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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्यसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- सामूहिक अन्वेषण प्रतिमान की विवेचना कीजिये।
उत्तर-
सामूहिक अन्वेषण प्रतिमान
(Group Investigation Model)
इस प्रतिमान की रचना जॉन डीवी तथा किलपैट्रिक ने की है। इस प्रतिमान के निम्नलिखित आधारभूत तत्व हैं-
(1) उद्देश्य (Focus) - इस प्रतिमान का प्रमुख उद्देश्य छात्रों की सामाजिक क्षमताओं का विकास करना है जिससे वे प्रजातान्त्रिक जीवन में समायोजन कर सकें।
(2) संरचना (Syntax) - छात्र के समक्ष समस्या प्रस्तुत की जाती है। यह समस्या शाब्दिक रूप में नहीं अपितु वास्तविक रूप में प्रस्तुत की जाती है जिससे छात्र को अनुभव प्रदान किया जा सके। छात्रों को शिक्षकों द्वारा समस्या दी जाती है। समस्या के प्रतिपादन के बाद वे उसके समाधान के लिए प्रयास करते हैं। वे स्वयं क्रियाओं की व्यवस्था करते हैं। अन्त में समूह समस्या के समाधान का मूल्यांकन करता है कि उद्देश्य की प्राप्ति हो सकी है अथवा नहीं। इस प्रकार यह चक्र चलता रहता है।
(3) सामाजिक प्रणाली (Social System) - सामाजिक व्यवस्था प्रजातान्त्रिक होती है। शिक्षक - छात्र दोनों ही क्रियाशील रहते हैं। छात्र को सीखने के लिए पूर्ण स्वतन्त्रता दी जाती है शिक्षक छात्रों की समस्या के समाधान के लिए अभिप्रेरणा देता है। शिक्षक तथा छात्र का स्तर समान होता है परन्तु उसके कार्य अलग-अलग होते हैं। शिक्षक निर्देशक तथा परामर्शदाता का कार्य करता है। शिक्षक को छात्रों की क्रियाओं के सम्बन्ध में सतर्क रहना पड़ता है।
(4) सहायक प्रणाली (Support System) - मूल्यांकन में उद्देश्यों तथा छात्रों की आवश्यकता को ध्यान में रखा जाता है। वास्तव में छात्रों की समस्या के समाधान की सार्थकता, प्रतिमान की सफलता का प्रमुख मापदण्ड होता है। छात्रों को समस्याओं के सन्दर्भ में जितनी सूचनायें ज्ञात हैं इसके आधार पर ही मूल्यांकन किया जाता है।
(5) प्रयोग (Application) - इस प्रतिमान को सामाजिक अन्तःप्रक्रिया तथा सामाजिक सीखने की प्रक्रिया के लिए प्रयुक्त किया जाता है। विषयों के समस्या समाधान के लिए भी इसका प्रयोग किया जा सकता है।
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