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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्यसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- श्रव्य दृश्य सामग्रियों का महत्व बताइये।
उत्तर-
श्रव्य दृश्य सामग्रियों का महत्व
(Importance of Audio-Visual Aids)
सामाजिक विज्ञान शिक्षण में श्रव्य दृश्य सामग्रियों/उपकरणों का निम्नलिखित महत्व है-
1. श्रव्य दृश्य उपकरणों के प्रयोग से बालकों की दृश्य एवं श्रव्य इन्द्रियाँ प्रशिक्षित होती हैं। अतः यह शिक्षण प्रक्रिया का मनोवैज्ञानिक आधार है।
2. कठिन एवं नीरस पाठों के शिक्षण में आने वाली नीरसता श्रव्य दृश्य उपकरणों के प्रयोग से दूर की जा सकती है।
3. इनके प्रयोग से सामाजिक विज्ञान शिक्षण आकर्षक एवं रोचक हो जाता है।
4. छात्रों का ध्यान पाठ में केन्द्रित करने तथा विषय के प्रति रुचि उत्पन्न करने में श्रव्य-दृश्य उपकरण बहुत सहायक होते हैं।
5. इन साधनों की सहायता से छात्र जो ज्ञान प्राप्त करते हैं वह स्थायी होता है।
6. ये साधन सामाजिक विज्ञान शिक्षण में भाषागत दोषों एवं भ्रम के निवारण में विशेष सहयोग प्रदान करते हैं।
7. श्रव्य दृश्य साधन से छात्रों को कार्य करके सीखने के अवसर प्रदान किये जाते हैं।
श्रव्य दृश्य साधनों के महत्व का उल्लेख करते हुये विटिच एवं शुलर ने लिखा है, "श्रव्य-दृश्य विधियाँ और वस्तुएँ प्रभावशील सीखने, प्रबल छात्रा रुचि, उत्साह तथा विद्यालयों में सफलता के लिये अति लाभदायक औधार हैं।"
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