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बी काम - एम काम >> बीकाम सेमेस्टर-1 व्यावसायिक सम्प्रेषण बीकाम सेमेस्टर-1 व्यावसायिक सम्प्रेषणसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीकाम सेमेस्टर-1 व्यावसायिक सम्प्रेषण
प्रश्न- प्रतिवेदन का संगठनात्मक स्वरूप या ढाँचा बताइये।
उत्तर -
प्रतिवेदन का संगठन या प्रारूप
(Form of Report )
1. पत्र प्रारूप;
2. मेमो प्रारूप:
3. पत्र - मूल विषयक संयोग प्रारूप।
1. पत्र प्रारूप वाला प्रतिवेदन : मुख्य बातें: इसकी मुख्य निम्नलिखित होती है -
(i) प्रायः प्रथम व्यक्ति में लिखा होना,
(ii) शीर्षक, तिथि, पता, अभिवादन, ढाँचा, परिचय, परिणाम, सिफारिशें, पूरक समापन व हस्ताक्षर इसके मुख्य भाग होते हैं।
2. मेमो या मेमोरेण्डम प्रारूप :
(i) तैयार करना सरल होना;
(ii) ऊपर तिथि लिखना;
(iii) मूल विषय का विभिन्न अनुच्छेदों में विभाजित होना;
(iv) शीर्षक एवं उप- शीर्षक।
मेमोरेण्डम
प्रति- श्री दीपक मेनन दिनांडू: अप्रैल 12, 2017
प्रेषक - दिनेश ठाकुर
विषय : एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता श्री जे. पी. सिंह के साथ श्री के. पी. वर्मा द्वारा किया गया दुर्व्यवहार।
यहाँ आप द्वारा वाँछित प्रतिवेदन दिया जा रहा है
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3. पत्र व मूल विषय युक्त अनुवेदन: इसमें निम्नांकित भाग होते हैं :
(i) परिचय;
(ii) ढाँचा:
(iii) जोड़ या परिशिष्ट।
(i) परिचय :
(i) प्रस्तुतीकरण पत्र,
(ii) शीर्षक,
(iii) विषय सामग्री,
(iv) उदाहरण,
(v) सारांश।
2. ढाँचा या संरचना :
(i) परिचय,
(ii) विवरण,
(iii) सूची,
(iv) सिफारिशें।
3. परिशिष्ट या जोड़ :
(i) संदर्भ.
(ii) शब्दावली.
(iii) उपसंहार,
उपर्युक्त सभी बिन्दुओं को अग्रवत स्पष्ट किया जा रहा है
(1) संदर्भ पत्र या प्रस्तुतीकरण पत्र : यह लेखक से प्राप्तकर्ता को भेजा जाने वाला पत्र होता है।
(i) अन्तरण का स्थाई अभिलेख होना;
(ii) दिनांक होना;
(iii) लेखक का नाम व प्रास्थिति होना;
(2) शीर्षक : इसमें निम्न को शामिल किया जाता है:
(i) विषय सामग्री:
(ii) प्रतिवेदन का शीर्षक
(iii) पता;
(iv) तिथि:
(v) लेखक का नाम
(3) विषय सारणी : इसमें सारणियाँ व अध्याय के शीर्षक होते हैं।
(4) उदाहरण : इन्हें विषय सारणी के पश्चात् दिया जाता है।
(5) सारांश : इसे लम्बी रिपोर्ट की दशा में तैयार संदर्भ हेतु दिया जाता है।
(6) ढाँचा :
(i) परिचय :
(a) ऐतिहासिक पृष्ठभूमि,
(b) समंक संग्रहण विधियाँ
(c) कतिपय शब्दों की परिभाषाएँ।
(ii) विवरण: यह प्रतिवेदन का मुख्य भाग है। इन्हें चार्ट, ग्राफिक्स, डायग्राम, समंक सारणी आदि दी जाती है।
(iii) उपसंहार व संस्तुतियाँ: 'परिणाम' शीर्षक के अन्तर्गत दिया जाता है। इसमें सुझाव या सिफारिशों को लिखा जाता है।
(7) जोड़ या परिशिष्ट :
(i) संदर्भ : इसे या तो पाद-टिप्पणी के रूप में अथवा अन्त में लिखा जा सकता है।
(ii) शब्दावली : लेखक इसमें कठिन शब्दों को लिखता है।
(iii) संक्षिप्त जोड़ : चार्ट, डायग्राम व साँख्यिकीय आँकड़े जो कि प्रतिवेदन के मुख्य भाग में नहीं दिये जा सकते, इसमें पृथक रूप से दिये जाते हैं।
(8) हस्ताक्षर : इस भाग में प्रतिवेदन लेखक के हस्ताक्षर व तिथि लिखी जाती है।
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