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फास्टर नोट्स-2018 बी. ए. प्रथम वर्ष शिक्षाशास्त्र प्रथम प्रश्नपत्र

यूनिवर्सिटी फास्टर नोट्स

प्रकाशक : कानपुर पब्लिशिंग होम प्रकाशित वर्ष : 2017
पृष्ठ :136
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 307
आईएसबीएन :0

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बी. ए. प्रथम वर्ष (सेमेस्टर-1) शिक्षाशास्त्र के नवीनतम पाठ्यक्रमानुसार हिन्दी माध्यम में सहायक-प्रश्नोत्तर

प्रश्न- राष्ट्रीय शिक्षा नीति की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

उत्तर-

राष्ट्रीय शिक्षा नीति की विशेषतायें

राष्ट्रीय शिक्षा नीति की प्रमुख विशेषतायें निम्नलिखित हैं-
(1) शैक्षिक स्तर को उच्च बनाना - इस शिक्षा नीति के पाठ्यक्रम के अन्तर्गत ऐसे विषयों को समाविष्ट किया जाता है जिसका स्तर उच्च का हो जैसे कि गणित, विज्ञान आदि विषय न केवल हमारे देश में वरन विदेशों में भी इसे पढाया जाता है। इस प्रकार हमारे देश का शिक्षार्थी विदेश में जाकर भी इस स्तर को प्राप्त कर सकेगा।
(2) शैक्षिक स्तर तथा पाठ्यक्रम में समानता - राज्य के शैक्षिक स्तर एवं पाठ्यक्रम में जो भी असमानतायें हैं वो इस शिक्षा पद्धति के द्वारा ही हैं। अगर वो समाप्त हो जायेंगी तथा समस्त राज्यों में एक समान पाठ्यक्रम बनाया जाएगा जिससे पश्चिम में जो रहने वाला छात्र होगा वो पूरब में भी अपनी शिक्षा को प्राप्त कर सकेगा तथा प्रत्येक छात्र चाहे वह किसी भी प्रान्त का हो प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षा पास कर सकेगा।
(3) मूल्यांकन की नवीन व्यवस्था - नवीन शिक्षा पद्धति के द्वारा मूल्यांकन के लिए नई मूल्यांकन प्रणाली का निर्माण किया गया है। शिक्षार्थियों को परीक्षा परिणाम श्रेणियों एवं ग्रेडों के आधार प्रदान किए जाते हैं। ये ग्रेड मुख्य रूप से 5 प्रकार के होते हैं
(i) विशिष्ट योग्यता, (ii) उत्तम, (iii) अच्छा, (iv) सन्तोषजनक, (v) निम्न।
नवीन शिक्षा प्रणाली के द्वारा किसी भी छात्र को अनुत्तीर्ण नहीं किया जायेगा।
(4) शिक्षा संरचना में समरूपता - इस नवीन शिक्षा पद्धति के द्वारा सम्पूर्ण देश की शिक्षा पद्धति में समरूपता को देखा जा सकेगा। यह समरूपता शिक्षार्थियों में राष्ट्रीय एकता की भावना को जागृत करेगी तथा राष्ट्रीय एकता के द्वारा बुद्धिजीवी वर्ग एक-दूसरे के प्रान्तों के व्यक्तियों से विचारों का आदान- प्रदान कर सकेगे।
(5) विश्वविद्यालय में बढ़ती हुई शिक्षार्थियों की भीड़ को रोकना - यह पद्धति विश्वविद्यालयों में शिक्षार्थियों की भीड़ रोकने में सफल रहेगी। शिक्षार्थी व्यावसायिक शिक्षा को प्राप्त करके रोजगार को प्राप्त कर सकेगा और कार्यरत व्यक्ति यदि शिक्षा को प्राप्त करना चाहते हैं तो वे पत्राचार के माध्यम से शिक्षा को ग्रहण कर सकेंगे।
(6) व्यावसायिक शिक्षा प्रधानता - शिक्षा पद्धति के अन्तर्गत व्यावसायिक शिक्षा को प्रमुखता दी गई है जिसे प्राप्त कर छात्र में स्वावलम्बन की भावना विकसित होगी और श्रम के प्रति निष्ठा की भावना पैदा होगी। छात्र अपनी रुचि के अनुसार व्यवसाय को आरम्भ कर सकेगा जिससे कि बेरोजगारी की समस्या का समाधान किया जा सकेगा।
(7) स्वास्थ्य में सुधार - इस शिक्षा पद्धति के अन्तर्गत शारीरिक शिक्षा को महत्व प्रदान किया गया है जिससे कि छात्र के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ में सुधार किया जा सकेगा।
नई शिक्षा नीति राष्ट्र के विकास में सहायक रूप से सिद्ध होगी जिसकी कुछ विशेषतायें जैसे कि शिक्षा में समानता, व्यावसायिक शिक्षा प्रधानता आदि को आँखों से कतई ओझल नहीं किया जा सकता।
किसी भी देश की प्रगति और उसकी शिक्षा व्यवस्था उस देश की शिक्षा प्रणाली पर आधारित होती है। जिसके आधार पर सम्पूर्ण देश की शिक्षा व्यवस्था में समानता, गत्यात्मकता एवं प्रगतिशीलता देखने को मिलती है।

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    अनुक्रम

  1. प्रश्न- वैदिक काल में गुरुओं के शिष्यों के प्रति उत्तरदायित्वों का वर्णन कीजिए।
  2. प्रश्न- वैदिककालीन शिक्षा में गुरु-शिष्य के परस्पर सम्बन्धों का विवेचनात्मक वर्णन कीजिए।
  3. प्रश्न- वैदिक शिक्षा व्यवस्था की प्रमुख विशेषताओं की विवेचना कीजिए। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु यह किस सीमा तक प्रासंगिक है?
  4. प्रश्न- वैदिक शिक्षा की मुख्य विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
  5. प्रश्न- प्राचीन भारतीय शिक्षा के कम से कम पाँच महत्त्वपूर्ण आदर्शों का उल्लेख कीजिए और आधुनिक भारतीय शिक्षा के लिए उनकी उपयोगिता बताइए।
  6. प्रश्न- वैदिककालीन शिक्षा के मुख्य उद्देश्य एवं आदर्श क्या थे? वैदिक काल में प्रचलित शिक्षा के मुख्य गुण एवं दोष बताइए।
  7. प्रश्न- वैदिककालीन शिक्षा के मुख्य उद्देश्य क्या थे?
  8. प्रश्न- वैदिककालीन शिक्षा के प्रमुख गुण बताइए।
  9. प्रश्न- प्राचीन काल में शिक्षा से क्या अभिप्राय था? शिक्षा के मुख्य उद्देश्य एवं आदर्श क्या थे?
  10. प्रश्न- वैदिककालीन उच्च शिक्षा का वर्णन कीजिए।
  11. प्रश्न- प्राचीन भारतीय शिक्षा में प्रचलित समावर्तन और उपनयन संस्कारों का अन्तर स्पष्ट कीजिए।
  12. प्रश्न- वैदिककालीन शिक्षा का मुख्य उद्देश्य ज्ञान का विकास तथा आध्यात्मिक उन्नति करना था। स्पष्ट कीजिए।
  13. प्रश्न- आधुनिक काल में प्राचीन वैदिककालीन शिक्षा के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।
  14. प्रश्न- वैदिक शिक्षा में कक्षा नायकीय प्रणाली के महत्व की विवेचना कीजिए।
  15. प्रश्न- वैदिक कालीन शिक्षा पर प्रकाश डालिए।
  16. प्रश्न- शिक्षा से आप क्या समझते हैं? शिक्षा के विभिन्न सम्प्रत्ययों का उल्लेख करते हुए उसके वास्तविक सम्प्रत्यय को स्पष्ट कीजिए।
  17. प्रश्न- शिक्षा का अर्थ लिखिए।
  18. प्रश्न- शिक्षा से आप क्या समझते हैं?
  19. प्रश्न- शिक्षा के दार्शनिक सम्प्रत्यय की विवेचना कीजिए।
  20. प्रश्न- शिक्षा के समाजशास्त्रीय सम्प्रत्यय की विवेचना कीजिए।
  21. प्रश्न- शिक्षा के राजनीतिक सम्प्रत्यय की विवेचना कीजिए।
  22. प्रश्न- शिक्षा के आर्थिक सम्प्रत्यय की विवेचना कीजिए।
  23. प्रश्न- शिक्षा के मनोवैज्ञानिक सम्प्रत्यय की विवेचना कीजिए।
  24. प्रश्न- शिक्षा के वास्तविक सम्प्रत्यय को स्पष्ट कीजिए।
  25. प्रश्न- क्या मापन एवं मूल्यांकन शिक्षा का अंग है?
  26. प्रश्न- शिक्षा को परिभाषित कीजिए। आपको जो अब तक ज्ञात परिभाषाएँ हैं उनमें से कौन-सी आपकी राय में सर्वाधिक स्वीकार्य है और क्यों?
  27. प्रश्न- शिक्षा से तुम क्या समझते हो? शिक्षा की परिभाषाएँ लिखिए तथा उसकी विशेषताएँ बताइए।
  28. प्रश्न- शिक्षा का संकीर्ण तथा विस्तृत अर्थ बताइए तथा स्पष्ट कीजिए कि शिक्षा क्या है?
  29. प्रश्न- शिक्षा का 'शाब्दिक अर्थ बताइए।
  30. प्रश्न- शिक्षा का अर्थ स्पष्ट करते हुए इसकी अपने शब्दों में परिभाषा दीजिए।
  31. प्रश्न- शिक्षा से आप क्या समझते हैं?
  32. प्रश्न- शिक्षा को परिभाषित कीजिए।
  33. प्रश्न- शिक्षा की दो परिभाषाएँ लिखिए।
  34. प्रश्न- शिक्षा की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
  35. प्रश्न- आपके अनुसार शिक्षा की सर्वाधिक स्वीकार्य परिभाषा कौन-सी है और क्यों?
  36. प्रश्न- 'शिक्षा एक त्रिमुखी प्रक्रिया है।' जॉन डीवी के इस कथन से आप कहाँ तक सहमत हैं?
  37. प्रश्न- 'शिक्षा भावी जीवन की तैयारी मात्र नहीं है, वरन् जीवन-यापन की प्रक्रिया है। जॉन डीवी के इस कथन को उदाहरणों से स्पष्ट कीजिए।
  38. प्रश्न- शिक्षा के क्षेत्र का वर्णन कीजिए।
  39. प्रश्न- शिक्षा विज्ञान है या कला या दोनों? स्पष्ट कीजिए।
  40. प्रश्न- शिक्षा की प्रकृति की विवेचना कीजिए।
  41. प्रश्न- शिक्षा के व्यापक व संकुचित अर्थ को स्पष्ट कीजिए तथा शिक्षा के व्यापक व संकुचित अर्थ में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
  42. प्रश्न- शिक्षा और साक्षरता पर संक्षिप्त टिप्पणी दीजिए। इन दोनों में अन्तर व सम्बन्ध स्पष्ट कीजिए।
  43. प्रश्न- शिक्षण और प्रशिक्षण के बारे में प्रकाश डालिए।
  44. प्रश्न- विद्या, ज्ञान, शिक्षण प्रशिक्षण बनाम शिक्षा पर प्रकाश डालिए।
  45. प्रश्न- विद्या और ज्ञान में अन्तर समझाइए।
  46. प्रश्न- शिक्षा और प्रशिक्षण के अन्तर को स्पष्ट कीजिए।

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