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बीकाम सेमेस्टर-1 व्यावसायिक सम्प्रेषण

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2022
पृष्ठ :180
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2669
आईएसबीएन :0

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बीकाम सेमेस्टर-1 व्यावसायिक सम्प्रेषण

प्रश्न- ग्राफ क्या होते हैं? प्रतिवेदन लेखन में इनका क्या महत्व होता है?

उत्तर -

ग्राफ
(Graph)

ग्राफ दो चरों (कभी-कभी तीन वीमापो का उपयोग करके) के बीच चित्रात्मक सम्बन्ध को प्रस्तुत करते हैं। वे समंकों के बड़ी मात्रा की छवि को उपयोग किए बिना आसानीपूर्वक एवं शीघ्रता से प्रवृत्तियों या चक्रीय परिवर्तनों को जानने में पाठक की मदद करते हैं। ग्राफ को बनाने के उद्देश्य से एक विशिष्ट प्रकार कागज बनाया गया है जिसे ग्राफ पेपर कहते हैं। ग्राफ पर बना चित्र, चित्र अथवा चार्ट अथवा ग्राफ कहलाता है। सामान्य रूप से ग्राफ का उपयोग व्यावसायिक प्रतिवेदनों अथवा अन्य सम्प्रेषण में किया जाता है जिसे कि नीचे समझाया जा रहा है.

 

1. रेखा ग्राफ (Line Graphs - ) रेखा ग्राफ के साथ दो चरों (जैसे समय व बिक्री) के बीच सम्बन्ध को प्रदर्शित करता है। ये विभिन्न अवधियों में बिक्री, लाभ, क्षमता उपयोग आदि में परिवर्तनों को इंगित करने में बहुत सहायक होते हैं।

गुण (Merits) - रेखा ग्राफ के गुण निम्नलिखित हैं -

(i) ये विभिन्न चरों की तुलना की सुविधा देते हैं।
(ii) रेखाओं को ऊपर एवं नीचे करके मूल्यों में वृद्धि या कमी को स्पष्टतया इंगित किया जा सकता है।
(iii) रेखाओं पर प्रतीक होने से रेखा स्पष्टता बढ़ती है।

दोष (Demerits) ये निम्नलिखित हैं -

(i) कई चरों के प्रकटीकरण से श्रम बढ़ता है।
(ii) सही एवं संक्षिप्त करना कठिन होता है।

2. दण्ड ग्राफ (Bar Graphs ) - दण्ड ग्राफ दण्डों की लम्बाई से व्यक्त होने वाली मात्राओं में अन्तर की तुलना करते हैं। ये दण्ड लम्बवत् या समतल रूप में हो सकते हैं।

गुण (Merits) - दण्ड ग्राफ के गुण निम्नलिखित हैं-

(i) दण्ड ग्राफ को बनाना सरल होता है।
(ii) रंग एवं आड़े- रेखन से प्रतिवेदन में दृश्य संकेत को बढ़ाया जा सकता है।
(iii) दण्ड ग्राफ में तुलनाएँ एवं प्रवृत्तियाँ स्पष्टतया देखी जा सकती हैं।

हानियाँ (Demerits) - विभिन्न मदों की तुलना को प्रदर्शित करना कठिन होता है।

3. उप-वर्गीकृत दण्ड ग्राफ (Sub-divided Bar Graphs ) - उप-वर्गीकृत दण्ड ग्राफ का उपयोग तब किया जाता है जब कुल परिमाण तथा इसके उप-वर्गीकृत भागों को प्रदर्शित करना होता है।

गुण (Merits) - उप-वर्गीकृत ग्राफ के गुण निम्नलिखित हैं-

(i) रंग एवं क्रॉस रेखन से दृश्य प्रभाव बढ़ता है।
(ii) ये ग्राफ विभिन्न अवधियों में प्रत्येक चर के आनुपातिक भाग को प्रदर्शित करते हैं।
(iii) ये ग्राफ परिवर्तनीय मदों के भाग की कमी या वृद्धि की तुलना करते हैं।

दोष- ये निम्नलिखित हैं-

(i) अवधि के दौरान विभिन्न मदों के अनुपातिक भागों की तुलना को सपष्ट रूप से प्रदर्शित करना कठिन होता है।
(ii) एक व्यक्ति को विभिन्न मदों के आनुपातिक भाग की सटीक जानकारी नहीं हो सकती।

4. द्विदिशा दण्ड ग्राफ (Bidirectional Bar Graph) - द्विपक्षीय दण्ड ग्राफ समय या स्थान के साथ परिमाणों में कमी या वृद्धि के विचलनों को प्रदर्शित करते हैं। द्विपक्षीय दण्ड बनाते समय निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना होता है -

(i) समय को समतल किनारों पर व्यक्त करना चाहिए।
(ii) लम्बवत् किनारों पर वृद्धि या कमी वाले विचलनों को व्यक्त करना चाहिए।

5. XY प्रकीर्ण ग्राफ (XY Scatler Graph) XY - प्रकीर्ण ग्राफ सम एवं विषम अन्तरालों में कई समंकों में अंकीय मानों के बीच सम्बन्ध को दिखाते हैं।

6. बुलबुला ग्राफ (Bubble Graph) - यह ग्राफ भी सापेक्षिक आकार वाला XY प्रकीर्ण ग्राफ होता है।

7. क्षेत्र ग्राफ (Area Graph) - क्षेत्र ग्राफ रेखा ग्राफ की तरह बनाए जाते हैं परन्तु रेखा के अधीन क्षेत्र या स्थान को रंगों या आड़े रेखन से भरा जाता है।

 

8. स्तम्भ दण्ड ग्राफ (Column Bar Graph) - स्तम्भ दण्ड ग्राफ एक से ज्यादा चरों की एक साथ मात्राओं को दिखाता है तथा अधिक समय या स्थान में तुलना करता है।

गुण (Merits) - ये निम्नलिखित हैं -

(i) स्तम्भ दण्ड ग्राफ में अधिक समय या स्थान में विभिन्न मदों की तुलना की जाती है।
(ii) रंग एवं क्रॉस-रेखन से दृश्य अपील में सुधार होता है।
(iii) समंकों हेतु शीर्षकों एवं उप-शीर्षकों को आसानी से अपनाया जा सकता है।

दोष (Demerits) - स्तम्भ दण्ड ग्राफ के दोष निम्नलिखित होते हैं -

(i) अत्यधिक मदों को शामिल किए जाने से दृश्य प्रभाव घट जाता है।
(ii) चरों के बीच एकदम सही अन्तर को समझना कठिन होता है।

9. पाई चार्ट (Pie Charts) - ये चार्ट विभिन्न खण्डों में उप-विभाजित पाई चक्रों में सम्पूर्ण सूचना (100% में व्यक्त) को प्रदर्शित करते हैं।

गुण (Merit) - पाई चार्टों के गुण निम्नलिखित हैं -

(i) मान, शीर्षक आलेख आदि को चार्ट के नीचे, ऊपर, भीतर या एक ओर रखा जा सकता है।
(ii) एक अवधि के भीतर विभिन्न मदों का आनुपातिक भाग बहुत स्पष्ट एवं यथार्थ रूप में प्रदर्शित किया जाता है।
(iii) पाई चार्टों को लिखित एवं मौखिक प्रस्तुतीकरण के लिए बेहतर एवं प्रभावपूर्ण तरीके से उपयोग किया जा सकता है।

दोष (Demerits) - ये निम्नलिखित हैं-

(i) बहुत अधिक भागों एवं मानों का उपयोग अन्तरों को विकृत कर सकता है।
(ii) मानव नेत्रों के लिए यह बहुत कठिन होता है कि वे ग्राफ में प्रत्येक भाग द्वारा आच्छादित क्षेत्र को शीघ्र पकड़ सकें।
(iii) पाई चार्ट दो अवधियों के मानों की तुलना नहीं कर पाते।

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