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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षणसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- वस्तुनिष्ठ परीक्षायें कितने प्रकार की होती हैं? उनके रूपों की व्याख्या कीजिए।
सम्बन्धित लघु उत्तरीय प्रश्न
1. वस्तुनिष्ठ प्रश्न के प्रकारों का वर्णन करते हुए प्रत्येक के लिए दो-दो प्रश्नों की रचना कीजिए।
उत्तर-
वस्तुनिष्ठ प्रश्न के प्रकार
वस्तुनिष्ठ परीक्षा के प्रश्न - प्रश्नों की रचना दो रूपों में होती है, एक तो पुनः स्मरण जिसमें स्मरण किये गये तथ्यों की परीक्षा ली जाती है, दूसरा रूप है पहचान प्रश्न, जिसमें समझी हुई बातों को पहचानना होता है-
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वस्तुनिष्ठ प्रश्न के प्रकार
(Objective Type Questions)
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| (अ) पुनः स्मरण प्रश्न (Recall Type ) |
(ब) पहचान प्रश्न (Recognition Types ) |
| 1. स्मरण परख (Simple Recall Type ) |
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| 2. पूर्ति परख (Completion Type) |
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| 3. सत्या सत्य परख (True False Type) |
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| 4. बहुविकल्पीय परख (Multiple Choice Type) |
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| 5. युगलीकरण परख (Matching Type) |
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| 6. बहुविकल्पनात्मक एवं पूर्ति परख (Multiple Choice and Completion Type). |
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| 7. पुनः व्यवस्थीकरण परख (Rearrangement Type) |
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| 8. वर्गीकरण परख (Classification Type) |
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(अ) पुनः स्मरण (Recall Type ) - स्मरण परख और पूर्ती परख इसी के अन्तर्गत आते हैं। उदाहरणार्थ-
(i) तुलसीदास जी ने कितने शब्दों की रचना की? (स्मरण परख)
(ii) सूरसागर में भगवान के चरित्र का गुणगान किया गया है। (पूर्ती परख)
(ब) पहचान प्रश्न (Recognition Type ) - इसके अन्तर्गत सत्य-असत्य परख (True False Test), चुनाव परख (Multiple Choice Test), युगलीकरण परख (Matching Test) एवं चुनाव पूर्ती परख ( Multiple Choice and Completion Test), पुर्नव्यवस्थीकरण परख (Rearrangement) और वर्गीकरण रूप (Classification Type) आते हैं-
(iii) सत्य-असत्य परख - सूरसागर में भगवान राम के चरित्र का गुणगान किया गया है। हाँ नहीं (iv) चुनाव परख (बहुविकल्पात्मक) - निम्नलिखित पाँच कारणों में से जो भी आपको उचित लगता हो उसके आगे (1) चिन्ह लगाओ-
महाकवि सूरदास ने सूरसागर की रचना ब्रजभाषा में की थी क्योंकि-
1. उन्हें संस्कृत नहीं आती थी।
2. वह उनकी मातृभाषा थी।
3. उनके गुरु ने उन्हें उसी भाषा में लिखने का आदेश दिया था।
4. वे अवधी की तुलना में ब्रजभाषा की महत्ता दिखाना चाहते थे।
(v) युगलीकरण परख - (मेल खाते हुए व्याकरण सम्बन्धी संज्ञा, विशेषण, क्रिया विशेषण कोष्ठक में लिखिये।) उदाहरणार्थ-
| (क) बुद्धिमान | जाति वाचक संज्ञा | (क) | व्यक्तिवाचक संज्ञा |
| (ख) सुभाष चन्द्र बोस | जाति वाचक संज्ञा | (ख) | ( ) |
| (ग) धैर्य | जाति वाचक संज्ञा | (ग) | ( ) |
| (घ) अध्यापक | व्यक्तिवाचक संज्ञा | (घ) | ( ) |
| (ङ) हस्तकला | भावचाक संज्ञा | (ङ) | ( ) |
| (च) धीरे-धीरे | विशेषण | (च) | ( ) |
(vi) चुनाव पूर्ति परख - कोष्ठक में दिये गये शब्दों में से कोई एक रिक्त स्थान में भरिये -
कामायनी महाकवि..................... ..की रचना है।
सूरदास, रामवृक्ष, जयशंकर प्रसाद, तुलसीदास।
(vii) पुनर्व्यवस्थीकरण परख - निम्न शब्दों को ऐसे क्रम में लिखें कि पूरा अर्थ निकले- रचना सूरसागर महाकवि है की सूरदास।
(viii) वर्गीकरण रूप - वह शब्द काट दीजिये जो उस समूह का नहीं है-
द्वन्द्व द्विगु, कर्म, वाच्च, बहुब्रीहि, कमल, किताब, स्याही, माता, स्कूल।
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