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फास्टर नोट्स-2018 बी. ए. प्रथम वर्ष शिक्षाशास्त्र प्रथम प्रश्नपत्र

यूनिवर्सिटी फास्टर नोट्स

प्रकाशक : कानपुर पब्लिशिंग होम प्रकाशित वर्ष : 2017
पृष्ठ :136
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 307
आईएसबीएन :0

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बी. ए. प्रथम वर्ष (सेमेस्टर-1) शिक्षाशास्त्र के नवीनतम पाठ्यक्रमानुसार हिन्दी माध्यम में सहायक-प्रश्नोत्तर

प्रश्न- विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर टिप्पणी लिखिए।

उत्तर-

विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता

भारतीय संविधान के (अनुच्छेद 19 से 22 के) अन्तर्गत भारतीय नागरिकों को उनकी स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार प्राप्त है। स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों के अन्तर्गत छः स्वतंत्रताएँ प्रदान की गयी हैं, जिनमें से पहली है विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता।
भारतीय संविधान में सभी भारतीय नागरिकों को विचार करने, भाषण देने और अपने तथा अन्य व्यक्तियों के विचारों के प्रचार एवं प्रसार करने की स्वतंत्रता प्राप्त है। प्रेस भी चूँकि विचारों का प्रचार करते हैं, इस कारण प्रेस की स्वतंत्रता का भी प्रावधान है। मूल भारतीय संविधान में विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का क्षेत्र अत्यन्त व्यापक था किन्तु सन् 1951 के प्रथम संविधान संशोधन के द्वारा विचार तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित कर दिया गया। यद्यपि इस संशोधन के पूर्व भी विचार तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को अपमान लेख तथा वचन, न्यायालय अपमान, शिष्टाचार या सदाचार पर आघात तथा राज्य की सुरक्षा के हित में इसे सीमित किया जा सकता था। 1951 के संविधान संशोधन के बाद राज्य निम्न आधारों पर विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक लगा सकता है -
राज्य की सुरक्षा, विदेशी राज्यों से मित्रतापूर्ण सम्बन्ध, सार्वजनिक व्यवस्था, शिष्टाचार या सदाचार, न्यायालय अपमान, अपराध के लिए उत्तेजित करना तथा 1963 के 16वें संविधान संशोधन के द्वारा एक प्रतिबन्ध यह भी लगाया जा सकता है कि यदि कोई व्यक्ति भारत राज्य से उसके किसी भाग को
अलग करवाने का प्रचार करे तो राज्य उसकी विचार तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित या प्रतिबन्धित कर सकता है।
सन् 1975 के आपातकाल के दौरान प्रेस द्वारा संसद तथा राज्य विधानमण्डलों की कार्यवाहियों के प्रकाशन पर रोक लगा दी गयी थी किन्तु 44वें संविधान संशोधन (1979) के द्वारा इस रोक को हटा दिया गया। मुम्बई उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने जून 1988 को एक ऐतिहासिक निर्णय देते हुए कहा कि 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार दूरदर्शन पर भी लागू होता है। - दूरदर्शन पर दिखाए जाने वाले कार्यक्रमों में विशेष तौर पर बातचीत, साक्षात्कार या इसी तरह के अन्य कार्यक्रमों में यदि किसी कानूनी आधार के बिना कोई काट-छाँट की जाती है तो इस प्रकार की कार्यवाही को अवैध घोषित किया जा सकता है। सर्वोच्च न्यायालय ने 10 फरवरी, 1995 के एक ऐतिहासिक फैसले में कहा था कि 'विचार और अभिव्यक्ति के अधिकार में शिक्षित करने, सूचना देने तथा मनोरंजन करने का अधिकार सम्मिलित है। खेल-कूद की गतिविधियों का प्रसारण करने का अधिकार भी इसमें सम्मिलित है।

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    अनुक्रम

  1. प्रश्न- वैदिक काल में गुरुओं के शिष्यों के प्रति उत्तरदायित्वों का वर्णन कीजिए।
  2. प्रश्न- वैदिककालीन शिक्षा में गुरु-शिष्य के परस्पर सम्बन्धों का विवेचनात्मक वर्णन कीजिए।
  3. प्रश्न- वैदिक शिक्षा व्यवस्था की प्रमुख विशेषताओं की विवेचना कीजिए। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु यह किस सीमा तक प्रासंगिक है?
  4. प्रश्न- वैदिक शिक्षा की मुख्य विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
  5. प्रश्न- प्राचीन भारतीय शिक्षा के कम से कम पाँच महत्त्वपूर्ण आदर्शों का उल्लेख कीजिए और आधुनिक भारतीय शिक्षा के लिए उनकी उपयोगिता बताइए।
  6. प्रश्न- वैदिककालीन शिक्षा के मुख्य उद्देश्य एवं आदर्श क्या थे? वैदिक काल में प्रचलित शिक्षा के मुख्य गुण एवं दोष बताइए।
  7. प्रश्न- वैदिककालीन शिक्षा के मुख्य उद्देश्य क्या थे?
  8. प्रश्न- वैदिककालीन शिक्षा के प्रमुख गुण बताइए।
  9. प्रश्न- प्राचीन काल में शिक्षा से क्या अभिप्राय था? शिक्षा के मुख्य उद्देश्य एवं आदर्श क्या थे?
  10. प्रश्न- वैदिककालीन उच्च शिक्षा का वर्णन कीजिए।
  11. प्रश्न- प्राचीन भारतीय शिक्षा में प्रचलित समावर्तन और उपनयन संस्कारों का अन्तर स्पष्ट कीजिए।
  12. प्रश्न- वैदिककालीन शिक्षा का मुख्य उद्देश्य ज्ञान का विकास तथा आध्यात्मिक उन्नति करना था। स्पष्ट कीजिए।
  13. प्रश्न- आधुनिक काल में प्राचीन वैदिककालीन शिक्षा के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।
  14. प्रश्न- वैदिक शिक्षा में कक्षा नायकीय प्रणाली के महत्व की विवेचना कीजिए।
  15. प्रश्न- वैदिक कालीन शिक्षा पर प्रकाश डालिए।
  16. प्रश्न- शिक्षा से आप क्या समझते हैं? शिक्षा के विभिन्न सम्प्रत्ययों का उल्लेख करते हुए उसके वास्तविक सम्प्रत्यय को स्पष्ट कीजिए।
  17. प्रश्न- शिक्षा का अर्थ लिखिए।
  18. प्रश्न- शिक्षा से आप क्या समझते हैं?
  19. प्रश्न- शिक्षा के दार्शनिक सम्प्रत्यय की विवेचना कीजिए।
  20. प्रश्न- शिक्षा के समाजशास्त्रीय सम्प्रत्यय की विवेचना कीजिए।
  21. प्रश्न- शिक्षा के राजनीतिक सम्प्रत्यय की विवेचना कीजिए।
  22. प्रश्न- शिक्षा के आर्थिक सम्प्रत्यय की विवेचना कीजिए।
  23. प्रश्न- शिक्षा के मनोवैज्ञानिक सम्प्रत्यय की विवेचना कीजिए।
  24. प्रश्न- शिक्षा के वास्तविक सम्प्रत्यय को स्पष्ट कीजिए।
  25. प्रश्न- क्या मापन एवं मूल्यांकन शिक्षा का अंग है?
  26. प्रश्न- शिक्षा को परिभाषित कीजिए। आपको जो अब तक ज्ञात परिभाषाएँ हैं उनमें से कौन-सी आपकी राय में सर्वाधिक स्वीकार्य है और क्यों?
  27. प्रश्न- शिक्षा से तुम क्या समझते हो? शिक्षा की परिभाषाएँ लिखिए तथा उसकी विशेषताएँ बताइए।
  28. प्रश्न- शिक्षा का संकीर्ण तथा विस्तृत अर्थ बताइए तथा स्पष्ट कीजिए कि शिक्षा क्या है?
  29. प्रश्न- शिक्षा का 'शाब्दिक अर्थ बताइए।
  30. प्रश्न- शिक्षा का अर्थ स्पष्ट करते हुए इसकी अपने शब्दों में परिभाषा दीजिए।
  31. प्रश्न- शिक्षा से आप क्या समझते हैं?
  32. प्रश्न- शिक्षा को परिभाषित कीजिए।
  33. प्रश्न- शिक्षा की दो परिभाषाएँ लिखिए।
  34. प्रश्न- शिक्षा की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
  35. प्रश्न- आपके अनुसार शिक्षा की सर्वाधिक स्वीकार्य परिभाषा कौन-सी है और क्यों?
  36. प्रश्न- 'शिक्षा एक त्रिमुखी प्रक्रिया है।' जॉन डीवी के इस कथन से आप कहाँ तक सहमत हैं?
  37. प्रश्न- 'शिक्षा भावी जीवन की तैयारी मात्र नहीं है, वरन् जीवन-यापन की प्रक्रिया है। जॉन डीवी के इस कथन को उदाहरणों से स्पष्ट कीजिए।
  38. प्रश्न- शिक्षा के क्षेत्र का वर्णन कीजिए।
  39. प्रश्न- शिक्षा विज्ञान है या कला या दोनों? स्पष्ट कीजिए।
  40. प्रश्न- शिक्षा की प्रकृति की विवेचना कीजिए।
  41. प्रश्न- शिक्षा के व्यापक व संकुचित अर्थ को स्पष्ट कीजिए तथा शिक्षा के व्यापक व संकुचित अर्थ में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
  42. प्रश्न- शिक्षा और साक्षरता पर संक्षिप्त टिप्पणी दीजिए। इन दोनों में अन्तर व सम्बन्ध स्पष्ट कीजिए।
  43. प्रश्न- शिक्षण और प्रशिक्षण के बारे में प्रकाश डालिए।
  44. प्रश्न- विद्या, ज्ञान, शिक्षण प्रशिक्षण बनाम शिक्षा पर प्रकाश डालिए।
  45. प्रश्न- विद्या और ज्ञान में अन्तर समझाइए।
  46. प्रश्न- शिक्षा और प्रशिक्षण के अन्तर को स्पष्ट कीजिए।

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