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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्यसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य - सरल प्रश्नोत्तर
अध्याय-16 अभिक्रमित अनुदेशन अर्थ, विशेषताएँ, प्रकार (रेखीय एवं शाखीय)
[Programmed Instruction : Meaning, Characteristics, Types (Linear and Branching)]
प्रश्न- अभिक्रमित-अनुदेशन के विभिन्न प्रकारों का उल्लेख कीजिए। रेखीय एवं शाखीय अनुदेशन में अन्तर भी स्पष्ट कीजिए।
अथवा
रेखीय तथा शाखीय प्रोग्रामिंग का अर्थ उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए तथा इन दोनों में अन्तर बताइए।
सम्बन्धित लघु उत्तरीय प्रश्न
अभिक्रमित अनुदेशन कितने प्रकार का होता है?
अथवा
रेखीय अभिक्रमित अनुदेशन क्या है?
उत्तर-
अभिक्रमित अनुदेशन के प्रकार
(Types of Programmed Instruction)
मुख्य रूप से अभिक्रमित अनुदेशन दो प्रकार के होते हैं-
(क) रेखीय - अभिक्रमित अनुदेशन (Linear Programmed Instruction),
(ख) शाखीय - अभिक्रमित अनुदेशन (Branching Programmed Instruction),
रेखीय अभिक्रमित अनुदेशन
रेखीय अभिक्रमित अनुदेशन के खोजकर्ता प्रोफेसर बी० एफ० स्किनर हैं। इन्होंने सर्वप्रथम हॉलैण्ड की सहायता से पहिला अभिक्रमित अनुदेशन तैयार किया।
रेखीय अभिक्रमित अनुदेशन में विद्यार्थी को प्रत्येक पद को पढ़ना पड़ता है और इस प्रकार वह धीरे-धीरे अपेक्षित व्यवहार अर्जित कर लेता है। उदाहरण निम्न चित्र के अनुसार-

इस उदाहरण से स्पष्ट है कि यहाँ विद्यार्थी सर्वप्रथम पहले, फिर दूसरे, बाद में तीसरे तथा इसी क्रम में एक के बाद एक फ्रेम को पढ़ता जाता है तथा अन्त तक सभी फ्रेमों को पढ़ता है। चूँकि यह प्रक्रिया एक सीधी रेखा द्वारा प्रदर्शित की जा सकती है। अतः इस अभिक्रम का नाम रेखीय - अभिक्रमित- अनुदेशन रखा गया है। यहाँ पर बालक के पढ़ने का मार्ग बाह्य रूप से अभिक्रमित अनुदेशन लिखने वाले द्वारा निर्धारित किया जाता है। इसलिए इसे 'बहिनिर्हित अभिक्रम' भी कह देते हैं परन्तु सामान्यः यह रेखीय अभिक्रमित अनुदेशन के नाम से ही पुकारा जाता है।
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