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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षणसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- हिन्दी शिक्षण में भाषा प्रयोगशाला किस प्रकार सहायक हो सकती है?
उत्तर-
भाषा प्रयोगशाला शिक्षण के क्षेत्र में अन्य दृश्य श्रव्य उपकरणों की भाँति यह सहायक मात्र है न कि अध्यापक शिक्षा का प्रतिस्थापन। भाषा प्रयोगशाला एक विशेष कक्ष होता है जो विविध दृश्य श्रव्य तथा दृश्य श्रव्य उपकरणों से युक्त होता है। सामान्यतः एक भाषा प्रयोगशाला चार, छः, आठ, बत्तीस टेप रिकॉर्डरों का एक क्रमिक व्यवस्थित संयोजन होता है जिसके माध्यम से शिक्षार्थी अध्येता भाषा अध्ययन के लिए विविध प्रकार के अभ्यास करते हुये भाषा सीखते हैं। किसी भाषा प्रयोगशाला की कार्य प्रणाली उस भाषा प्रयोगशाला में उपलब्ध दृश्य श्रव्य उपकरणों की मात्रा तथा गुण पर निर्भर है। जिस भाषा प्रयोगशाला में जो उपकरण उपलब्ध होंगे उनकी संचालन व्यवस्था तथा संचालन प्रक्रिया उन्हीं के अनुरूप रखनी होगी। वास्तव में भाषा प्रयोगशाला एक सामान्य कक्षा का पूरक रूप है, जहाँ शिक्षार्थी सामान्य कक्षा के अध्ययन के अतिरिक्त समय में टेपित पाठों का श्रवण करते हुये अनुसरण आदि के द्वारा भाषा को व्यवहार के स्तर पर सीखते हैं। भाषा कौशलों का विकास किया जाता है।
आधुनिक युग में भाषा प्रयोगशाला यन्त्रों की सहायता से भाषा सिखाने का एक सक्रिय, स्वप्रयत्नपूर्ण रोचक तथा उपयोगी आधुनिक शिक्षण अभिकरण कही जा सकती है। वर्तमान में छात्रों का ज्ञानात्मक विकास वैज्ञानिक एवं यान्त्रिक साधनों से हो इसलिए भाषा के शिक्षण तथा हिन्दी के शिक्षण के लिए भी सम्मिलित भाषा प्रयोगशाला की स्थापना की जाये। हिन्दी शिक्षण में भाषा प्रयोगशाला एक उपयोगी साधन एवं माध्यम है जिससे गद्य-पद्य, नाटक, रचना एवं वैज्ञानिकता के साथ साहित्यिक एवं लोक-भाषा का शुद्धं ज्ञान इस नवीन विधा के द्वारा देना सम्भव है।
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