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बी ए - एम ए >> फास्टर नोट्स-2018 बी. ए. प्रथम वर्ष शिक्षाशास्त्र प्रथम प्रश्नपत्र फास्टर नोट्स-2018 बी. ए. प्रथम वर्ष शिक्षाशास्त्र प्रथम प्रश्नपत्रयूनिवर्सिटी फास्टर नोट्स
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बी. ए. प्रथम वर्ष (सेमेस्टर-1) शिक्षाशास्त्र के नवीनतम पाठ्यक्रमानुसार हिन्दी माध्यम में सहायक-प्रश्नोत्तर
प्रश्न- जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर-
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान
(District Institute of Education and Training DIET)
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत में अनेक परिवर्तन हुए और सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्र में हमारे देश बहुत प्रगति की, किन्तु विकास के लाभ सभी वर्गों तक पहुँचाना संभव नहीं हो सका। इस असम्भव कार्य को शिक्षा के माध्यम से सम्भव किया जा सकता है। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु भारत सरकार ने अगस्त 1985 में शिक्षा की चुनौती नीति सम्बन्धी परिप्रेक्ष्य नामक दस्तावेज प्रकाशित किया। इस दस्तावेज से पूरे देश में शिक्षा पर बहस हुई विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों का विश्लेषण करने के बाद मई 1986 में सरकार ने नई शिक्षा नीति का प्रारूप प्रस्तुत किया और तत्पश्चात् 'प्रोग्राम ऑफ एक्शन' की घोषणा की।
नई शिक्षा नीति के अनुसार निश्चिय किया गया कि सम्पूर्ण देश के प्रत्येक जिले में एक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) की स्थापना की जाए। इस संकल्प के अनुसार प्रत्येक जिले में एक 'डायट' की स्थापना कर दी गई इन संस्थाओं द्वारा प्रारम्भिक विद्यालयों के शिक्षकों की योग्यताओं में सुधार किया जाता है और उनमें वृद्धि की जाती है। इनमें प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाती है। यह प्रशिक्षण निम्नलिखित दो प्रकार का होता है
(1) सेवापूर्व (Pre-Service), (2) सेवाकालीन (In Service)
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान का उद्देश्य जिला स्तर पर शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाना है। जिले में नवाचारिक शैक्षिक गतिविधियों तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आयोजित करना तथा जिला स्तर पर शिक्षा के लिए योजना तैयार करना संस्थान का मुख्य उद्देश्य है। इस संस्थान के मुख्य कार्य निम्न हैं
(1) प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के लिए सेवा पूर्व तथा सेवाकालीन प्रशिक्षण देना। इसके अतिरिक्त विद्यालय संकुल के मुखिया, ब्लॉक स्तर पर शिक्षा विभाग के अधिकारी, औपचारिक प्रौढ़ शिक्षा इत्यादि के प्रशिक्षण की व्यवस्था करना।
(2) जिले में प्राथमिक तथा प्रौढ़ शिक्षा व्यवस्था में शैक्षिक तथा संसाधन का सहयोग देना। (3) जिला स्तर पर प्राथमिक तथा प्रौढ़ शिक्षा के क्षेत्रों में उद्देश्यों की प्राप्ति में आने वाली विशिष्ट
समस्याओं के समाधान के लिए क्रियात्मक अनुसन्धान तथा प्रयोग करना।
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- प्रश्न- वैदिक काल में गुरुओं के शिष्यों के प्रति उत्तरदायित्वों का वर्णन कीजिए।
- प्रश्न- वैदिककालीन शिक्षा में गुरु-शिष्य के परस्पर सम्बन्धों का विवेचनात्मक वर्णन कीजिए।
- प्रश्न- वैदिक शिक्षा व्यवस्था की प्रमुख विशेषताओं की विवेचना कीजिए। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु यह किस सीमा तक प्रासंगिक है?
- प्रश्न- वैदिक शिक्षा की मुख्य विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
- प्रश्न- प्राचीन भारतीय शिक्षा के कम से कम पाँच महत्त्वपूर्ण आदर्शों का उल्लेख कीजिए और आधुनिक भारतीय शिक्षा के लिए उनकी उपयोगिता बताइए।
- प्रश्न- वैदिककालीन शिक्षा के मुख्य उद्देश्य एवं आदर्श क्या थे? वैदिक काल में प्रचलित शिक्षा के मुख्य गुण एवं दोष बताइए।
- प्रश्न- वैदिककालीन शिक्षा के मुख्य उद्देश्य क्या थे?
- प्रश्न- वैदिककालीन शिक्षा के प्रमुख गुण बताइए।
- प्रश्न- प्राचीन काल में शिक्षा से क्या अभिप्राय था? शिक्षा के मुख्य उद्देश्य एवं आदर्श क्या थे?
- प्रश्न- वैदिककालीन उच्च शिक्षा का वर्णन कीजिए।
- प्रश्न- प्राचीन भारतीय शिक्षा में प्रचलित समावर्तन और उपनयन संस्कारों का अन्तर स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न- वैदिककालीन शिक्षा का मुख्य उद्देश्य ज्ञान का विकास तथा आध्यात्मिक उन्नति करना था। स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न- आधुनिक काल में प्राचीन वैदिककालीन शिक्षा के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न- वैदिक शिक्षा में कक्षा नायकीय प्रणाली के महत्व की विवेचना कीजिए।
- प्रश्न- वैदिक कालीन शिक्षा पर प्रकाश डालिए।
- प्रश्न- शिक्षा से आप क्या समझते हैं? शिक्षा के विभिन्न सम्प्रत्ययों का उल्लेख करते हुए उसके वास्तविक सम्प्रत्यय को स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा का अर्थ लिखिए।
- प्रश्न- शिक्षा से आप क्या समझते हैं?
- प्रश्न- शिक्षा के दार्शनिक सम्प्रत्यय की विवेचना कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा के समाजशास्त्रीय सम्प्रत्यय की विवेचना कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा के राजनीतिक सम्प्रत्यय की विवेचना कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा के आर्थिक सम्प्रत्यय की विवेचना कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा के मनोवैज्ञानिक सम्प्रत्यय की विवेचना कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा के वास्तविक सम्प्रत्यय को स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न- क्या मापन एवं मूल्यांकन शिक्षा का अंग है?
- प्रश्न- शिक्षा को परिभाषित कीजिए। आपको जो अब तक ज्ञात परिभाषाएँ हैं उनमें से कौन-सी आपकी राय में सर्वाधिक स्वीकार्य है और क्यों?
- प्रश्न- शिक्षा से तुम क्या समझते हो? शिक्षा की परिभाषाएँ लिखिए तथा उसकी विशेषताएँ बताइए।
- प्रश्न- शिक्षा का संकीर्ण तथा विस्तृत अर्थ बताइए तथा स्पष्ट कीजिए कि शिक्षा क्या है?
- प्रश्न- शिक्षा का 'शाब्दिक अर्थ बताइए।
- प्रश्न- शिक्षा का अर्थ स्पष्ट करते हुए इसकी अपने शब्दों में परिभाषा दीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा से आप क्या समझते हैं?
- प्रश्न- शिक्षा को परिभाषित कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा की दो परिभाषाएँ लिखिए।
- प्रश्न- शिक्षा की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
- प्रश्न- आपके अनुसार शिक्षा की सर्वाधिक स्वीकार्य परिभाषा कौन-सी है और क्यों?
- प्रश्न- 'शिक्षा एक त्रिमुखी प्रक्रिया है।' जॉन डीवी के इस कथन से आप कहाँ तक सहमत हैं?
- प्रश्न- 'शिक्षा भावी जीवन की तैयारी मात्र नहीं है, वरन् जीवन-यापन की प्रक्रिया है। जॉन डीवी के इस कथन को उदाहरणों से स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा के क्षेत्र का वर्णन कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा विज्ञान है या कला या दोनों? स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा की प्रकृति की विवेचना कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा के व्यापक व संकुचित अर्थ को स्पष्ट कीजिए तथा शिक्षा के व्यापक व संकुचित अर्थ में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षा और साक्षरता पर संक्षिप्त टिप्पणी दीजिए। इन दोनों में अन्तर व सम्बन्ध स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न- शिक्षण और प्रशिक्षण के बारे में प्रकाश डालिए।
- प्रश्न- विद्या, ज्ञान, शिक्षण प्रशिक्षण बनाम शिक्षा पर प्रकाश डालिए।
- प्रश्न- विद्या और ज्ञान में अन्तर समझाइए।
- प्रश्न- शिक्षा और प्रशिक्षण के अन्तर को स्पष्ट कीजिए।










