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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षण बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षणसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षण - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- वाणिज्य शिक्षण में प्रश्न पूछने का क्या महत्त्व है? प्रश्न पूछने के उद्देश्यों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर-
वाणिज्य की पाठ्य सामग्री को सरल तथा स्पष्ट करने में प्रश्नों का विशेष महत्त्व है। प्रश्न पूछना भी एक कला है। इसमें प्रत्येक व्यक्ति निपुण नहीं होता। इस कला में निपुणता प्राप्त करने के लिए शिक्षक को कुछ आवश्यक बातों का ज्ञान होना परम आवश्यक है। नवीन शिक्षकों, विशेषकर छात्राध्यापकों को तो इस ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।
ये बातें हैं-
(i) प्रश्न पूछने का उद्देश्य क्या है?
(ii) प्रश्न कितने प्रकार के होते हैं?
(iii) अच्छे प्रश्न की विशेषताएं कौन-कौन-सी हैं?
(iv) दोषपूर्ण प्रश्न कौन-कौन से होते हैं?
(v) प्रश्नों को किस प्रकार से पूछा जाता है?
प्रश्न पूछने के उद्देश्य
(i) बालकों को अभिप्रेरित करने के लिए जिससे उनका ध्यान मूल पाठ की ओर आकर्षित हो जाए।
(ii) बालकों में रुचि और जिज्ञासा उत्पन्न करने के लिए, जिससे शिक्षण कार्य सुचारु रूप से चलता रहे।
(iii) बालकों के पूर्व ज्ञान एवं मनोदशा की परीक्षा के लिए, जिससे अर्जित ज्ञान के आधार पर नवीन ज्ञान का वितरण किया जा सके।
(iv) बालकों के पूर्व ज्ञान को नवीन अनुभवों से जोड़ने के लिए।
(v) बालकों के सहयोग से पाठ को विकसित करने के लिए जिससे वे मानसिक दृष्टि से आदि सभी मानसिक शक्तियाँ विकसित हो जाएँ।
(vi) बालकों की कठिनाइयों को जानने के लिए।
(vii) बालक की मानसिक उपलब्धियों को एक निश्चित दिशा तथा गति देने के लिए।
(viii) बालकों के बोध का मूल्यांकन करने के लिए, जिससे यह पता चल जाए कि उन्होंने कितना अधिगम किया है और कितना नहीं तथा अधिगम न करने के क्या कारण हैं? इन कारणों को दूर करने के लिए शिक्षण-विधि में आवश्यक सुधार किया जा सके।
(ix) बालकों तथा शिक्षकों का मूल पाठ पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए, जिससे पाठ को व्यवस्थित ढंग से विकसित किया जा सके।
(x) बालकों की झिझक को दूर करके उनमें आत्म-विश्वास उत्पन्न करने के लिए, जिससे उनकी अभिव्यक्ति शक्ति विकसित हो जाएँ।
(xi) बालकों द्वारा सीखे हुए ज्ञान को दोहराने एवं प्रयोग करने के लिए।
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