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बी एड - एम एड >> बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-C - लिंग, विद्यालय एवं समाज बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-C - लिंग, विद्यालय एवं समाजसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-C - लिंग, विद्यालय एवं समाज
प्रश्न- महिलाओं के आरक्षण के पक्ष में कौन-से तर्क सामने आए?
उत्तर-
महिलाओं के कोटा और आरक्षण नीति के पक्ष में बहस के दौर में मुख्य रूप से निम्नलिखित तर्क सामने आए-
- लिंग के लिहाज से निर्वाचित विधानसभाओं की न्यूनतम प्रतिनिधिकता की गारंटी देकर महिला कोटा लिंग विश्रृंखल न्यायसंगतता को बढ़ावा देगें;
- विधायी निकायों में महिलाओं की बढ़ी विधानता महिला हितों को बेहतर प्रतिनिधित सुरक्षित करेंगी; और
- महिला कोटा निर्वाचित प्रधान सभाओं, और इसके सहारे, व्यापक समाज को महिला, विशेष प्रतिनिधाओं द्वारा गठित संसाधन आधार का लाभप्रद ढंग से दोहन करने में सक्षम बनाएगा।
महिलाओं के अधिक न्यायसंगत राजनीतिक प्रतिनिधित्व की दिशा में एक साधन स्वरूप कोटा प्रणाली में दोषों को उजागर करते कुछ नकारात्मक तर्क भी हैं:
- केवल उच्च वर्ग की महिलाएं, अथवा राजनीतिकों से महिला संबंधी, ही वास्तव में आरक्षणों से लाभ उठाएंगी;
- वर्तमान में विधायिकाओं के रूप में कार्य करने को पर्याप्त महिलाएं तैयार नहीं हैं, इसी कारण, बड़ी संख्या में अक्षम लोगों के चुने जाने की संभावनाएं होगी;
- महिलाओं के लिए कुछ निर्वाचित क्षेत्रों और उन पदों जिन पर वे विधायिकाओं में आ सकती हैं, के लिहाज से एक पुरुष प्रतितुल्य प्रतिनिधियों की आशंका है जो उन्हें एक राजनीतिक दलित अल्पसंख्यक वर्ग की श्रेणी में खड़ा कर देता; और
- महिलाओं हेतु आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों का चक्रवर्ती महिलाओं को किसी प्रकार का राजनीतिक अधिकारविहीन प्राप्त करने, और किसी भी प्रकार का नारी एकरूपीकरण उत्पन्न करने से वंचित कर देगा!
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