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बीकाम सेमेस्टर-5 माल एवं सेवा कर

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2023
पृष्ठ :180
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2807
आईएसबीएन :0

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बीकाम सेमेस्टर-5 माल एवं सेवा कर - सरल प्रश्नोत्तर

प्रश्न- क्रेडिट विभाजन सम्बन्धी प्रावधान बताइये।

उत्तर -

क्रेडिट विभाजन सम्बन्धी प्रावधान
(Provisions on Apportionment of Credit)

[ धारा 17 (1) (2) तथा केन्द्रीय माल तथा सेवाकर नियमावली का नियम 42 तथा 43] - कुछ दशाओं में माल या सेवाओं या पूँजीगत माल पर पूर्ण इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध नहीं हो सकती। इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं-

1. अन्तर्गमन आपूर्तियाँ आंशिक रूप से व्यावसायिक प्रयोजन तथा आंशिक रूप से अन्य प्रयोजनों हेतु प्रयुक्त होती हैं।

2. अन्तर्गमन आपूर्तियों का उपयोग आंशिक रूप से करयोग्य आपूर्तियाँ तथा आंशिक रूप से करमुक्त आपूर्तियाँ करने हेतु होता है।

(I) आनुपातिक क्रेडिट (Proportionate Credit) - निम्नांकित दशाओं में अन्तर्गमन आपूर्तियों पर इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त नहीं हो सकता, परन्तु आनुपातिक इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया जा सकेगा -

• जहाँ एक पंजीयत व्यक्ति द्वारा माल एवं / अथवा सेवाओं अथवा दोनों को अंशतः व्यवसाय के प्रयोजनार्थ तथा अंशतः अन्य प्रयोजनों हेतु उपयोग में लाया गया हो।

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इसी प्रकार जब एक पंजीयत व्यक्ति ने गाल एवं / अथवा सेवाओं अथवा दोनों का उपयोग आंशिक रूप से करयोग्य आपूर्ति करने के प्रयोजनार्थ शून्य दर वाली आपूर्तियों हेतु (विशेष आर्थिक क्षेत्र को आपूर्ति तथा निर्यात) तथा अंशतः छूट प्राप्त आपूर्ति हेतु किया हो, तो ऐसी करयोग्य आपूर्तियों तथा शून्य दर वाली आपूर्तियों पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ पंजीयत व्यक्ति द्वारा लिया जा सकेगा।

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क्रेडिट के समायोजन की स्थितियाँ : आनुपातिक इनपुट टैक्स क्रेडिट

1. अंशतः व्यावसायिक उद्देश्य तथा अंशत: अन्य उद्देश्य (Partly for Business and Party for other Purpose) - जहाँ पंजीकृत व्यक्ति द्वारा माल या सेवाओं या दोनों का उपयोग आंशिक रूप से अपने व्यवसाय के उद्देश्य के लिए और आंशिक रूप से अन्य उद्देश्यों के लिए किया जाता है, तब क्रेडिट की राशि अपने व्यापार के उद्देश्य के लिए दिए इनपुट टैक्स तक सीमित हो जाएगी।

2. अंशतया कराधेय आपूर्ति तथा अंशतया करमुक्त आपूर्ति (Partly Taxable Supply and Partly Exempted Supply) - जहाँ पंजीकृत व्यक्ति द्वारा माल या सेवाओं या दोनों का उपयोग आंशिक रूप से करयोग्य आपूर्ति और आंशिक रूप से छूट प्राप्त आपूर्ति को करने के लिए किया जाता है तब क्रेडिट की राशि करयोग्य आपूर्ति इनपुट टैक्स तक सीमित हो जाएगी।

केन्द्रीय माल तथा सेवाकर अधिनियम, 2017 की धारा 2(47) के अनुसार करमुक्त आपूर्ति का आशय माल / सेवाओं की ऐसी आपूर्ति से है, जिस पर शून्य दर पर कर लागू हो अथवा जो जी.एस.टी. कानून के क अधीन पूर्णरूप से करमुक्त हो अथवा जो एकीकृत कानून के अधीन करमुक्त हो सकती है।

यहाँ करमुक्त आपूर्ति का आशय ऐसी सभी आपूर्तियों से है जिनका करभार किसी पक्षकार को वहन नहीं करना है चाहे उन्हें करमुक्त कहा जाये अथवा नहीं। विचारयोग्य बिन्दु है कि कर भुगतान नहीं करना होता है।

धारा 17 (3) के अनुसार करमुक्त आपूर्ति में निम्नलिखित को शामिल किया जायेगा- 

(a) ऐसी आपूर्तियाँ जिन पर प्राप्तकर्ता प्रतिलोमी प्रभार उगाही का भुगतान करने के लिए दायी
(b) प्रतिभूतियों में लेनदेन।
(c) भूमि की बिक्री।
(d) भवन की बिक्री।

एकीकृत माल तथा सेवाकर अधिनियम, 2017 की धारा 16 के अनुसार शून्य दर वाली आपूर्ति का आशय माल एवं / अथवा सेवाओं की निम्नलिखित किसी कर योग्य आपूर्ति से हैं-

(a) माल व / अथवा सेवाओं का निर्यात,

(b) विशेष आर्थिक क्षेत्र विकासकर्ता अथवा विशेष आर्थिक क्षेत्र इकाई को माल एवं / अथवा सेवाओं की आपूर्ति।

शून्य दर आपूर्ति का आशय काफी प्रतिबन्धित है तथा विशेष आर्थिक क्षेत्र में स्थित इकाई या विशेष आर्थिक क्षेत्र विकासकर्ता को सामान्य निर्यातों या आपूर्ति तक सीमित है।

धारा 17 (5) के अनुसार इनपुट टैक्स का क्रेडिट शून्य दर वाली आपूर्तियों पर उपलब्ध हो सकता है, परन्तु करमुक्त आपूर्तियों के लिए कोई इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध नहीं है।

एक पंजीकृत कराधेय व्यक्ति जो शून्यदर वाली आपूर्ति करता है, तो वह वापसी का दावा करने का पात्र होगा।

निर्यात बिक्री को शून्य दर वाली बिक्री माना जाता है तथा आपूर्तिकर्ता किसी माल तथा सेवाकर को लगाने को दायी नहीं होता। परन्तु निर्यात हेतु खरीदे गए माल पर दिए गए इनपुट टैक्स के सम्बन्ध में क्रेडिट का हकदार होता है।

केन्द्रीय माल तथा सेवाकर अधिनियम, 2017 की धारा 2 (78) के अनुसार गैर-करयोग्य आपूर्ति का आशय माल / सेवाओं की ऐसी आपूर्ति से है जो एकीकृत माल तथा सेवाकर अधिनियम अथवा केन्द्रीय माल तथा सेवाकर अधिनियम के अधीन कर की उगाही के योग्य नहीं हो।

गैर-करयोग्य आपूर्ति को करमुक्त आपूर्ति से भिन्न माना जाता है। केन्द्रीय माल तथा सेवाकर अधिनियम की धारा 7(2)(b) के अधीन बतायी गई गतिविधियाँ माल या सेवा की आपूर्ति में नहीं आती। इन पर माल तथा सेवाकर नहीं लगता।

केन्द्रीय माल तथा सेवाकर अधिनियम की धारा 2 (108) के अनुसार करयोग्य आपूर्ति का आशय माल या सेवाओं की ऐसी आपूर्ति से है जो इस अधिनियम के अधीन कर से उद्ग्रहणीय हो।

 

(II) बैंकिंग / वित्तीय / गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों के सम्बन्ध में इनपुट टैक्स क्रेडिट का विभाजन (Apportionment of ITC for Banking/Financial/Non-Banking Financial Institutions) [धारा 17 (4) ] - केन्द्रीय माल तथा सेवाकर अधिनियम, 2017 की धारा 17 (4) के अनुसार किसी बैंकिंग कम्पनी या किसी ऐसी वित्तीय कम्पनी का, जिसके अधीन ऐसी गैर- बैंकिंग वित्तीय कम्पनी भी है, जो निक्षेपों का प्रतिग्रहण करके ऋणों या अग्रिम धन का विस्तार करके सेवाओं की आपूर्ति करने में लगी हुई है, उपधारा (2) के उपबन्धों का पालन करने का या उस माह के इनपुट पूँजीगत माल एवं निवेश सेवाओं पर उपयुक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट के 50% के बराबर रकम का उपभोग करने का विकल्प होगा और शेष समाप्त हो जायेगा।

इस प्रकार, बैंकिंग कम्पनी अथवा गैर-बैंकिंग कम्पनी सहित वित्तीय संस्थान द्वारा जमा स्वीकार करने ऋण या अग्रिम देने के रूप में दी जाने वाली सेवाओं पर इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने के दो विकल्प होते हैं-

(i) ऐसे व्यक्ति धारा 17 (2) के प्रावधानों के अनुसार इनपुट टैक्स क्रेडिट ले सकते हैं, या

(ii) ऐसे व्यक्ति हर माह इनपुट, पूँजीगत वस्तुओं, और इनपुट सेवाओं पर भुगतान किए गये स्वीकार्य इनपुट टैक्स के 50% के बराबर की राशि का लाभ ले सकते हैं लेकिन इसमें शेष इनपुट टैक्स क्रेडिट समाप्त हो जाएँगे।

उल्लेखनीय है कि एक बार प्रयोग होने वाले विकल्प को वित्तीय वर्ष शेष भाग के दौरान वापस नहीं लिया जा सकता। 50% इनपुट टैक्स क्रेडिट का प्रतिबन्ध ऐसी आपूर्ति पर भुगतान किए गए टैक्स पर लागू नहीं होगा जो एक पंजीकृत व्यक्ति द्वारा एक ही पेन वाले दूसरे पंजीकृत व्यक्ति को करता है। कम्पनी या संस्था इनपुट और इनपुट सेवाओं पर भुगतान किए गए ऐसे कर का क्रेडिट नहीं ले सकेगी जो गैर-व्यावसायिक उद्देश्यों और धारा 17 (5) में निर्दिष्ट आपूर्ति के उपयोग के लिए हो। कम्पनी या संस्था इनपुट टैक्स की शेष राशि का 50% इनपुट टैक्स क्रेडिट ले सकेगी।

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    अनुक्रम

  1. प्रश्न- कर का आशय तथा प्रकार बताइये। अप्रत्यक्ष कर क्या होता है? क्या माल एवं सेवा कर भारत में पहले लागू अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था का उपचार है?
  2. प्रश्न- भारत में पूर्ववर्ती अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था की उन कमियों को बताइये जिन्होंने माल एवं सेवा कर व्यवस्था को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
  3. प्रश्न- स्पष्ट कीजिए कि माल एवं सेवा कर पूर्ववर्ती अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के दोषों का उपचार है।
  4. प्रश्न- माल एवं सेवा कर की अवधारणा समझाइये। इसकी आवश्यकता तथा उद्देश्य क्या हैं?
  5. प्रश्न- माल एवं सेवा कर की आवश्यकता तथा उद्देश्य बताइए।
  6. प्रश्न- माल एवं सेवा कर की प्रमुख विशेषताएँ बताइये।
  7. प्रश्न- भारत में माल एवं सेवा कर इतिहास / पृष्ठभूमि समझाइये।
  8. प्रश्न- केन्द्रीय माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 के अन्तर्गत निम्नलिखित पदों को परिभाषित कीजिए -
  9. प्रश्न- माल एवं सेवा कर नेटवर्क का वर्णन कीजिए।
  10. प्रश्न- माल एवं सेवा कर नेटवर्क के उद्देश्य क्या हैं?
  11. प्रश्न- माल एवं सेवा कर नेटवर्क के लक्षण बताइये।
  12. प्रश्न- जी.एस.टी. नेटवर्क के क्या कार्य है?
  13. प्रश्न- माल एवं सेवा कर परिषद की संरचना तथा कार्यों का वर्णन कीजिए।
  14. प्रश्न- माल एवं सेवा कर परिषद के प्रमुख लक्षण क्या हैं?
  15. प्रश्न- माल एवं सेवा कर परिषद के कार्यों को बताइए।
  16. प्रश्न- माल एवं सेवा कर परिषद की सभाओं के बारे में लिखिए।
  17. प्रश्न- माल एवं सेवा कर के व्यापार, विनिर्माण, सेवा आदि क्षेत्रों पर प्रभाव बताइये।
  18. प्रश्न- माल एवं सेवा कर के निम्नांकित पर प्रभाव बताइये। (a) सेवाप्रदाताओं पर (b) उपभोक्ताओं पर (c) केन्द्रीय सरकार पर (d) राज्य सरकारों पर
  19. प्रश्न- माल एवं सेवा कर के देश पर तथा विशिष्ट क्षेत्रों पर प्रभाव बताइये।
  20. प्रश्न- माल एवं सेवा कर के समग्र प्रभाव बताइये।
  21. प्रश्न- माल एवं सेवा कर के उद्ग्रहण को समझाइये।
  22. प्रश्न- जी.एस.टी. नेटवर्क की सेवाएँ बताइए। इस नेटवर्क के द्वारा करदाता कौन-सी सूचनाएं देते हैं?
  23. प्रश्न- माल एवं सेवा कर के अधीन कर के भुगतान के लिए कौन दायी होता है?
  24. प्रश्न- जी एस टी के लाभ-हानियों का उल्लेख करें-
  25. प्रश्न- केन्द्रीय माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 के अन्तर्गत आपूर्ति से आपका क्या आशय है? इसके क्षेत्र को विस्तारपूर्वक समझाइये।
  26. प्रश्न- आपूर्ति के क्षेत्र का वर्णन कीजिए।
  27. प्रश्न- 'संयुक्त आपूर्ति' व प्रमुख आपूर्ति तथा 'मिश्रित आपूर्ति का आशय बताइये। इनमें अन्तर तथा कर दायित्व का वर्णन कीजिए।
  28. प्रश्न- संयुक्त आपूर्ति पर करदेयता को बताइए।
  29. प्रश्न- मिश्रित आपूर्ति का आशय बताइए।
  30. प्रश्न- मिश्रित आपूर्ति की दशा में करदेयता बताइए।
  31. प्रश्न- संयुक्त आपूर्ति तथा मिश्रित आपूर्ति में अन्तर बताइये।
  32. प्रश्न- आपूर्ति का समय क्या होता है? आपूर्ति के समय पर माल एवं सेवा कर की दरों में परिवर्तन का प्रभाव बताइये।
  33. प्रश्न- माल की आपूर्ति का समय बताइए।
  34. प्रश्न- सेवाओं की आपूर्ति का समय बताइये।
  35. प्रश्न- आपूर्ति के समय पर माल एवं सेवा कर की दरों में परिवर्तन का प्रभाव बताइए।
  36. प्रश्न- आपूर्ति का मूल्य क्या है? इसकी गणना के सम्बन्ध में सामान्य नियम बताइए।
  37. प्रश्न- आपूर्ति के मूल्य के लक्षण बताइए।
  38. प्रश्न- आपूर्ति के मूल्य की गणना के सम्बन्ध में सामान्य नियम बताइये।
  39. प्रश्न- कम्पोजीशन योजना की विशेषताएँ तथा लाभ व हानियाँ बताइए।
  40. प्रश्न- कम्पोजीशन योजना की हानियाँ बताइए।
  41. प्रश्न- आपूर्तिकर्ता तथा प्राप्तकर्ता का स्थान भारत में होने की दशा में सेवाओं की आपूर्ति का स्थान समझाइये।
  42. प्रश्न- सेवाओं की आपूर्ति का स्थान बताइये यदि आपूर्तिकर्ता का स्थान अथवा प्रापक का स्थान भारत के बाहर हो।
  43. प्रश्न- सम्बन्धित व्यक्ति, भिन्न व्यक्ति तथा परिवार में कौन शामिल है?
  44. प्रश्न- वे गतिविधियाँ या लेनदेन बताइये जिन्हें न तो माल की आपूर्ति और न ही सेवा की आपूर्ति के रूप में माना जायेगा।
  45. प्रश्न- अन्तर्गमन तथा बहिर्गमन आपूर्तियाँ क्या होती हैं?
  46. प्रश्न- माल अथवा सेवाओं अथवा दोनों की आपूर्ति का स्थान समझाइये।
  47. प्रश्न- भिन्न अथवा सम्बन्धित व्यक्तियों के मध्य आपूर्ति के मूल्य निर्धारण के नियम बताइये।
  48. प्रश्न- आपूर्ति के मूल्य निर्धारण हेतु निम्नलिखित के बारे में नियम बताइये - एजेण्ट के माध्यम से आपूर्ति
  49. प्रश्न- प्रमुख करमुक्त सेवाओं को बताइये।
  50. प्रश्न- प्रमुख करमुक्त माल की सूची बनाइए।
  51. प्रश्न- निम्नांकित सेवाओं के बारे में माल एवं सेवा कर विधान के अन्तर्गत प्रदत्त करमुक्ति के प्रावधान बताइये- (a) पुण्यार्थ संस्थान द्वारा सेवा, (b) सरकार द्वारा सेवा, (c) धार्मिक सेवा।
  52. प्रश्न- लघु आपूर्तियों पर टिप्पणी लिखिए।
  53. प्रश्न- इनपुट टैक्स क्रेडिट का आशय क्या है? इसकी विशेषताएँ बताइये।
  54. प्रश्न- इनपुट टैक्स क्रेडिट की विशेषताएँ बताइये।
  55. प्रश्न- इनपुट टैक्स क्रेडिट की उपलब्धता के लिए क्या शर्तें निर्धारित की गयी हैं? उनका वर्णन कीजिए।
  56. प्रश्न- इनपुट टैक्स क्रेडिट को प्राप्त करने हेतु शर्तें बताइए।
  57. प्रश्न- केन्द्रीय माल तथा सेवाकर अधिनियम, 2017 की धारा 17 के अन्तर्गत जिन पर इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध नहीं होती है, उनके बारे में बताइये। क्रेडिट विभाजन के बारे में समझाइये।
  58. प्रश्न- क्रेडिट विभाजन सम्बन्धी प्रावधान बताइये।
  59. प्रश्न- सेवा वितरक से आप क्या समझते हैं? इसके द्वारा क्रेडिट का वितरण समझाइये।
  60. प्रश्न- इनपुट सेवा वितरक द्वारा क्रेडिट का वितरण समझाइये।
  61. प्रश्न- माल तथा सेवाकर के अन्तर्गत कर के भुगतान की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए। माल तथा सेवाकर भुगतान प्रक्रिया के प्रमुख लक्षण लिखिए।
  62. प्रश्न- कर भुगतान के प्रमुख लक्षण बताइये।
  63. प्रश्न- माल तथा सेवाकर के अन्तर्गत करों के भुगतान हेतु रखे जाने वाले विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों को समझाइए।
  64. प्रश्न- इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर को समझाइए।
  65. प्रश्न- इलेक्ट्रॉनिक दायित्व रजिस्टर के बारे में बताइए।
  66. प्रश्न- करदाता को कितने प्रकार के रिफण्ड (धन वापसी) उपलब्ध होते हैं? रिफण्ड के दावे की प्रक्रिया समझाइये।
  67. प्रश्न- रिफण्ड के दावे की प्रक्रिया समझाइए।
  68. प्रश्न- अन्यायपूर्ण संवर्धन का सिद्धान्त क्या है? इसकी विशेषताएँ बताइए।
  69. प्रश्न- उपभोक्ता कल्याण कोष को समझाइए।
  70. प्रश्न- माल तथा सेवाकर के अन्तर्गत स्रोत पर कर की कटौती के बारे में क्या व्यवस्था की गई है?
  71. प्रश्न- स्रोत पर कर संग्रह के बारे में लिखिए।
  72. प्रश्न- विवरणी से आप क्या समझते हैं? इसके उद्देश्य बताइए। माल एवं सेवा कर विधान के अधीन विवरणियों को फाइल करने के लिए कौन उत्तरदायी है तथा किसे मुक्ति दी गयी है?
  73. प्रश्न- विवरणियों के उद्देश्य बताइए।
  74. प्रश्न- विवरणियों के लिए उत्तरदायी व्यक्तियों को बताइए।
  75. प्रश्न- "विवरणी फाइल करने के माध्यम तथा विवरणियों के प्रकार बताइए। बहिर्गमन आपूर्ति तथा अन्तर्गमन आपूर्ति के विवरण प्रस्तुतीकरण को समझाइए।
  76. प्रश्न- बहिर्गमन आपूर्तियों के विवरण प्रस्तुतीकरण को स्पष्ट कीजिए।
  77. प्रश्न- अन्तर्गमन आपूर्तियों के विवरण प्रस्तुतीकरण को बताइए।
  78. प्रश्न- माल एवं सेवा कर प्रैक्टिशनर अथवा जी एस टी व्यवसायी कौन होता है? इसके पात्रता मानदण्ड बताइए। इसके सम्बन्ध में अनुमोदन की रीति, गतिविधियाँ, शर्ते तथा विवरण के ठीक होने के उत्तरदायित्व के बारे में लिखिए।
  79. प्रश्न- माल एवं सेवा कर प्रैक्टिशनर हेतु अनुमोदन प्रक्रिया क्या है? माल एवं सेवा कर प्रैक्टिशनर की गतिविधियाँ बताइये।
  80. प्रश्न- माल एवं सेवा कर प्रैक्टिशनर हेतु शर्तें क्या है? विवरण के ठीक होने के सम्बन्ध में इसका उत्तरदायित्व बताइए।
  81. प्रश्न- जी एस टी आर-3 में मासिक विवरणी का प्रस्तुतीकरण बताइये।
  82. प्रश्न- वार्षिक विवरणी क्या होती है? बताइए।
  83. प्रश्न- अन्तिम विवरणी के बारे में बताइए। विवरणी फाइल करने में चूक करने वालों को सूचना देने तथा विलम्ब शुल्क की उगाही के बारे में क्या व्यवस्था की गयी है?
  84. प्रश्न- केन्द्रीय माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 के अधीन किस प्रकार के व्यक्ति पंजीकरण कराने के लिए दायी होते हैं? समझाइये।
  85. प्रश्न- केन्द्रीय माल एवं सेवा कर अधिनियम 2017 की धारा 24 के अधीन कौन से व्यक्तियों को पंजीयन कराना आवश्यक है?
  86. प्रश्न- अन्य मामलों में पंजीयन हेतु कौन दायी है?
  87. प्रश्न- केन्द्रीय माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 25 के अधीन पंजीकरण प्रक्रिया समझाइये।
  88. प्रश्न- पंजीयन के विशिष्ट मामलों का वर्णन कीजिए।
  89. प्रश्न- अनिवासी कराधेय व्यक्ति को परिभाषित कीजिए तथा इसकी पंजीयन प्रक्रिया बताइए।
  90. प्रश्न- जॉब वर्कर तथा विशेष आर्थिक क्षेत्र में स्थित इकाई के पंजीयन को बताइए।
  91. प्रश्न- कौन-कौन से व्यक्ति कम्पोजीशन लेवी का विकल्प चुन सकते हैं? इस स्कीम को अपनाने के अपात्र व्यक्ति कौन हैं?
  92. प्रश्न- कम्पोजीशन लेवी का विकल्प कौन चुन सकता है?
  93. प्रश्न- कम्पोजीशन स्कीम के अपात्र व्यक्ति बताइये।
  94. प्रश्न- कम्पोजीशन स्कीम हेतु शर्तें तथा प्रतिबन्ध बताइये। शर्तों के अतिलंघन के सम्बन्ध में दण्ड के क्या प्रावधान हैं?
  95. प्रश्न- कम्पोजीशन स्कीम की शर्तों के उल्लंघन की दशा में दण्ड का प्रावधान बताइए।
  96. प्रश्न- वे कौन से व्यक्ति हैं जो पंजीयन हेतु दायी नहीं होते हैं?
  97. प्रश्न- आकस्मिक कराधेय व्यक्ति तथा अनिवासी कराधेय व्यक्ति में अन्तर बताइये।
  98. प्रश्न- टिप्पणी लिखिये- (a) पंजीयन प्रमाणपत्र की वैधानिकता, (b) पंजीयन हेतु वाँछनीय सूचनाएँ, (c) पंजीयन आवेदनपत्र पर हस्ताक्षरी, (d) अग्रिम कर जमा करना।
  99. प्रश्न- पंजीयन प्रमाणपत्र का निरस्तीकरण समझाइए।
  100. प्रश्न- 'पंजीकरण के निरस्तीकरण का खण्डन' बताइये।
  101. प्रश्न- समझाइये कि 'कम्पोजीशन लेवी एक विकल्प मात्र है।
  102. प्रश्न- कम्पोजीशन लेवी के तहत कर की दरें बताइये।
  103. प्रश्न- कर बीजक से आप क्या समझते हैं? इसकी विषय सामग्री, समय तथा जारी करने की पद्धति को स्पष्ट कीजिए।
  104. प्रश्न- कर बीजक को जारी करने के समय के बारे में बताइए।
  105. प्रश्न- कर बीजक को जारी करने की रीति समझाइये।
  106. प्रश्न- कर बीजक की विषय-सामग्री क्या होती है?
  107. प्रश्न- निम्नलिखित को समझाइए- (a) संशोधित कर बीजक (b) समेकित कर बीजक, (c) प्राप्ति प्रमाणक का निर्गमन, (d) रिफण्ड या वापसी बाउचर का निर्गमन, (e) प्रतिलोभी प्रभार के तहत बीजक, तथा भुगतान वाउचर।
  108. प्रश्न- समेकित कर बीजक क्या होता है? आपूर्ति का बिल कब निर्गमित किया जाता है? इसमें दी जाने वाली सूचनाएँ बताइए।
  109. प्रश्न- प्राप्ति प्रमाणक क्या होता है? इसकी विषय-वस्तु बताइए।
  110. प्रश्न- रिफण्ड वाउचर के निर्गमन को समझाइए।
  111. प्रश्न- प्रतिलोमी प्रभार के तहत बीजक के बारे में क्या प्रावधान हैं? भुगतान प्रमाणक के बारे में भी समझाइए।
  112. प्रश्न- विशेष मामलों में कर बीजक को समझाइये।
  113. प्रश्न- निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए-
  114. प्रश्न- क्रेडिट तथा डेबिट नोट को समझाइए।
  115. प्रश्न- ई-वे बिल क्या है? इसकी विशेषताएँ तथा आवश्यकता को समझाइए।
  116. प्रश्न- माल एवं सेवा कर विधान के अन्तर्गत अंकेक्षण के बारे में बताइए तथा निम्नलिखित को समझाइए- (a) चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट अथवा कॉस्ट एकाउण्टेन्ट द्वारा अंकेक्षण, (b) कर प्राधिकारियों द्वारा अंकेक्षण, तथा (c) विशेष अंकेक्षण।
  117. प्रश्न- माल एवं सेवा कर विधान के अन्तर्गत अंकेक्षण के प्रकार बताइए। चार्टर्ड एकाउण्टेन्ट
  118. प्रश्न- कर प्रधिकारियों द्वारा अंकेक्षण को समझाइए।
  119. प्रश्न- विशेष अंकेक्षण को समझाइए।
  120. प्रश्न- कर निर्धारण से आप क्या समझते है? इसमें क्या-क्या शामिल रहता है? वर्णन कीजिए।
  121. प्रश्न- अस्थायी कर निर्धारण को समझाइए।
  122. प्रश्न- सारांश निर्धारण क्या है?
  123. प्रश्न- सर्वोत्तम निर्णय कर निर्धारण को समझाइए।
  124. प्रश्न- HSN कोड का वर्णन कीजिए।
  125. प्रश्न- इनपुट सेवा वितरक से आप क्या समझते हैं?
  126. प्रश्न- इनपुट सेवा वितरक की भूमिका बताइए।
  127. प्रश्न- माल तथा सेवा कर पहचान संख्या की संरचना बताइए।
  128. प्रश्न- माल तथा सेवा कर में सेवा लेखांकन कोड (SAC) को बताइये।

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