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बीए सेमेस्टर-5 पेपर-1 राजनीति विज्ञान

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2023
पृष्ठ :180
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2795
आईएसबीएन :0

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तुलनात्मक सरकार और राजनीति : यू के, यू एस ए, स्विटजरलैण्ड, चीन

प्रश्न- संयुक्त राज्य अमरीका के संविधान की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।

अथवा
अमेरिका के संविधान की विशेषताएँ बताइए।

उत्तर -

संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान की विशेषताएँ

संयुक्त राज्य अमरीका के संविधान की प्रमुख विशेषताओं का अध्ययन निम्न रूपों में किया जा सकता है-

1. निर्मित और लिखित संविधान - संयुक्त राज्य अमरीका के संविधान का निर्माण 1789 ई. हुआ और यह विश्व का प्रथम लिखित संविधान है। ब्रिटिश संविधान की भाँति इसका क्रमिक विकास नहीं हुआ वरन संविधान के मूल ढांचे का फिलडेफिया सम्मेलन द्वारा निर्माण किया गया है। यह एक निश्चित समय की कृति है। यद्यपि न्यायिक व्याख्याओं, प्रशासनिक कार्यो और परम्पराओं के आधार पर संविधान का निरन्तर विकास होता रहा है किन्तु संविधान की अधिकांश धाराएँ और उनका मूल ढांचा लिपिबद्ध है। अमरीका ने लिखित संविधान की उपयोगिता स्पष्ट कर विश्व के अन्य राज्यो को इसे अपनाने की ओर प्रेरित किया है। ब्राइस के अनुसार, "अमरीका का संविधान विश्व के लिखित संविधानों में सर्वोच्च है।'

2. सर्वाधिक संक्षिप्त संविधान - अमरीकी संविधान विश्व के लिखित संविधानों में सर्वाधिक संक्षिप्त संविधान है। मुनरो के अनुसार "संयुक्त राज्य अमरीका के संविधान में केवल 4000 शब्द हैं जो 10 या 12 पृष्ठों में मुद्रित हैं और जिन्हें आधे घण्टे में पढ़ा जा सकता है।' अमरीकी संविधान में केवल 7 अनुच्छेद हैं, जबकि आस्ट्रेलिया के संविधान में 128 अनुच्छेद, कनाडा के संविधान में 147 अनुच्छेद, दक्षिणी अफ्रीका के संविधान में 153 अनुच्छेद, भारतीय संविधान में 395 अनुच्छेद हैं।

3. लोकप्रिय सम्प्रभुता पर आधारित संविधान - अमरीका के संविधान की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह संविधान लोकप्रिय प्रभुत्ता पर आधारित है। संविधान की प्रस्तावना में घोषणा की गयी है कि "हम संयुक्त राज्य अमरीका के लोग अधिक शक्तिशाली संघ बनाने, न्याय की स्थापना, आन्तरिक शान्ति की प्राप्ति, सामान्य प्रतिरक्षा की व्यवस्था और सार्वजनिक कल्याण की बढ़ोत्तरी करने तथा अपनी और अपनी सन्तान हेतु स्वतन्त्रता के वरदान को सुरक्षित रखने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए इस संविधान को अपनाते हैं।

4. संविधान की सर्वोच्चता - संयुक्त राज्य अमरिका का संविधान सर्वोच्च है। राष्ट्रपति, कांग्रेस, सर्वोच्च न्यायालय तथा संघ की ईकाईयाँ सब इसके अधीन हैं। संविधान के अनुच्छेद 6 के अनुसार, "यह संविधान और इसके अनुसार बनाये गये सभी कानून तथा संयुक्त राज्य अमरीका के प्राधिकार के अधीन की गयी अथवा भविष्य में की जाने वाली सभी सन्धियाँ, देश का सर्वोच्च कानून होगा और प्रत्येक राज्य के न्यायाधीश उससे बाध्य होंगे। किसी भी राज्य के संविधान अथवा कानून की विधि जो इस संविधान के विरुद्ध होगी अवैध समझी जायेगी।

5. कठोर संविधान - संयुक्त राज्य अमेरिका का कानून कठोर है, अर्थात् अमरीकी कांग्रेस के द्वारा जिस प्रक्रिया का प्रयोग कर सामान्य कानूनों का निर्माण किया जा सकता है। उसी प्रक्रिया के आधार पर संवैधानिक कानूनों का निर्माण अर्थात् संविधान में संशोधन का कार्य नहीं किया जा सकता है। संवैधानिक संशोधन के लिए साधारण कानूनों के निर्माण से भिन्न प्रक्रिया को अपनाया जाना आवश्यक है। संघात्मक शासन व्यवस्था स्थापित किये जाने के कारण अमरीका के लिए कठोर संविधान को अपनाना आवश्यक था। इसी कारण लगभग 210 वर्षों के संवैधानिक इतिहास में संविधान में केवल 27 संशोधन ही हुए हैं और इनमें भी प्रथम 10 संशोधन तो एक साथ संविधान निर्माण के तुरन्त बाद नागरिकों को मौलिक अधिकार प्रदान करने हेतु प्रस्तावित किये गये थे।

6. गणतन्त्र की स्थापना - संयुक्त राज्य अमरीका के संविधान द्वारा अमरीका में गणतन्त्र की स्थापना की गयी है जिसका तात्पर्य यह है कि अमरीकी लोकतन्त्र का अध्यक्ष ब्रिटेन के प्रधान (सम्राट) की भाँति नहीं होगा जो उत्तराधिकार के आधार पर अपना पद ग्रहण कर सकता है। वरन यह निर्वाचित है संयुक्त राज्य अमेरिका के संघ का अध्यक्ष राष्ट्रपति है जो जनता द्वारा निर्वाचित निर्वाचक मण्डल के सदस्यों द्वारा चुना जाता है। न केवल संघ वरन इकाइयों में भी गणतन्त्र की स्थापना की गयी है। संविधान की धारा 4 के चौथे अनुबन्ध में कहा गया है कि संयुक्त राज्य की संघीय सरकार इस संघ के प्रत्येक राज्य में गणतन्त्रीय सरकार की स्थापना की गारण्टी देगी।

7. संघात्मक शासन की स्थापना - 1987 में फिलाडेल्फिया सम्मेलन द्वारा निर्मित संविधान के द्वारा संयुक्त राज्य अमरीका में एक संघ राज्य की स्थापना की गयी। 1787 के विधान द्वारा एक परिसंघ की स्थापना की गयी थी किन्तु शीघ्र ही परिसंघ की निर्बलता स्पष्ट हो गयी और नवीन संविधान के द्वारा एकता और सुदृढ़ता प्राप्त करने के लिए परिसंघ के स्थान पर संघ को अपनाया गया। 1789 में अमरीकी संघ की 13 इकाइयाँ या राज्य थे किन्तु नवीन राज्यों ने संघ में प्रवेश किया और आज अमरीकी संघ में 50 इकाइयाँ या राज्य हैं।

8. प्रतिनिध्यात्मक लोकतन्त्र की स्थापना - लोकतन्त्रात्मक शासन के दो भेद होते हैं - 1. प्रत्यक्ष लोकतन्त्र 2 अप्रत्यक्ष लोकतन्त्र या प्रतिनिध्यात्मक लोकतन्त्र। अमरीका एक विशाल भू-भाग एवं जनसंख्या वाला देश है। अतः यहाँ प्रतिनिध्यात्मक (अप्रत्यक्ष लोकतन्त्र) लोकतन्त्र को अपनाया गया है जिसके अन्तर्गत सामान्य जनता अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से शासन कार्य में भाग लेती है। इस सम्बन्ध में विशेष तथ्य यह है कि अमरीकी संघ के कुछ राज्यों में लोक निर्णय आरम्भक और प्रत्यावाहन जैसी प्रत्यक्ष लोकतन्त्रात्मक पद्धतियों को अपनाया गया है। अमरीका के 50 राज्यों में से 39 राज्यों के संविधानों में जनमत संग्रह या लोकनिर्णय की व्यवस्था है। इनमें से 35 राज्यों में कुछ स्थानीय सरकारी इकाइयों को भी जनमत संग्रह कराने का अधिकार प्राप्त है। जिन 11 राज्यों में राज्य स्तर पर जनमत संग्रह कराने का प्रावधान नहीं है। वे कुछ स्थानीय इकाइयों में जनमत संग्रह करा सकते हैं। इस प्रकार अमरीकी संघ के राज्यों में प्रत्यक्ष लोकतन्त्रीय साधनों को अपनाया गया है।

9. न्यायिक सर्वोच्चता - सभी संघात्मक राज्यों के अन्तर्गत एक सर्वोच्च न्यायालय की व्यवस्था की जाती है जिसका कार्य संविधान की व्याख्या एवं रक्षा करना होता है। संयुक्त राज्य में संघात्मक व्यवस्था अपनाये जाने के कारण स्वाभाविक रूप से न्यायिक सर्वोच्चता के सिद्धान्त को अपनाया गया है। 'न्यायिक सर्वोच्चता का तात्पर्य है कि सर्वोच्च न्यायालय संविधान का उल्लंघन करने वाले कानूनों, राष्ट्रपति की आज्ञाओं अथवा राज्य सरकारों के कानूनों और कार्यों को अवैध घोषित कर सकता है। इसी को न्यायिक पुनर्विलोकन का अधिकार भी कहते हैं। इसी शक्ति के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय केन्द्रीय सरकार तथा राज्य सरकारों को अपने-अपने क्षेत्रों तक सीमित रखता है। सन् 1803 में मुख्य न्यायाधीश मार्शल ने मारबरी बनाम मेडीसन नामक विवाद में न्यायिक सर्वोच्चता के सिद्धान्त का प्रतिपादन करते हुए स्पष्ट कहा था कि सब प्रकार के कानूनों की संवैधानिकता की जाँच करने का एकमात्र अधिकार सर्वोच्च न्यायालय को प्राप्त है।

10. अध्यक्षात्मक शासन की व्यवस्था - अमरीकी संविधान में अध्यक्षात्मक शासन व्यवस्था को अपनाया गया है जिसमें कार्यपालिका का निर्वाचन प्रत्यक्ष रूप से सामान्य जनता द्वारा किया जाता है तथा व्यवस्थापिका के सदस्यों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से। अतः अमेरिका का राष्ट्रपति कांग्रेस अर्थात व्यवस्थापिका के प्रति उत्तरदायी नहीं होता है। कार्यपालिका विभाग के प्रधान का कार्यकाल निश्चित होता है और वह अपनी नीति तथा कार्यों के लिए व्यवस्थापिका के प्रति उत्तरदायी नहीं होता। अमेरिका में राष्ट्रपति कांग्रेस के नियन्त्रण से पृथक रहकर शासन शक्ति का संचालन करता है। राष्ट्रपति या मंत्रिपरिषद के सदस्य व्यवस्थापिका की कार्यवाहियों में भाग नहीं लेते हैं और संसदीय शासन के समान कार्यपालिका व्यवस्थापिका को विघटित भी नहीं कर सकती है।

11. सीमित शासन का सिद्धान्त - अमरीकी संविधान निर्माताओं ने स्वयं ब्रिटिश सम्राट जॉर्ज तृतीय के अत्याचारों को सहन किया था और वे चाहते थे कि आने वाली पीढ़ियों को अमर्यादित शासन की बुराइयों से बचाने के लिए आवश्यक प्रयत्न किये जाये। इसके अतिरिक्त वें लॉक के व्यक्तिवादी दर्शन से प्रभावित थे और शासन को एक न्यास मात्र मानते थे। उनका विश्वास था कि "शक्ति जितनी अधिक असीमित होगी उसके दुरुपयोग का उतना ही अधिक खतरा होगा। अतः उनके द्वारा अनेक उपाय किये गये हैं। यथा संविधान की सर्वोच्चता, अधिकार पत्र की व्यवस्था, शक्ति पृथक्करण, न्यायपालिका की स्वतन्त्रता आदि।

12. मौलिक अधिकारों की व्यवस्था - शासन को सीमित रखने और नागरिक स्वतन्त्रताओं की रक्षा के उपाय के रूप में अमरीकी संविधान में मौलिक अधिकारों के मूल प्रलेख में मौलिक अधिकारों की व्यवस्था नहीं की गयी थी। लेकिन संविधान में अनुसमर्थन हेतु विविध पक्षों के बीच जो परस्पर समझौता हुआ, उसे समझौते के अंग के रूप में संविधान में 1791 में प्रथम दस संशोधन करते हुए मौलिक अधिकारों को अपनाया गया। संविधान का 13वाँ संशोधन भी नागरिक अधिकारों से ही सम्बन्धित है। नागरिक अधिकारों का लेखबद्ध रूप में उल्लेख शासन कला को अमरीकी संविधान की एक मुख्य देन है। जिसका अनुकरण आयरलैण्ड, जापान, भारत और अन्य देशो द्वारा किया गया है।

13. दोहरी नागरिकता - संयुक्त राज्य अमरीका के संविधान में संघात्मक व्यवस्था को अपनाने के साथ-साथ दोहरी नागरिकता को अपनाया गया है। वहाँ प्रत्येक नागरिक दोहरी नागरिकता प्राप्त करता है। प्रथम संयुक्त राज्य अमरीका की नागरिकता और द्वितीय उस राज्य की नागरिकता जिसमें वह निवास करता है। उदाहरण के लिए न्यूयार्क में रहने वाला नागरिक न्यूयार्क का नागरिक है और संयुक्त राज्य अमरीका का भी।

14. व्यक्तिवादी दर्शन पर आधारित संविधान - जिस प्रकार पूर्व सोवियत संघ का संविधान और राज्य साम्यवादी दर्शन पर आधारित था उसी प्रकार संयुक्त राज्य अमरीका के संविधान को व्यक्तिवादी दर्शन पर आधारित सबसे प्रमुख संविधान और राज्य कहा जा सकता है। फिलाडेल्फिया सम्मेलन के सदस्य लॉक के व्यक्तिवादी दर्शन से अत्यधिक प्रभावित थे और सम्पत्ति के अधिकार को जीवन तथा स्वतन्त्रता के समान ही पवित्र और अनुल्लंघनीय मानते थे। व्यक्तिवादी विचारधारा के प्रभाव के कारण अमरीकी संविधान में स्वतन्त्र आर्थिक नीति को अपनाया गया और संविधान में यह उद्घोषणा की गयी कि कानून की उचित प्रक्रिया के बिना किसी भी व्यक्ति को उसकी सम्पत्ति से वंचित नहीं किया जा सकता और यदि सार्वजनिक हित के लिए भी सम्पत्ति को हस्तगत किया जाय, तो उचित मुआवजा दिया जायेगा।

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    अनुक्रम

  1. प्रश्न- तुलनात्मक राजनीति का अध्ययन क्यों आवश्यक है? स्पष्ट कीजिए।
  2. प्रश्न- तुलनात्मक राजनीति के अध्ययन क्षेत्र की विवेचना कीजिए।
  3. प्रश्न- तुलनात्मक राजनीति से आप क्या समझते हैं? इसकी प्रकृति को स्पष्ट कीजिए।
  4. प्रश्न- तुलनात्मक राजनीति और तुलनात्मक सरकार में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
  5. प्रश्न- उदार लोकतन्त्र से आप क्या समझते हैं? इसकी विशेषताएँ लिखिए।
  6. प्रश्न- पूँजीवाद से आप क्या समझते हैं, इसके गुण-दोष क्या हैं?
  7. प्रश्न- समाजवादी राज्य क्या है, इसकी कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालिए।
  8. प्रश्न- समाजवाद की परिभाषा दीजिए। विवेचना कीजिए।
  9. प्रश्न- उपनिवेशवाद क्या है? इसकी विशेषताएँ बताइये।
  10. प्रश्न- विकासशील देशों में राज्य की भूमिका पर प्रकाश डालिए।
  11. प्रश्न- रूढ़ियों से क्या अभिप्राय है? इसकी विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
  12. प्रश्न- रूढ़ियों कानून से किस प्रकार भिन्न हैं? प्रमुख अभिसमयों का वर्णन कीजिए।
  13. प्रश्न- रूढ़ियों का पालन क्यों होता है? स्पष्ट कीजिये।
  14. प्रश्न- राजपद से आपका क्या अभिप्राय है? इसकी शक्तियों की विवेचना कीजिए।
  15. प्रश्न- राजा एवं राजपद अन्तर को स्पष्ट कीजिये।
  16. प्रश्न- मन्त्रिमण्डलात्मक प्रणाली का उद्भव एवं विकास का वर्णन कीजिए।
  17. प्रश्न- मन्त्रिमंडल के संगठन एवं मंत्रिमण्डल व्यवस्था की विशेषताओं की विवेचना कीजिए।
  18. प्रश्न- मन्त्रिमंडल के कार्यों का वर्णन कीजिए।
  19. प्रश्न- बिटिश प्रधानमंत्री सारे शासन तंत्र की धुरी है।' इस कथन की विवेचना कीजिए।
  20. प्रश्न- ग्रेट ब्रिटेन की सम्प्रभुता की विवेचना कीजिए तथा इस प्रभुसत्ता की सीमाओं का उल्लेख कीजिए।
  21. प्रश्न- लार्ड सभा की रचना कार्यों व उनकी शक्तियों का वर्णन कीजिए।
  22. प्रश्न- इंग्लैंड की समिति प्रणाली के बारे में आप क्या जानते हैं? इसके कितने प्रकार होते हैं?
  23. प्रश्न- कामन्स सभा क्या है? इसके संगठन एवं पदाधिकारियों का वर्णन कीजिए।
  24. प्रश्न- कामन्स सभा की शक्तियों, कार्यों एवं व्यावहारिक स्थिति का वर्णन कीजिए।
  25. प्रश्न- कामन सभा के स्पीकर एवं उसकी शक्तियों एवं कार्यों का वर्णन कीजिए।
  26. प्रश्न- ब्रिटिश समिति व्यवस्था की विवेचना कीजिए।
  27. प्रश्न- ब्रिटेन में विधेयकों का वर्गीकरण कीजिए एवं व्यवस्थापन प्रक्रिया पर प्रकाश डालिये।
  28. प्रश्न- न्यायपालिका से आप क्या समझते हैं? इसके प्रमुख कार्यों का वर्णन कीजिए।
  29. प्रश्न- ब्रिटिश न्यायपालिका के संगठन पर प्रकाश डालिए।
  30. प्रश्न- ब्रिटिश न्याय व्यवस्था की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
  31. प्रश्न- विधि का शासन ब्रिटिश संविधान का एक विशिष्ट लक्षण है। इस कथन की व्याख्या कीजिए।
  32. प्रश्न- राजनीतिक दलों से क्या तात्पर्य है? राजनीतिक दलों की भूमिका एवं महत्व को समझाइये।
  33. प्रश्न- राजनीतिक दल प्रणाली के विभिन्न रूपों का वर्णन कीजिए।
  34. प्रश्न- ब्रिटेन में राजनीतिक दलों के संगठन, कार्यक्रम एवं उनकी भूमिका को स्पष्ट कीजिए।
  35. प्रश्न- ग्रेट ब्रिटेन में राजनीतिक दलों की भूमिका की विवेचना कीजिए।
  36. प्रश्न- ब्रिटिश दल पद्धति की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
  37. प्रश्न- रूढ़ियों के महत्व का उल्लेख कीजिए।
  38. प्रश्न- ब्रिटेन में राजपद के ऐतिहासिक कारणों का वर्णन कीजिए।
  39. प्रश्न- ब्रिटेन में राजपद के राजनैतिक कारणों का उल्लेख कीजिए।
  40. प्रश्न- ब्रिटेन में राजपद के मनोवैज्ञानिक कारणों को स्पष्ट कीजिए।
  41. प्रश्न- ब्रिटेन में राजपद के अन्तर्राष्ट्रीय कारणों का वर्णन कीजिए।
  42. प्रश्न- मंत्रिमण्डल की कानूनी स्थिति का वर्णन कीजिए।
  43. प्रश्न- मंत्रिमण्डल की व्यावहारिक स्थिति का वर्णन कीजिए।
  44. प्रश्न- मंत्रिमण्डल एवं क्राउन के सम्बन्ध को स्पष्ट कीजिए।
  45. प्रश्न- मन्त्रिमंडल का ब्रिटिश की संवैधानिक व्यवस्था में क्या महत्व है?
  46. प्रश्न- मंत्रिमंडल की महत्ता के औचित्य को स्पष्ट कीजिए।
  47. प्रश्न- मंत्रिमण्डल की महत्ता के कारण बताइये।
  48. प्रश्न- लार्ड सभा ने सुधार के क्या प्रयास किये?
  49. प्रश्न- क्या ग्रेट ब्रिटेन में संसद संप्रभु है?
  50. प्रश्न- 'संसदीय प्रभुता' के सिद्धान्त का मूल्यांकन कीजिए।
  51. प्रश्न- विपक्षी दल की भूमिका का वर्णन कीजिए।
  52. प्रश्न- प्रिवी काउन्सिल की न्यायिक समिति का वर्णन कीजिए।
  53. प्रश्न- लार्ड सभा एवं प्रिवी काउन्सिल की न्यायिक समिति में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
  54. प्रश्न- ब्रिटिश कानून कितने प्रकार से प्रयोग में लाये जाते हैं?
  55. प्रश्न- राजनीतिक दलों के कार्यों का विवेचनात्मक वर्णन कीजिए।
  56. प्रश्न- राजनीतिक दल मतदाताओं में अपना समर्थन बढाने के लिये कौन-कौन से साधनों का प्रयोग करते हैं।
  57. प्रश्न- ब्रिटेन तथा फ्राँस की दलीय प्रणाली का तुलनात्मक विश्लेषण कीजिए।
  58. प्रश्न- अमेरिका के राष्ट्रपति के कार्यों, शक्तियों की विवेचना कीजिए।
  59. प्रश्न- अमेरिकी राष्ट्रपति की वृद्धि एवं उसके कारणों की विवेचना कीजिये।
  60. प्रश्न- अमेरिकी व ब्रिटिश मंत्रिमंडल की तुलना कीजिए।
  61. प्रश्न- ब्रिटिश संप्रभु (क्राउन) प्रधानमंत्री तथा अमेरिकी राष्ट्रपति की तुलनात्मक विवेचना कीजिए।
  62. प्रश्न- अमेरिका के सीनेट के गठन, उसकी शक्ति एवं कार्यों की विवेचना कीजिए।
  63. प्रश्न- प्रतिनिधि सभा के संगठन, शक्ति एवं कार्यों का वर्णन कीजिए।
  64. प्रश्न- अमेरिकी कांग्रेस की शक्ति एवं कार्यों का उल्लेख कीजिए।
  65. प्रश्न- अमेरिका का उच्चतम न्यायालय व्यवस्थापिका का तृतीय सदन बनता जा रहा है। स्पष्ट कीजिए।
  66. प्रश्न- सर्वोच्च के महत्व का विस्तार से वर्णन कीजिए।
  67. प्रश्न- न्यायिक पुनर्निरीक्षण से आप क्या समझते हैं? अमेरिका के उच्चतम न्यायालय के संदर्भ में इसकी व्याख्या कीजिए।
  68. प्रश्न- सर्वोच्च न्यायालय की कार्य-प्रणाली का विवेचना कीजिए।
  69. प्रश्न- अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय के गठन का संक्षिप्त वर्णन कीजिए। अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय की न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति तथा भारत के सर्वोच्च न्यायालय की न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति में क्या अन्तर है?
  70. प्रश्न- अमेरिका में राजनीतिक दलों के उद्भव एवं विकास का वर्णन कीजिए।
  71. प्रश्न- अमेरिका की राजनीतिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों की क्या भूमिका है?
  72. प्रश्न- अमेरिका तथा ब्रिटेन के राजनीतिक दलों की समानता और असमानताओं का वर्णन कीजिए।
  73. प्रश्न- दबाव अथवा हित समूह से आप क्या समझते हैं? दबाव समूह के प्रमुख लक्षण एवं साधनों पर प्रकाश डालिए।
  74. प्रश्न- संयुक्त राज्य अमरीका के संविधान की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
  75. प्रश्न- अमेरिकी राष्ट्रपति को दलीय अथवा राष्ट्रीय नेता के रूप में पर टिप्पणी कीजिए।
  76. प्रश्न- राष्ट्रपति एवं मन्त्रिमण्डल के सम्बन्धों का वर्णन कीजिए।
  77. प्रश्न- जैरीमैण्डरिंग पर संछिप्त टिप्पणी लिखिए।
  78. प्रश्न- सीनेट के महत्व पर प्रकाश डालिये।
  79. प्रश्न- यू. एस. ए. 'सीनेट की शिष्टता' का क्या अर्थ है?
  80. प्रश्न- प्रतिनिधि सभा की दुर्बलता के कारण बताइये।
  81. प्रश्न- संघीय न्यायपालिका कितने प्रकार की होती है?
  82. प्रश्न- संघीय न्यायलय क्यों आवश्यक है? स्पष्ट कीजिए।
  83. प्रश्न- जिला न्यायालय पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
  84. प्रश्न- संघीय अपील न्यायालय पर प्रकाश डालिये।
  85. प्रश्न- अमेरिका में राजनीतिक दलों के महत्व को स्पष्ट कीजिए।
  86. प्रश्न- अमेरिका में राजनीतिक दलों की कमियों का वर्णन कीजिए।
  87. प्रश्न- अमरीका और इंग्लैण्ड की दल- प्रणाली की तुलना कीजिए।
  88. प्रश्न- अमेरिका के राजनीतिक दलों की कार्य प्रणाली का वर्णन कीजिए।
  89. प्रश्न- माओवाद क्या है? माओवाद के प्रमुख सिद्धान्त कौन-कौन से हैं?
  90. प्रश्न- कन्फ्यूशियसवाद क्या है? इसके प्रमुख सिद्धान्त कौन-कौन से हैं?
  91. प्रश्न- चीनी विधानमंडल राष्ट्रीय जनवादी कांग्रेस के गठन, शक्ति एवं कार्यों पर प्रकाश डालिए।
  92. प्रश्न- जनवादी कांग्रेस की स्थायी समिति के बारे में आप क्या जानते हंत उसकी शक्ति एवं कार्यों को स्पष्ट कीजिए।
  93. प्रश्न- स्थायी समिति की शक्तियों एवं कार्यों का वर्णन कीजिए।
  94. प्रश्न- जनवादी चीन के राष्ट्रपति के कार्यों एवं अधिकारों की विवेचना कीजिए।
  95. प्रश्न- चीन में न्याय व्यवस्था की प्रमुख विशेषतायें बताते हुये न्यायपालिका के संगठन एवं उसकी शक्तियों का वर्णन कीजिए।
  96. प्रश्न- जनवादी चीन में साम्यवादी दल के संगठन का वर्णन कीजिए।
  97. प्रश्न- जनवादी चीन में साम्यवादी दल की भूमिका की विवेचना कीजिए।
  98. प्रश्न- एक देश दो प्रणाली नीति से आप क्या समझते हैं?
  99. प्रश्न- राष्ट्रीय जनवादी कांग्रेस की स्थायी समिति पर टिप्पणी लिखिए।
  100. प्रश्न- राष्ट्रीय जनवादी कांग्रेस की वास्तविक स्थिति का वर्णन कीजिए।
  101. प्रश्न- चीन में कांग्रेस के सदस्यों के अधिकारों एवं दायित्वों की विवेचना कीजिए।
  102. प्रश्न- चीन राज्य परिषद के गठन पर प्रकाश डालिये।
  103. प्रश्न- चीन के सैनिक केन्द्रीय आयोग पर टिप्पणी लिखिए।
  104. प्रश्न- चीन के राज्य परिषद की वास्तविक स्थिति की विवेचना कीजिए।
  105. प्रश्न- चीन के राज्य परिषद की शक्ति एवं कार्यों का वर्णन कीजिए।
  106. प्रश्न- जनवादी चीन में प्रोक्यूरेटोरेट पद की व्यवस्था का विवेचना कीजिए।
  107. प्रश्न- स्विट्जरलैण्ड के वर्तमान संविधान की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
  108. प्रश्न- स्विट्जरलैण्ड के संविधान की संशोधन प्रकिया का वर्णन कीजिए।
  109. प्रश्न- प्रत्यक्ष लोकतन्त्र से आप क्या समझते हैं? स्विट्जरलैण्ड में प्रत्यक्ष लोकतन्त्र की सफलता के कारणों को इंगित कीजिए।
  110. प्रश्न- स्विट्जरलैण्ड में प्रत्यक्ष प्रजातन्त्र की कार्यप्रणाली का वर्णन कीजिए।
  111. प्रश्न- स्विट्जरलैंड की कार्यपालिका के बारे में बताइये।
  112. प्रश्न- स्विस व्यवस्थापिका के बारे में बताइये।

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