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इतिहास >> ईजी नोट्स-2019 बी. ए. प्रथम वर्ष प्राचीन इतिहास प्रथम प्रश्नपत्र ईजी नोट्स-2019 बी. ए. प्रथम वर्ष प्राचीन इतिहास प्रथम प्रश्नपत्रईजी नोट्स
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बी. ए. प्रथम वर्ष प्राचीन इतिहास प्रथम प्रश्नपत्र के नवीनतम पाठ्यक्रमानुसार हिन्दी माध्यम में सहायक-पुस्तक।
प्रश्न 4. मिहिरभोज के विषय में बताइए।
उत्तर -
मिहिरभोज- मिहिरभोज (836-882 ई.)गुर्जर-प्रतिहार वंश का सर्वाधिक
महत्वपूर्ण शासक था। लेखों के अतिरिक्त कल्हण अरब यात्री सुलेमान के विवरणों
से भी हमें उसके काल की घटनाओं की जानकारी मिलती है। इसका नाम दंतकथाओं में
भी प्रसिद्ध है। मिहिरभोज योग्य, शक्तिशाली तथा महत्वाकांक्षी शासक होने के
कारण प्रतिहार साम्राज्य का पर्याप्त विस्तार कर सका। वह कन्नौज को अपनी
राजधानी बनाने में सफल रहा। इसके साथ ही मिहिरभोज ने राजपूताना, मालवा,
मध्यप्रदेश और कालिंजर (बरह और दै पर ताम्रपत्र) में अपनी शक्ति संगठित की।
प्रारम्भ में बंगाल के देवपाल से पराजित हो जाने के कारण पूर्व में उसके
राज्य का विस्तार न हो सका। उसने 842-860 ई. के बीच इतनी शक्ति संगठित कर ली
कि राष्ट्रकूट ध्रुव पर आक्रमण कर दिया किंतु यहाँ उसे हार का सामना करना
पड़ा। त्रिपक्षीय संघर्ष में वह पाल तथा राष्ट्रकूट दोनों शासकों से पराजित
हुआ। कलचुरी शासक कोकल्ल ने भी उसे पराजित किया, किंतु मिहिरभोज ने देवपाल के
निर्बल उत्तराधिकारी नारायण को हराकर उसके राज्य का काफी बड़ा भाग अपने अधीन
कर लिया। उसने पुनः राष्ट्रकूट कृष्ण द्वितीय को संभवतः नर्मदा नदी के किनारे
पराजित किया तथा मालवा और काठियावाड़ पर अधिकार कर लिया।
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