लोगों की राय

बी एड - एम एड >> बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-C - लिंग, विद्यालय एवं समाज

बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-C - लिंग, विद्यालय एवं समाज

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2023
पृष्ठ :215
मुखपृष्ठ : ई-पुस्तक
पुस्तक क्रमांक : 2702
आईएसबीएन :0

Like this Hindi book 0

5 पाठक हैं

बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-C - लिंग, विद्यालय एवं समाज

प्रश्न- प्रसवपूर्व निदान तकनीकों का प्रयोग किन परिस्थितियों में कर सकते हैं तथा किनमें नहीं?

उत्तर-

प्रसवपूर्व निदान तकनीकों का प्रयोग निम्नलिखित स्थितियों के अंतर्गत किया जा सकता है—

  1. ऐसे किसी भी स्थान का, जिसके अंतर्गत रजिस्ट्रीकृत आनुवंशिक सलाह केंद्र या आनुवंशिक प्रयोगशाला या आनुवंशिक क्लीनिक है, किसी व्यक्ति द्वारा, खंड (2) में विनिर्दिष्ट प्रयोजनों और खंड (3) में विनिर्दिष्ट किन्हीं बातों को पूरा करने के सिवाय, प्रसवपूर्व निदान-तकनीकी प्रक्रिया करने के लिए उपयोग नहीं किया जाएगा अथवा उपयोग नहीं कराया जाएगा।

  2. कोई भी प्रसवपूर्व निदान-तकनीक या निम्नलिखित असामान्यताओं में से किसी का पता लगाने के प्रयोजनों के सिवाय, उपयोग नहीं किया जाएगा—

    (i) गुणसूत्री असामान्यताएँ;
    (ii) आनुवंशिक मेटाबोलिक रोग;
    (iii) हीमोग्लोबिन विकृतियाँ;
    (iv) लिंग सहलग्न आनुवंशिक रोग;
    (v) जन्मजात असामान्यताएँ;
    (vi) ऐसी कोई असामान्यताएँ या रोग जो केंद्रीय पर्यवेक्षण बोर्ड द्वारा विनिर्दिष्ट किए जाएँ।

  3. किसी भी प्रसवपूर्व निदान-तकनीक का उपयोग या परीक्षण तभी किया जाएगा जब ऐसा करने के लिए अहर्ता व्यक्ति का उन कारणों से जो लेखबद्ध किए जाएँ, यह समझा हो जाता है कि निम्नलिखित किसी शर्त को पूर्ण की गई है, अर्थात—

    (i) गर्भवती स्त्री की आयु पैंतीस वर्ष से अधिक है;
    (ii) गर्भवती स्त्री दो या दो से अधिक स्वतः गर्भपात हुए या भ्रूण हानि हुई है;
    (iii) गर्भवती स्त्री, विषाक्त विकरणजनों, जैसे कि औद्योगिक, विकरणों, संक्रमण या रसायनों से प्रभावित हुई है;
    (iv) गर्भवती स्त्री या उसके पति के कुलध्व में मानसिक मंदता या शारीरिक विकलांगता जैसे कि संरचनागत या किसी अन्य आनुवंशिक रोग का परिवार वृत्त है।

<< पिछला पृष्ठ प्रथम पृष्ठ अगला पृष्ठ >>

अन्य पुस्तकें

लोगों की राय

No reviews for this book