|
बी काम - एम काम >> बीकाम सेमेस्टर-4 पर्यटन एवं यात्रा प्रबन्ध बीकाम सेमेस्टर-4 पर्यटन एवं यात्रा प्रबन्धसरल प्रश्नोत्तर समूह
|
5 पाठक हैं |
|||||||
बीकाम सेमेस्टर-4 पर्यटन एवं यात्रा प्रबन्ध - सरल प्रश्नोत्तर
अध्याय 4 - पर्यटन और पर्यटन संगठनों का प्रभाव
(Impact of Tourism and Tourism Organizations)
प्रश्न- पर्यटन को बढ़ावा देने वाले कारक कौन-से है? पर्यटन के आर्थिक प्रभावों का वर्णन कीजिए।
अथवा
पर्यटन के नकारात्मक और सकारात्मक आर्थिक प्रभावों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
पर्यटन को बढ़ावा देने वाले कारक
भारत एक जैव - भौतिक विविधता वाला विशाल देश है। भूमि के इस विशाल विस्तार में उत्तर-पूर्व में भरपूर वर्षायुक्त भागों से लेकर पश्चिम में सबसे शुष्क भाग तक शामिल हैं। इसमें द्वीप-समूहों, तटीय भूमि (समुद्र तल), ऊँची पर्वत चोटियों को शामिल किया गया है। इसमें नम हरी घाटियों, फूलों की घाटी, तीव्र पहाड़ी ढाल, सुंदर झरने, लंबे-चौड़े सपाट मैदान, शुष्क रेगिस्तान आदि शामिल हैं। इसके अतिरिक्त इसमें गुफाएँ, स्मारक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के स्थल, धार्मिक संरचनाएँ, पहाड़ी रास्ते, साहसिक पर्यटन, चट्टानी चढ़ाई, राफ्टिंग आदि भी शामिल हैं। देश के विभिन्न भागों में प्राकृतिक दर्शनीय स्थलों के अलावा, उनमें से अधिकांश, नवीन पर्यावरण, मनोरंजन केन्द्रों, स्वास्थ्य पुनर्युवन केन्द्रों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। देश पर्यटकों की रुचि के अनुसार वर्ष भर दुनिया के विभिन्न भागों से पर्यटकों को आमंत्रित करता है। दक्षिण भारत की शीतकालीन जलवायु पर्यटकों के लिए अनुकूल स्थल बनाती है, जबकि हिमालय क्षेत्र गर्मियों के दौरान अनुकूल माना जाता है। ये सभी कारक मूल रूप से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए अनुकूल हैं।
कभी एक स्थान पर बड़ी संख्या में पर्यटकों / लोगों के आने के बाद, उन स्थानों में घूमने के साथ-साथ वहाँ कुछ परिणामों का सामना भी करना पड़ता है। ये परिणाम अच्छे के साथ-साथ बुरे भी हो सकते हैं।
पर्यटन के आर्थिक प्रभाव
इस क्षेत्र का आर्थिक महत्व इसमें शामिल लोगों की संख्या के साथ-साथ इससे उत्पन्न आय द्वारा भी निर्धारित किया जा सकता है। प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से, पर्यटन क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। इसमें परिवहन, आवास, भोजन, टिकट, गाइड, नौका विहार, राफ्टिंग, ट्रैकिंग, पर्यटन स्थलों का अनुरक्षण आदि शामिल है। मेजबान मेहमानों को सभी आवश्यक सेवाएँ एवं सुविधाएँ प्रदान करते हैं। मेहमान इन सेवाओं के लिए भुगतान करते हैं। इसलिए, पर्यटन से दोनों क्षेत्रों/देशों के लोगों को, जहाँ पर्यटन का आरंभ और गंतव्य स्थान है, काफी लाभ होता है। ये विभिन्न पर्यटन संबंधी गतिविधियाँ आधारभूत संरचना के विकास द्वारा प्रकट होती हैं। आने या जाने वाले पर्यटकों के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक बेहतर आवागमन सुविधाएँ प्रदान करने के लिए, दोनों क्षेत्रों में अच्छी आधारभूत संरचना की आवश्यकता होती है।
विकासशील देशों में विदेशी पर्यटकों के लिए पर्यटन स्थल को बढ़ावा देना प्राथमिक उद्देश्यों में से एक है। यह विदेशी मुद्रा प्राप्त करने में उनकी मदद करता है। विदेशी मुद्रा भंडार की अच्छी मात्रा व्यापार के संतुलन को बनाए रखने में मदद करती है।
देश में व्यापार संतुलन के अलावा, यह बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करता है। इस तरह वे अपनी आजीविका प्राप्त करते हैं और अपने जीवन-यापन और कल्याण के लिए आय उत्पन्न करते हैं। लेकिन पर्यटन हर समय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अच्छा नहीं होता है। इसका एक नकारात्मक प्रभाव भी है। आइए, एक-एक करके उन पर नजर डालते हैं।
पर्यटन के नकारात्मक आर्थिक प्रभाव
पर्यटन के कारण गंतव्य स्थानों के आर्थिक जीवन पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं, विशेष रूप से, विकासशील देशों या आर्थिक रूप से कम विकसित देशों में। उनमें से कुछ निम्नलिखित हैं-
(1) पर्यटन की कई छिपी लागतें होती हैं, जिनका गंतव्य देशों पर प्रतिकूल आर्थिक प्रभाव पड़ता है। ज्यादातर, अमीर देशों को गरीब देशों की तुलना में बेहतर लाभ प्राप्त होता है। अनेक उपभोग योग्य, उत्पादन, खाद्य और पेय विकसित देशों से आयात किए जाते हैं। - इस प्रकार लाभ विकसित देशों में चला जाता है, क्योंकि कई मेजबान देशों में उपलब्ध उत्पाद विदेशी पर्यटकों के लिए अच्छे मानक के नहीं होते हैं।
(2) पूर्ण-समावेशी पैकेज यात्राओं में, लगभग दो-तिहाई व्यय एयरलाइन, होटल और अन्य अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों को जाता है और स्थानीय व्यवसायों या श्रमिकों को नहीं जाता है।
(3) पूर्ण-समावेशी पैकेज यात्राओं में पर्यटक अपना पूरा प्रवास एक ही क्रूज, जहाज या रिसोर्ट में बिताते हैं, जो उनकी जरूरत के अनुसार सब कुछ प्रदान करता है। वहाँ भी स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए लाभ प्राप्त करने हेतु कोई विकल्प नहीं होता है।
(4) सामान्यतः गरीब विकासशील गंतव्यों में, धन का निवेश सरकार द्वारा पर्यटन के लिए आधारभूत संरचना विकसित करने के लिए किया जाता है, किन्तु लाभ अन्य विकसित देशों में निर्यात हो जाता है, जब विदेशी निवेशक रिसॉर्ट और होटलों को वित्त पोषित करते हैं।
(5) पर्यटकों द्वारा बुनियादी सेवाओं और वस्तुओं के लिए अधिक से अधिक माँग, गंतव्य देश में कीमतों में वृद्धि को प्रेरित करती है। यह उन स्थानीय लोगों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, जिनकी आय उस अनुपात में नहीं बढ़ती है।
(6) गंतव्य राष्ट्र में पर्यटन का विकास, सेवाओं और भूमि के मूल्य में वृद्धि करता है। इस प्रकार, उस स्थान के लोगों की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करना, उनके लिए बहुत मुश्किल हो जाता है।
(7) कई देश मौसमी या कठोर जलवायु परिस्थितियों के कारण पर्यटन का समर्थन नहीं करते हैं। जब वहाँ पर्यटन का मौसम होता है, तो स्थानीय लोगों को कुछ रोजगार का अवसर मिलता है। लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं होती है कि उन्हें अगले मौसम में भी रोजगार मिलेगा। इसलिए वे अपनी आजीविका प्राप्त करने में असुरक्षित होते हैं।
(8) लोग हवाई अड्डों, रिसॉर्ट, होटलों, प्राकृतिक भंडारों और अन्य पर्यटन विकास परियोजनाओं के निर्माण के लिए ऐतिहासिक और अन्य आकर्षण वाले स्थानों पर विस्थापित हो जाते हैं।
पर्यटन के सकारात्मक आर्थिक प्रभाव
विशेषकर आर्थिक रूप से कम विकसित या विकासशील देशों में पर्यटन के कारण, गंतव्य के स्थानीय क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था पर कई सकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। उनमें से कुछ निम्नलिखित हैं-
(1) पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया खर्च मेजबान देशों में आय उत्पन्न करता है। यह अन्य आर्थिक क्षेत्रों के विकास में वृद्धि कर सकता है।
(2) जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने से मेजबान देश में विदेशी मुद्रा की प्राप्ति होती है। यह अच्छी अंतराष्ट्रीय व्यापार क्षमता रखने के लिए एक अच्छा संकेत है।
(3) एक मेजबान देश की सरकार को पर्यटन रोजगार, व्यवसाय, विभिन्न पर्यटक स्थलों / स्मारकों/ टोल करों आदि पर प्रवेश शुल्क से प्राप्त आय पर करों के रूप में राजस्व की प्राप्ति होती है।
(4) पर्यटकों की आवश्यकता की कई वस्तुएँ अन्य देशों से आयात की जाती हैं। सरकार इन वस्तुओं पर आयात शुल्क लगाती है और इस प्रकार, सरकार को वित्तीय लाभ प्राप्त होता है।
(5) तेजी से बढ़ते हुए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन ने महत्वपूर्ण रोजगार के अवसर उत्पन्न किए हैं। इसने पर्यटन में, प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल लोगों को एक बेहतर आर्थिक स्थिति प्रदान की है। यह होटलों, रेस्तरां, गाइड, नाइट क्लबों, टैक्सी, स्थानीय शिल्प, पेंटिंग, स्थानीय सांस्कृतिक उत्पादों आदि के माध्यम से होता है।
(6) पर्यटन स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को बेहतर सुविधाएँ देने के लिए अग्रसर, कई प्रकार की आधारभूत संरचनाओं के निर्माण करने के लिए सरकार को अधिक निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
(7) पर्यटक खोमचा लगाने वालों, रिक्शा चालकों, चाय / कॉफी स्टालों, पत्रिका कॉर्नरों, पैक की गई भोज्य सामग्री आदि की दुकानों, जैसे अनौपचारिक क्षेत्रों में आजीविका प्राप्त करने के अवसर देकर स्थानीय लोगों को बढ़ावा देता है।
(8) अनौपचारिक क्षेत्र में रोजगार स्थानीय अर्थव्यवस्था में धन के प्रवाह को बढ़ाता है। इसने एक ही साथ निवेश करने और अधिक आय उत्पन्न करने के द्वारा लोगों को प्रभावित किया है।
|
|||||











