकलन की तकनीकें,
अनुसंधान कार्य करने के तरीके,
उठाए जाने वाले विभिन्न विशिष्ट कदम,
प्रस्तावित परिणाम,
बजट,
कार्य पूर्ण करने हेतु अनुमानित समयावधि आदि।
प्रथम प्रारूप तैयार करने में यह ध्यान रखना चाहिए कि यह तर्कपूर्ण हो। विस्तृत स्पष्टीकरण तथा तकनीकी तथ्यों को तब तक न दिया जाय जब तक कि मुवक्किल ने इनकी माँग न की हो।
III. पुनरीक्षण अवस्था (Revising Satge ) - इस अवस्था में प्रस्ताव लेखक को प्रस्ताव की समीक्षा करनी चाहिए। उसे सभी तथ्यों की जाँच करनी चाहिए तथा आशावादी भाव को सुनिश्चित करना चाहिए। प्रस्ताव की प्रूफ रीडिंग सावधानी से की जानी चाहिए।
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