बी ए - एम ए >> बीए सेमेस्टर-4 मनोविज्ञान बीए सेमेस्टर-4 मनोविज्ञानसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीए सेमेस्टर-4 मनोविज्ञान - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- बूलूमिया (Bulumia) पर प्रकाश डालिए।
उत्तर-
बुलिमिया एक ऐसी मनोदैहिक विकृति है जिसमें रोगी अत्यधिक खाना खाता है, जिसके कारण उसका मोटापा बढ़ जाता है। यह मनोदैहिक विकृति एनोरेक्सीया नरभोसा (anorexianervosa) से विपरीत होता है। मोटापा कभी-कभी अंन्तः स्रावी ग्रन्थियों की गड़बड़ी के कारण भी उत्पन्न हो जाता है, इसे बुलिमिया नहीं कहते हैं। कुछ मनोचिकित्सकों के अनुसार बुलिमिया में अत्यधिक खाने के व्यवहार को किसी अपूर्ण आवश्यकता की प्रतिस्थापित संतुष्टि माना गया है। मनोविश्लेषण सिद्धान्त के अनुसार बुलिमिया को रोगी में मनोलैंगिक विकास (Psychosexual development) को मुखावस्था (oral stage) से सम्बन्धित गड़बड़ी पायी जाती है जैसे की हम जानते हैं कि बालक मुखावस्था में मुँह सम्बन्धी एवं खाने-पीने की क्रियाओं में सर्वाधिक दिलचस्पी रखता है अगर इस अवस्था की आवश्यकताओं का समाधान ठीक ढंग से न हो तो यह आवश्यकताएँ वयस्कावस्था तक बनी रहती जिसके कारण व्यक्ति अत्यधिक खाता (overeating) है। यह केवल मनोविश्लेषणात्मक दृष्टिकोण है, इसके अलावा बुलिमिया के अन्य मानसिक कारण हो सकते हैं।
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