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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षणसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- हिन्दी में पाठ्य सहगामी क्रियाओं का अर्थ स्पष्ट कीजिये।
उत्तर-
हिन्दी की पाठ्य सहगामी क्रियायें
वर्तमान समय की शिक्षा प्रणाली बाल केन्द्रित है, जिसमें बालक के विकास पर बल दिया जाता है ताकि व्यावहारिक जीवन के किसी भी क्षेत्र में वह अपने आप को समायोजित कर सके। इसलिये विद्यालयों में विद्यार्थी के शारीरिक, सामाजिक, नैतिक तथा मानसिक विकास की ओर अधिक ध्यान दिया जाता है। बालक के शारीरिक विकास के लिये व्यायाम तथा खेलकूद से सम्बन्धित् क्रियाओं, सामाजिक तथा नैतिक विकास के लिए सांस्कृतिक क्रियाओं एवं मानसिक विकास के लिए साहित्यिक क्रियाओं का प्रयोग किया जाता है। आरम्भ में इन्हें पाठ्यक्रम के बाहर की क्रियायें मानकर अतिरिक्त पाठ्यक्रियायें कहा गया था। वर्तमान समय में विभिन्न शिक्षाशास्त्रियों ने इनके शैक्षिक महत्व की स्वीकार को पाठ्यक्रम का महत्वपूर्ण अंग माना है तथा इनको पाठ्यसहगामी क्रियायें नाम दिया है।
शिक्षा शब्दकोश में पाठ्यसहगामी क्रियाओं का अर्थ स्पष्ट करते हुये लिखा है, "पाठ्य सहगामी क्रियायें वे विद्यालय प्रवर्तित बाल क्रियायें हैं, जिन्हें प्रशासनिक व्यवस्था तथा संगठनात्मक अन्तर्ग्रस्तता की अपेक्षा रहती, जो अधिक प्रतिरूपी कक्षा शिक्षण से कुछ अलग हो।
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