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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षण बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षणसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षण - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- वाणिज्य शिक्षण में त्रिआयामी साधन पर प्रकाश डालिए।
उत्तर-
वाणिज्य शिक्षण में त्रिआयामी साधन प्रारूप, नमूने और प्रपत्र
(क) प्रारूप - इनका प्रयोग वहाँ किया जाता है जहाँ पर प्रत्यक्ष अनुभव जटिल हों। यदि कोई वस्तु विद्यालय से बहुत दूर है या उसका आकार बहुत बड़ा या छोटा है तो हम उसका मॉडल प्रयोग करते हैं। उदाहरण के लिये भाखड़ा बाँध का मॉडल कक्षा में प्रयोग किया जाता है। मॉडल त्रिआयामी तथा वास्तविक पदार्थों जैसा होता है। मॉडल छात्रों में रुचि जागृत करने, उन्हें प्रेरित करने के लिये किया जाता है।
मॉडल का आकार उचित होना चाहिये। यह साधारण व कलात्मक होना चाहिए तथा अध्यापक छात्रों को स्वयं मॉडल तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करें।
(ख) नमूने - जब कोई पदार्थ वास्तविक रूप में मॉडल के रूप में प्रस्तुत करना असम्भव हो तो हम उसका नमूना छात्रों के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं। उदाहरण के लिए हम छात्रों को पेड़ के बारे में पढ़ा रहे हैं तो कक्षा में पेड़ लाने की बजाय हम टहनी को नमूने के रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं। हम विभिन्न प्रकार की मिट्टी, खनिज पदार्थ, अनाज, दाल, कपड़ा आदि का नमूना कक्षा के अन्दर छात्रों के सम्मुख प्रस्तुत कर सकते हैं। नमूने भी वाणिज्य शिक्षण में बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। मॉडल, लकड़ी, तारे, प्लाईवुड, कपड़ा, प्लास्टर ऑफ पेरिस आदि से तैयार किए जाते हैं।
(ग) प्रपत्र - वाणिज्य शिक्षण में विभिन्न प्रकार के प्रपत्र महत्त्वपूर्ण योगदान देते हैं। प्रपत्रों की सहायता से छात्रों को सैद्धान्तिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी दिया जाता है। वाणिज्य में बही खाते, बीमा, बैंक, डाकखाने, रेलवे, व्यापार, टैक्स आदि से सम्बन्धित विभिन्न प्रकार के प्रपत्र प्रयोग किए जा सकते हैं।
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