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बी ए - एम ए >> फास्टर नोट्स-2018 बी. ए. प्रथम वर्ष शिक्षाशास्त्र प्रथम प्रश्नपत्र फास्टर नोट्स-2018 बी. ए. प्रथम वर्ष शिक्षाशास्त्र प्रथम प्रश्नपत्रयूनिवर्सिटी फास्टर नोट्स
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बी. ए. प्रथम वर्ष (सेमेस्टर-1) शिक्षाशास्त्र के नवीनतम पाठ्यक्रमानुसार हिन्दी माध्यम में सहायक-प्रश्नोत्तर
प्रश्न- प्राथमिक शिक्षा की प्रमुख समस्याओं का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
अथवा
प्रशासन से सम्बन्धित प्राथमिक शिक्षा की समस्या बताइए।
उत्तर-
हमारे देश को स्वतंन्त्रता मिलने पर सबसे पहले हमने अपनी शिक्षा व्यवस्था को सुधारने का प्रयास किया। शिक्षा को सुधारने के लिए उसका पुनर्मूल्यांकन करना आवश्यक समझा गया तथा पुनर्मूल्यांकन के समय उन्हीं कारणों से सामना हुआ जिनके कारण हमारा देश लम्बे समय तक अशिक्षित रहा था।
प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में निम्नलिखित समस्याओं का सामना करना पड़ता है-
प्रशासन की समस्या
प्राथमिक शिक्षा के प्रसार में केन्द्र तथा राज्यों की भूमिका महत्त्वपूर्ण होती है। इन दोनों के मध्य अच्छे सम्बन्धों का अवसर अभाव पाया जाता है। इसके फलस्वरूप शिक्षा के लिए उत्तरदायी प्रशासनिक अधिकारी विद्यालयों की पूर्णरूप से देखभाल नहीं करते हैं। अनेक अधिकारियों में अपने कार्यों को दूसरे विभाग व अधिकारियों पर थोपने की प्रवृत्ति पाई जाती है। अमेरिका की प्राथमिक शिक्षा का अध्ययन करने पर पाया गया है कि प्राथमिक शिक्षा का दायित्व स्थानीय प्रशासन का होता है जो जन समुदाय के सहयोग से शिक्षा का संचालन करता है। इसी प्रकार इंगलैण्ड में स्थानीय शिक्षा प्राधिकरण, प्राथमिक का दायित्व रहता है। राज्य तथा केन्द्र सरकार आर्थिक सहायता के अलावा अन्य किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करते हैं। हमारे देश में प्रशासन में इस प्रकार की स्पष्टता तथा कार्यकुशलता का अभाव है। इस सम्बन्ध में बलवन्तराय कमेटी के सुझाव इस प्रकार हैं-
1. राज्य की शिक्षा नीति देश की आवश्यकताओं के अनुसार निर्धारित होनी चाहिये।
2. प्राथमिक शिक्षा के विकास के लिए सरकारी तथा गैर सरकारी प्रतिनिधियों की एक परिषद् का निर्माण हो जो इसका समान विकास करे।
3. प्रत्येक विद्यालय के द्वारा आसानी से प्राप्त किये जा सकने वाले मापदण्ड तथा न्यूनतम सीमायें तय किये जाने चाहिये। ये कार्य राज्य सरकार के द्वारा हो।
4. प्रत्येक राज्य को अनिवार्य शिक्षा को लागू करने के लिए प्रभावशाली प्रशासन का गठन करना चाहिये जो इस सम्बन्ध में प्रत्येक उपलब्ध साधनों का लाभ उठा सकें।
5. शिक्षा के लिए धन की आवश्यकता रहती है। राज्य को धन का प्रबन्ध करना चाहिये जिससे शिक्षा का अच्छा प्रबन्ध हो सके।
6. प्राथमिक शिक्षा की सफलता प्रशासक तथा निरीक्षकों पर निर्भर होती है। इस काम के लिए व्यक्तियों को ठीक ढंग से चुना जाये।।
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- प्रश्न- वैदिक काल में गुरुओं के शिष्यों के प्रति उत्तरदायित्वों का वर्णन कीजिए।
- प्रश्न- वैदिककालीन शिक्षा में गुरु-शिष्य के परस्पर सम्बन्धों का विवेचनात्मक वर्णन कीजिए।
- प्रश्न- वैदिक शिक्षा व्यवस्था की प्रमुख विशेषताओं की विवेचना कीजिए। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु यह किस सीमा तक प्रासंगिक है?
- प्रश्न- वैदिक शिक्षा की मुख्य विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
- प्रश्न- प्राचीन भारतीय शिक्षा के कम से कम पाँच महत्त्वपूर्ण आदर्शों का उल्लेख कीजिए और आधुनिक भारतीय शिक्षा के लिए उनकी उपयोगिता बताइए।
- प्रश्न- वैदिककालीन शिक्षा के मुख्य उद्देश्य एवं आदर्श क्या थे? वैदिक काल में प्रचलित शिक्षा के मुख्य गुण एवं दोष बताइए।
- प्रश्न- वैदिककालीन शिक्षा के मुख्य उद्देश्य क्या थे?
- प्रश्न- वैदिककालीन शिक्षा के प्रमुख गुण बताइए।
- प्रश्न- प्राचीन काल में शिक्षा से क्या अभिप्राय था? शिक्षा के मुख्य उद्देश्य एवं आदर्श क्या थे?
- प्रश्न- वैदिककालीन उच्च शिक्षा का वर्णन कीजिए।
- प्रश्न- प्राचीन भारतीय शिक्षा में प्रचलित समावर्तन और उपनयन संस्कारों का अन्तर स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न- वैदिककालीन शिक्षा का मुख्य उद्देश्य ज्ञान का विकास तथा आध्यात्मिक उन्नति करना था। स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न- आधुनिक काल में प्राचीन वैदिककालीन शिक्षा के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न- वैदिक शिक्षा में कक्षा नायकीय प्रणाली के महत्व की विवेचना कीजिए।
- प्रश्न- वैदिक कालीन शिक्षा पर प्रकाश डालिए।
- प्रश्न- शिक्षा से आप क्या समझते हैं? शिक्षा के विभिन्न सम्प्रत्ययों का उल्लेख करते हुए उसके वास्तविक सम्प्रत्यय को स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा का अर्थ लिखिए।
- प्रश्न- शिक्षा से आप क्या समझते हैं?
- प्रश्न- शिक्षा के दार्शनिक सम्प्रत्यय की विवेचना कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा के समाजशास्त्रीय सम्प्रत्यय की विवेचना कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा के राजनीतिक सम्प्रत्यय की विवेचना कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा के आर्थिक सम्प्रत्यय की विवेचना कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा के मनोवैज्ञानिक सम्प्रत्यय की विवेचना कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा के वास्तविक सम्प्रत्यय को स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न- क्या मापन एवं मूल्यांकन शिक्षा का अंग है?
- प्रश्न- शिक्षा को परिभाषित कीजिए। आपको जो अब तक ज्ञात परिभाषाएँ हैं उनमें से कौन-सी आपकी राय में सर्वाधिक स्वीकार्य है और क्यों?
- प्रश्न- शिक्षा से तुम क्या समझते हो? शिक्षा की परिभाषाएँ लिखिए तथा उसकी विशेषताएँ बताइए।
- प्रश्न- शिक्षा का संकीर्ण तथा विस्तृत अर्थ बताइए तथा स्पष्ट कीजिए कि शिक्षा क्या है?
- प्रश्न- शिक्षा का 'शाब्दिक अर्थ बताइए।
- प्रश्न- शिक्षा का अर्थ स्पष्ट करते हुए इसकी अपने शब्दों में परिभाषा दीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा से आप क्या समझते हैं?
- प्रश्न- शिक्षा को परिभाषित कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा की दो परिभाषाएँ लिखिए।
- प्रश्न- शिक्षा की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
- प्रश्न- आपके अनुसार शिक्षा की सर्वाधिक स्वीकार्य परिभाषा कौन-सी है और क्यों?
- प्रश्न- 'शिक्षा एक त्रिमुखी प्रक्रिया है।' जॉन डीवी के इस कथन से आप कहाँ तक सहमत हैं?
- प्रश्न- 'शिक्षा भावी जीवन की तैयारी मात्र नहीं है, वरन् जीवन-यापन की प्रक्रिया है। जॉन डीवी के इस कथन को उदाहरणों से स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा के क्षेत्र का वर्णन कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा विज्ञान है या कला या दोनों? स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा की प्रकृति की विवेचना कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा के व्यापक व संकुचित अर्थ को स्पष्ट कीजिए तथा शिक्षा के व्यापक व संकुचित अर्थ में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा और साक्षरता पर संक्षिप्त टिप्पणी दीजिए। इन दोनों में अन्तर व सम्बन्ध स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षण और प्रशिक्षण के बारे में प्रकाश डालिए।
- प्रश्न- विद्या, ज्ञान, शिक्षण प्रशिक्षण बनाम शिक्षा पर प्रकाश डालिए।
- प्रश्न- विद्या और ज्ञान में अन्तर समझाइए।
- प्रश्न- शिक्षा और प्रशिक्षण के अन्तर को स्पष्ट कीजिए।










