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बी ए - एम ए >> बीए बीएससी सेमेस्टर-4 शारीरिक शिक्षा बीए बीएससी सेमेस्टर-4 शारीरिक शिक्षासरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीए बीएससी सेमेस्टर-4 शारीरिक शिक्षा - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- मानसिक तथा सामाजिक विकास के लिए शारीरिक शिक्षा की आवश्यकता पर प्रकाश डालिए।
उत्तर-
शैशवावस्था में बालक खेलना अधिक पसन्द करते हैं खेलों के माध्यम से बालक में अच्छी आदतों का विकास किया जा सकता है। बाल्यावस्था में बालक तथा बालिकाओं में सामाजिक विकास होना प्रारम्भ हो जाता है वह विद्यालय में अपने साथियों के साथ समूह में खेलते हैं, समूह में रचनात्मक कार्य करते हैं इसमें उनमें सहयोग, सद्भावना, सहनशीलता आदि सामाजिक गुणों का विकास स्वयं ही हो जाता है। शैशवास्वस्था में बालक में जिज्ञासा अधिक होती है। यदि सही समय पर उसे सही जानकारी दी जाये तो उसका मानसिक विकास सकारात्मक दिशा में हो सकता है वहीं बाल्यावस्था में बालकों में पूर्व-विकसित मानसिक योग्यताओं में दृढ़ता आ जाती है इससे उनमें तर्क चिन्तन, विचार- विमर्श, समस्या समाधान की योग्यता का विकास हो जाता है।
मानसिक विकास की दृष्टि से किशोरावस्था को सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है। शारीरिक शिक्षा के द्वारा किशोर व किशोरियों के मानसिक विकास को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। पाठ्यक्रम में खेल को विषय के रूप में शामिल किया जाये जिससे किशोरों की अतिरिक्त ऊर्जा (शक्ति) को गलत दिशा में जाने से रोका जा सके। विद्यालयों में विभिन्न शारीरिक व्यायाम, क्रियाएँ एवं खेलकूद की समुचित व्यवस्था करके किशारों को उससे सम्बद्ध किया जाये इससे उनमें सहयोग, परस्पर प्रेम, सहानुभूति और सामाजिक समायोजन जैसे गुणों का विकास किया जा सकता है।
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