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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षण बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षणसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षण - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- एक अच्छे परीक्षण की क्या विशेषताएँ होती है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
एक अच्छे परीक्षण की विशेषताएँ (Characteristics of a Good Test) - परीक्षण (Test) किसी भी योग्यता, क्षमता तथा उपलब्धि के मापन को सर्वोत्तम उपकरण होता है। उपकरण यदि सार्थक प्रामाणिक है तथा उस पर देश, काल तथा परिस्थिति का प्रभाव नहीं पड़ता है, तो उसे उत्तम परीक्षण कहा जाता हैं गत वर्षों में शिक्षकों ने विभिन्न विधियों का प्रयोग करके छात्रों की उपलब्धियों का मूल्यांकन करने में आशतीत प्रगति की है। फिर भी उनकी मूल्यांकन की विधियों का पूर्णतया निर्दोष नहीं कहा जा सकता है। यह तभी सम्भव है तब वे स्वनिर्मित परीक्षणों को प्रयोग न करके प्रमाणित शैक्षिक परीक्षणों को काम में लायें, क्योंकि इनकी कुछ अपनी निराली विशेषताएँ है। इस सम्बन्ध में डगलस व हॉलैण्ड ने लिखा है, "उत्तम परीक्षण में अनेक विशेषताओं का होना आवश्यक है और ये विशेषतताएँ प्रत्येक परीक्षण के निर्माण के आधारभूत सिद्धान्त हो जाते हैं।”
1. वैधता - उत्तम परीक्षण में वैधता का गुण या विशेषता होती है। इसका अभिप्राय यह है की परीक्षण को बालक की उसी योग्यता की जाँच करनी चाहिये, जिसकी जाँच करने के लिए उसे बनाया गया है। हम 'वैधता' का विस्तृत विवेचन प्रस्तुत कर रहे हैं, यथा -
2. विश्वसनीयता - उत्तम परीक्षण में विश्वसनीयता का गुण होता है। हम इसके विभिन्न पक्षों पर प्रकाश डाल रहे हैं। यथा -
3. व्यावहारिकता - उत्तम परीक्षण में व्यावहारिकता या सफलतापूर्वक प्रयोग किये जाने का गुण होता है। इसका अर्थ यह है कि परीक्षण के लिए विशेष परीक्षण व्यक्ति विशेष तैयारी और सामग्री एवं अधिक समय की आवश्यकता नहीं होती है। अतः उसके प्रयोग में किस भी प्रकार की कठिनाई नहीं होती हैं।
4. निश्चित उद्देश्य - उत्तम परीक्षण में निश्चित उद्देश्य का गुण होता है। ये उद्देश्य उस विषय या पाठ्यक्रम का ध्यानूपर्वक अध्ययन करने के उपरान्त निश्चित किये जाते हैं जिसके लिये परीक्षण का निर्माण किया जाता है।
5. सरलता - उत्तम परीक्षण में सरलता का गुण होताव है। दूसरे शब्दों में, प्रश्न, निर्देश और अंक देने की विधियाँ इतनी सरल होती हैं कि परीक्षण और परीक्षार्थी उनके अति सरलता से समझा जाते हैं अतः किसी भी प्रकार की त्रुटि की आशंका नहीं रहती है।
6. व्यापकता - परीक्षण व्यापक हो तथा यह विश्य वस्तु का प्रतिनिधित्व करता हो।विषय - वस्तु के किसी पक्ष की उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए।
7. प्रामापीकरण - प्रमापीकरण हेतु प्रमाप तय किए जाते हैं तथा समान अंकन से समान नीति का विकास होता है।
8. सर्वमान्यता - परीक्षण को सभी व्यक्तियों एवं दशाओं में उपयोग में लाया जा सकता हो।
9. मितव्ययिता - अच्छे परीक्षण को मितव्ययी होना चाहिए। परीक्षण में धन, समय व श्रम की बचत होती हो।
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