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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षणसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- हिन्दी शिक्षण की दृष्टि से एक उत्तम परीक्षण की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
अथवा
एक अच्छे परीक्षण की विशेषताए कौन-कौन सी है? विश्वसनीयता, वैधता एवं वस्तुनिष्ठा से आप क्या समझते है?
उत्तर-
परीक्षण के लिए अनेक प्रकार के उपकरणों और उनकी प्रविधियों का प्रयोग किया जाता है। कुछ विज्ञान इन परीक्षणों को एक मापक छड़ी Measuring rod or measuring scale के नाम से सम्बोधित करते हैं। कुछ Measuring rod या scale होते हैं जो सिर्फ मात्रा की जाँच करते हैं
किन्तु कुछ Measuring rod या scale होते हैं जो मात्रा के साथ-साथ गुणवत्ता की भी जाँच करते हैं वही उत्तम मापक कहलाते हैं। ठीक इसी प्रकार छात्रों की शैक्षिक उपलब्धियों का मापन करने के लिए कुछ उत्तम परीक्षण होते हैं।
एक परीक्षण तभी श्रेष्ठ कहा जा सकता है जब वह तुलनात्मक रूप में किसी व्यक्तित्व की शैक्षिक योग्यताओं की समूह के सन्दर्भ में व्याख्या करता है। मन ने इस अवधारणा को प्रस्तुत करते हुए कहा है कि- "परीक्षण एक ऐसी परीक्षा है जो बुद्धि, व्यक्तित्त्व, दृष्टिकोण तथा उपलब्धि के सन्दर्भ में किसी व्यक्ति की सापेक्षिक स्थिति स्पष्ट करती है। मनोवैज्ञानिकों की दृष्टि से व्यक्ति की योग्यताओं को उसके द्वारा किए गए व्यवहार के रूप में भी ग्रहण किया जा सकता है। एनास्तासी के शब्दों में, "एक मनोवैज्ञानिक परीक्षण आवश्यक रूप में किसी व्यवहार के आदर्श का प्रमाणीकृत एवं वस्तुनिष्ठ मापन है।"
उक्त कथनों के आधार पर यह निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि एक उत्तम परीक्षण शैक्षिक उद्देश्यों की पूर्ति करता है और प्रशासन, वैधता, विश्वसनीयता तथा विभेदीकरण की कसौटी पर खरा उतरता है।
एक अच्छे परीक्षण की विशेषताओं को दो प्रमुख वर्गों में बाँटा जा सकता है-
1. व्यावहारिक विशेषताएँ - इसके अन्तर्गत एक उत्तम परीक्षण में निम्नलिखित गुण होने चाहिए-
(i) एक उत्तम परीक्षण उद्देश्यों की पूर्ति करने वाला हो।
(ii) छात्रों के संज्ञानात्मक, भावात्मक, क्रियात्मक व्यवहार में वांछित परिवर्तन का मापन करने वाला
(iii) पाठ्यक्रम का वास्तविक प्रतिनिधित्व करने वाला हो।
(iv) परीक्षण प्रशासन व फलांकन में सरल व शुद्ध हो।
(v) परीक्षण समय, धन व श्रम की बचत करने वाला हो।
(vi) परीक्षण, निदानात्मक व उपचारात्मक दृष्टि से उपयोगी हो।
(vii) उत्तम परीक्षण मूल्यांकन में सहायक हो।
(viii) उत्तम परीक्षण सामान्यीकरण करने वाला हो।
2. तकनीकी विशेषताएँ - तकनीकी रूप से भी एक उत्तम परीक्षण में निम्नलिखित विशेषताएँ होनी चाहिए-
(1) वैधता - परीक्षण की सबसे पहली विशेषता इस बात में निहित होती है कि वह उसी योग्यता का मापन करते हैं जिसके लिए उनका निर्माण किया जाता है। जैसे- भारत के प्रथम प्रधानमन्त्री कौन थे? हिन्दी वर्णमाला में कितने अक्षर होते हैं? इत्यादि।
(2) वस्तुनिष्ठता - उत्तम परीक्षण की एक अन्य उपयोगिता इस बात में भी है कि इस प्रश्नों का फलांकन करने में पूर्ण विश्वसनीयता पायी जाती है। इन प्रश्नों की जाँच एक व्यक्ति करे या एक से अधिक किन्तु फलांकन में अन्तर नहीं आता है क्योंकि इसमें परीक्षक के व्यक्तिगत निर्णय, विचार, धारणा, मानसिक स्तर, मनोदशा इत्यादि का कोई स्थान या असर नहीं पड़ता है। जैसे यदि किसी प्रश्न का उत्तर- पूर्व निर्धारित उत्तर- तालिका से मिलता है तो उसके लिए निर्धारित अंक देने हैं यदि नहीं मिलता है तो अंक नहीं देने हैं।
(3) विश्वसनीयता - किसी भी परीक्षण की उपयोगिता उसकी विश्वसनीयता में निहित होती है। इस प्रणाली में प्रश्न की विश्वसनीयता अधिकतम पायी जाती है क्योंकि इन प्रश्नों का फलांकन एक बार से अधिक बार करने पर भी अंकों में अन्तर नहीं आता है।
(4) समय एवं धन की बचत - उत्तम परीक्षण में समय तथा धन का व्यय कम होता है। क्योंकि प्रश्नों के निर्माण उनके प्रशासन तथा फलांकन के लिए एक निर्धारित समय वही होती है जो कि बहुत कम होता है तथा इसमें समय के साथ धन की भी बचत होती है प्रश्नों के निर्माण में उसके मुद्रण तथा हल करने में कम सामग्री, कागज इत्यादि की आवश्यकता होती है जिससे धन भी कम लगता है।
(5) सम्पूर्ण विषय का प्रतिनिधित्व - उत्तम परीक्षण में सम्पूर्ण पाठ्यक्रम से प्रश्नों का चयन किया जाता है जिसके कारण यह परीक्षण सम्पूर्ण पाठ्यक्रम का प्रतिनिधित्व करता है तथा छात्रों को इसे हल करने के लिए सम्पूर्ण पाठ्यक्रम को ध्यानपूर्वक पढ़ना पड़ता है।
(6) छात्रों के दृष्टिकोण से उपयोगी - यह प्रश्न अत्यन्त संक्षिप्त उत्तर- वाले होते हैं जिससे छात्रों को कम लिखना पड़ता है किसी-किसी प्रश्न में तो सही या गलत का निशान या मिलान चिन्ह लगाने मात्र से ही हल हो जाता है तथा उत्तर- अत्यन्त सरल होते हैं- जैसे, हाँ नहीं, सत्य / असत्य, विकल्पों से ही उत्तर- का चयन इत्यादि। इन प्रश्नों से प्राप्त अंकों से छात्र सन्तुष्ट रहते हैं।
(7) फलांकन की दृष्टि से उपयोगी - उत्तम परीक्षण फलांकन की दृष्टि से उपयोगी है क्योंकि इसमें छात्रों द्वारा किए गए प्रयासों का पूरा प्रतिफल प्राप्त होता है इसमें परीक्षक का अपना कोई हस्तक्षेप नहीं होता। परीक्षा उत्तर- तालिका से उत्तरों को मिलाया जाता है तथा सही स्तरों के लिए निर्धारित अंक प्रदान करता जाता है। अब तो यह प्रक्रिया और भी अधिक आसान, विश्वसनीय तथा उपयोगी हो गयी क्योंकि अब इन प्रश्नों का मूल्यांकन कम्प्यूटर (संगणक) के माध्यम से किया जाता है।
(8) प्रत्येक विषय के लिए उपयोगी - उत्तम परीक्षण का निर्माण प्रत्येक विषय के लिए किया जा सकता है। कोई भी विषय ऐसा नहीं है जिसमें इस प्रणाली का उपयोग न किया जा सके। यह प्रश्न प्रत्येक विषय के लिए सम्पूर्ण पाठ्यक्रम पर आधारित होकर बनाए जाते हैं तथा इससे छात्र के सम्पूर्ण पाठ्यक्रम से सम्बन्धित वास्तविक ज्ञान की जाँच की जा सकती है।
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