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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षण बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षणसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षण - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- कक्षा 9 एवं 10 के लिए वाणिज्य पाठ्यक्रम का उल्लेख कीजिए।
अथवा
हाईस्कूल स्तर पर वाणिज्य विषय-वस्तु का वर्णन कीजिए।
अथवा
उत्तर-प्रदेश बोर्ड में हाईस्कूल स्तर पर वाणिज्य के पाठ्यक्रम के 5 सकारात्मक बिन्दु लिखिए।
उत्तर-
कक्षा 9 के लिए वाणिज्य का पाठ्यक्रम
(क) दोहरा लेखा प्रणाली का तात्विक सिद्धान्तों और व्यवहार।आधुनिक पाश्चात्य बहीखाता प्रणाली के अनुसार-प्रारम्भिक लेखे की पुस्तकें केवल रोजनामचा व रोकड़ बही, खतौनी व तलपट, भारतीय बहीखाता प्रणाली, रोकड़ बही, जमा तथा नाम नकल बही।
(ख) (i) व्यापारिक कार्यालय का संगठन व कार्य-प्रणाली
(ii) भारत में मुद्रा प्रणाली का सामान्य परिचय
(ग) (i) अर्थशास्त्र - अर्थ, परिभाषा, क्षेत्र व महत्त्व।
(ii) अर्थशास्त्र से सम्बन्धित पारिभाषिक शब्द; जैस- उपयोगिता, धन, कीम, मूल्य, पदार्थ या वस्तु, आय तथा आय के साधन आदि।
(iii) आवश्यकताएँ - अर्थ, लक्षण एवं वर्गीकरण।
कक्षा 10 के लिए वाणिज्य का पाठ्यक्रम
(क) बहीखाता-
(i) अन्तिम खाते - व्यापार एवं लाभ-हानि खाता तथा आर्थिक चिट्ठा।
(ii) समायोजनाएँ।
(iii) बैंक समाधान विवरण।
(iv) साख-पत्र— चैक, विनिमय-पत्र, हुण्डी तथा प्रतिज्ञा-पत्र।
(ख) (i) नस्तीकरण, अनुक्रमणिका, सन्देशवाहक प्रणालियाँ ।
(ii) व्यापारिक कार्यालय में श्रम व समय वाले यन्त्र; जैस-पंच मशीन, समय रिकॉर्ड मशीन, फोटोस्टेट मशीन, केलकुलेटर आदि।
(iii) देशी व्यापार– थोक व फुटकर व्यापार।
(iv) व्यापारिक प्रलेख- बीजक व विक्रय विवरण ।
(ग) (i) बैंकिंग— बैंक उद्गम, अर्थ, कार्य तथा महत्त्व।
(ii) बैंकों की कार्य प्रणाली, केन्द्रीय बैंक, रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया, स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया, व्यापारिक बैंक, भारत में बैंकों का राष्ट्रीयकरण।
(iii) सहकारी बैंक।
(iv) भारत में देशी बैंकर।
(घ) अर्थशास्त्र-
(i) तुष्टिगुण (उपयोगिता), सीमान्त तुष्टिगुण व कुल तुष्टिगुण।
(ii) ह्रासमान तुष्टिगुट नियम, सीमान्त तुष्टिगुण ( उपयोगिता ) ह्रास नियम।
(iii) व्यय तथा बचत।
(iv) उत्पादन के साधन- अर्थ व महत्त्व-
(a) भूमि- अर्थ, लक्षण तथा महत्त्व
(b) श्रम- अर्थ, परिभाषा लक्षण तथा कार्यकुशलता।
(c) पूँजी— अर्थ, वर्गीकरण, लक्षण, महत्त्व व पूँजी संचय।
(d) संगठन तथा साहस या उद्यम - अर्थ एवं महत्त्व ।
उत्तर-प्रदेश बोर्ड में हाईस्कूल स्तर पर वाणिज्य के पाठ्यक्रम की कुछ सकारात्मक बातें निम्नलिखित हैं-
(1) कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में दोहरी प्रविष्टि पद्धति के सिद्धान्तों एवं व्यवहारों को शामिल किए जाने से इस पद्धति की आधारभूत जानकारी पर्याप्त रूप से प्राप्त की जा सकती है।
(2) पाठ्यक्रम में शामिल व्यापारिक कार्यालय के संगठन व कार्यप्रणाली से कार्यालय की संगठनात्मक जानकारी प्राप्त होती है।
(3) कक्षा 10 के पाठ्यक्रम में बहीखाते वाले भाग में अन्तिम खाते, ( कुछ निश्चित समायोजनाओं सहित), बैंक समाधान विवरण से सामान्य व्यावसायिक संख्या के अन्तिम खातों को बनाने की जानकारी होती है तथा बैंक समाधान विवरण का ज्ञान मिलता है।
(4) पाठ्यक्रम के अध्ययन से साखपत्रों का ज्ञान मिलता है।
(5) पाठ्यक्रम में शामिल श्रम व समय बचाने वाले यन्त्र, देशी व्यापार, व्यापारिक प्रलेख बैंक, उपयोगिता, व्यय व बचत, उत्पादन आदि की जानकारी देते हैं।
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