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बीए सेमेस्टर-5 पेपर-2 गृह विज्ञान

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2023
पृष्ठ :200
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2783
आईएसबीएन :0

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बीए सेमेस्टर-5 पेपर-2 गृह विज्ञान - सरल प्रश्नोत्तर

प्रश्न- नेहरू युवा केन्द्र संगठन का परिचय देते हुए इसके विभिन्न कार्यक्रमों का वर्णन कीजिए।

उत्तर -

नेहरू युवा केन्द्र संगठन

नेहरू युवा केन्द्र संगठन, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय का एक स्वायत्तशासी निकाय है। एन०वाई० के०एस० देश के 500 जिलों में फैले हुए हैं। यह विश्व के सबसे बड़े संगठन के रूप में उभरा है और यह 8 मिलियन से भी अधिक गैर छात्र ग्रामीण युवाओं की पूर्ति करता है, जिसमें लगभग 2.58 लाख ग्राम स्तरीय युवा क्लब पंजीकृत हैं। ये युवा क्लब शिक्षा और प्रशिक्षण, जागरूकता पैदा करने, कौशल विकास, स्व रोजगार उद्यमशीलता विकास, लघु बचत एवं सहकारिता जैसे क्षेत्रों में कार्यरत होने के साथ-साथ खेल और साहसिक कार्यों के माध्यम से शारीरिक तथा व्यावहारिक नये विचारों और विकासोन्मुखी रणनीति के माध्यम से मानसिक विकास में लगे हैं। कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के लिए प्रत्येक जिले में नेहरू युवा केन्द्र का जिला युवा समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा कर्मियों और अग्रणी युवाओं का कैडर है। ग्रामीण स्तर पर कार्यरत युवा क्लबों का विशाल नेटवर्क नेहरू युवा केन्द्र संगठन की ताकत है।

NYKS अपना कार्य दो श्रेणियों के कार्यक्रमों अर्थात् नियमित कार्यक्रम जैसे स्थानीय आवश्यकता के अनुसार खेलकूद और सामाजिक मामलों का पता लगाने के लिए अभियान, संसाधन और पहले, समीक्षा तथा आयोजन के लिए एक स्तर पर युवा नेताओं की बैठक, युवा क्लब पदाधिकारियों सदस्यों का प्रशिक्षण, खेलकूद तथा टूर्नामेंट एवं खेलकूद सामग्री की खरीद, साहस उन्नयन कार्यक्रम, जिला लोक सांस्कृतिक महोत्सव, जिला / राज्य युवा अवार्ड (व्यक्तिगत), राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय दिवस तथा सप्ताहों का आयोजन, श्रमदान शिविर (कार्य-शिविर), DACYP की तिमाही बैठकें, प्रलेखन, युवा एवं खेल के ईष्टतम अभिसरण के लिए युवा क्लबों को सहायता अनुदान, युवा और हस्तशिल्प (युवा कृति) प्रदर्शनी, पंचायत युवा शक्ति अभियान (PYSA) NSV एवं NYS का राष्ट्रीय सम्मेलन, और आवश्यकता आधारित विशेष कार्यक्रम तथा कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय सेवा कर्मी, युवा क्लबों को वित्तीय सहायता, जिला, राज्य एवं राष्ट्र स्तर पर उत्कृष्ट युवा क्लबों तथा युवा विकास केन्द्र को पुरस्कृत करने के लिए मंत्रालय द्वारा इसे सौंपी गयी स्कीमों जैसे नियमित कार्यक्रमों के माध्यम से सम्पन्न करता है। अन्य मंत्रालयों और संगठनों के साथ मिलकर विशिष्ट कार्यक्रमों का समन्वय करता है।

नियमित कार्यक्रम

(1) स्थानीय आवश्यकता, संसाधनों तथा पहलों के अनुसार खेलकूद तथा सामाजिक मामलों की पहचान करने का अभियान कार्यक्रम - इस कार्यक्रम का उद्देश्य 5 खेलकूद तथा खेल (2 ओलंपिक, 2 स्वदेशी तथा एक स्थानीय) और 5 स्थानीय सामाजिक क्षेत्र के कार्यक्रमों की पहचान करने के लिए जिले में युवा क्लबों / महिला मंडलों को प्रोत्साहित तथा प्रेरित करना है ताकि खेलकूद टूर्नामेंट आयोजित करने और खेलकूद अवसंरचना के विकास के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए पंचायत युवा क्रीडा खेल अभियान (PY; KKA) की स्कीम के अंतर्गत परियोजना प्रस्तावों के निष्पादन के लिए अपनी वार्षिक कार्य योजना (क्रियाकलाप का चार्ट) एवं बजट तैयार करने के लिए युवा क्लबों को समर्थ बनाया जा सके और NYKS वार्षिक कार्य योजना और विभिन्न युवा विकास स्कीमों तथा कार्यक्रमों के बारे में युवा क्लबों / महिला मंडलों को अवगत कराया जा सके। प्रत्येक अभियान के लिए 8000/रुपए रखे गए हैं।

(2) जिला युवा समन्वयकों द्वारा समीक्षा तथा आयोजन के लिए ब्लॉक स्तरीय युवा नेताओं की बैठक - इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा क्लबों / महिला मंडलों को NYKS वार्षिक कार्य योजना के बारे में अवगत कराना तथा विभिन्न युवा विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान करना तथा मौजूदा युवा क्लबों को सशक्त बनाना है, ताकि उन्हें स्वयं को कायम रखने में समर्थ बनाया जा सके। प्रत्येक वैकल्पिक माह में, जिला युवा समन्वयकों द्वारा समीक्षा एवं आयोजन बैठक आयोजित की जाती है।

NYKS के चल रहे कार्यक्रमों तथा कार्यकलापों की समीक्षा करने और संरचनात्मक उपाय सुझाने, युवा विकास के लिए नवीन परियोजनाएं एवं कार्यक्रम की योजना के लिए, वर्तमान युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और युवा विकास के लिए सरकार की चल रही योजनाओं और कायक्रमों के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए क्षेत्रीय निदेशकों के स्तर पर सभी क्षेत्रीय समन्वयकों तथा जिला युवा समन्वयकों की 6 द्विमासिक बैठकें भी आयोजित की जाती हैं।

(3) युवा क्लब पदाधिकारियों और सदस्यों का प्रशिक्षण - इस कार्यक्रम का विषय सशक्त युवा है। प्रशिक्षण विशेष रूप से खेलकूद तथा खेल और सामाजिक क्षेत्र के कार्यक्रम/क्रियाकलापों के माध्यम से युवा क्लब पदाधिकारियों तथा सदस्यों में नेतृत्व के गुण विकसित करना ताकि वे विख्यात संस्थान के माध्यम से युवा विकास के लिए सरकार तथा अन्य विकास विभागों/ एजेंसियों की विभिन्न स्कीमों एवं कार्यक्रमों के बारे में जागरूक बनाने और व्यावसायिक कौशल में सुधार, क्षमता निर्माण में सुधार करने तथा नया कौशल सीखने, जिसकी बाजार में मांग बढ़ रही है, के लिए कार्य के उनके क्षेत्र में ज्ञान का प्रसार करने के लिए केन्द्रीय बिन्दु का कार्य कर सकें।

इसका एक अन्य उद्देश्य युवा क्लब के सदस्यों तथा पदाधिकारियों को सशक्त बनाना है ताकि ये सामुदायिक विकास के उन्नयन और राष्ट्र निर्माण में आत्मविश्वासी उत्प्रेरक बन सकें। युवा क्लब मूवमेंट को देश के प्रत्येक कोने में ले जाने का विचार है ताकि उस जगह के युवा धर्मनिरपेक्ष और प्रजातांत्रिक आदर्शों को जान सकें और उनमें नेतृत्व के गुण विकसित किए जा सकें।

(4) खेलकूद टूर्नामेंट एवं खेलकूद सामग्री की खरीद - इस कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रव्यापी खेलकूद की संस्कृति का निर्माण करना और ग्रामीण खेलकूद प्रतिभा का पता लगाना है। औलंपिक / स्वदेशी तथा स्थानीय तौर पर लोकप्रिय खेल तथा खेलकूद में लीग / मैच आयोजित करके युवाओं में स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन की भावना को लोकप्रिय बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए न्यूनतम अवसंरचना, उपकरण तथा वित्त की आवश्यकता होती है। ये खेलकूद टूर्नामेंट ब्लॉक तथा जिला स्तर पर आयोजित किए जाते हैं।

(5) जिला लोक सांस्कृतिक समारोह - सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, साम्प्रदायिक सामंजस्य, सद्भावना और शांति है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिले की सांस्कृतिक विरासत के बहु आयामी पहलुओं पर प्रकाश डालना और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यकलापों में युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना, लोकगीतों, लोकनृत्यों और लोकसाहित्य की परंपराओं का प्रोजेक्ट तथा संरक्षण करना और लोकनृत्य, लोकसंगीत और लोक साहित्य जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सामुदायिक सद्भाव, सद्भावना तथा शांति को बढ़ावा देना है। नुक्कड़ नाटक, प्रहसन, लोकगीत, नृत्य और कठपुतली का आयोजन, लैंगिक सुग्रह्यता, एचआईवी, एड्स, औषधि के दुरूपयोग और दहेज जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध लड़ाई जैसे उद्देश्यों हेतु किया जाता है। ये कार्यक्रम स्थानीय प्रतिभा की पहचान करने तथा उन्यन करने के लिए उत्कृष्ट मंच भी प्रदान करते हैं। जिला स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।

(6) जिला / राज्य युवा पुरस्कार : (व्यक्तिगत) - जिला युवा पुरस्कार उन युवाओं को दिये जाते हैं जिन्होंने विकास तथा स्वैच्छिक प्रयासों के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जिला युवा पुरस्कार के लिए उम्मीदवारों पर विचार करते समय उनके द्वारा सफलतापूर्वक स्वैच्छिक क्रियाकलापों को पूरा करने में प्रदर्शित किये गये नेतृत्व के गुणों को ध्यान में रखा जाता है। यह कार्यक्रम युवाओं को और युवा नेताओं को उनके निःस्वार्थ, सामाजिक / विकासात्मक मोर्चे पर सर्वोच्च कार्य निष्पादन के लिए सहयोग प्रदान करने का अवसर प्रदान करता है। व्यक्ति द्वारा नवीन अथवा नये विचार को उचित महत्व दिया जाता है।

प्रत्येक जिला युवा पुरस्कार में एक प्रमाण पत्र और ₹ 5000 प्रदान किए जाते हैं। प्रत्येक NYKS, NYK केवल 2 (दो) पुरस्कार एक पुरुष तथा एक महिला के लिए प्रदान करते हैं। यह पुरस्कार प्राप्त करने वालों के लिए प्रोत्साहन का एक स्रोत तथा भविष्य में जिले के अन्य लोगों के लिए एक उदाहरण है।

इसी प्रकार राज्य युवा पुरस्कार भी एक पुरुष तथा एक महिला के लिए प्रदान करते हैं। इन पुरस्कारों में एक प्रमाण पत्र और ₹ 15000 प्रदान किए जाते हैं। यह पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं के लिए प्रोत्साहन के एक तथा अन्यों के लिए एक उदाहरण है।

(7) राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय दिवसों तथा सप्ताहों का आयोजन - राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय दिवसों और सप्ताहों के आयोजन का उद्देश्य राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय दिवसों के महत्व उद्देश्य, विषय दर्शन के बारे में जागरूकता उत्पन्न करना है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से राष्ट्र तथा अंतर्राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न मुद्दों तथा महापुरुषों और महिलाओं के संदेशों के प्रति लोगों तथा युवाओं को संवेदनशील बनाने में मदद करता है।

(8) श्रमदान शिविर (कार्य शिविर) - इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा क्लबों के सदस्यों में स्वयं सेवा तथा सहयोग की भावना का उन्नयन करना है। कार्य शिविर श्रमिक की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और स्वयं सहायता की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। निरन्तर सामुदायिक परिसम्पत्तियों का निर्माण करने के लिए प्रतिभागी समुदाय के सदस्यों के साथ काम करते हैं। सहयोग तथा स्वयं सेवा की इस भावना को बढ़ावा देते समय वे युवा क्लब के सदस्यों को परियोजना आयोजन तथा कानूनी प्रबंध अवधारणा के सभी पहलुओं को बताते हैं। कार्यशिविर का आयोजन सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से स्थानीय पहलों, स्थानीय आवश्यकताओं तथा स्थानीय संसाधनों को गतिशील बनाकर किये जाते हैं।

(9) युवा कार्यक्रम पर जिला प्रशासन / युवा कार्यक्रम पर राज्य सलाहकार समिति की तिमाही बैठकें (DACYP / SACYP) - युवाओं को अपेक्षित सेवा देने के क्रम में, जिला प्रशासन, जिला प्राधिकरण उदीयमान कार्यकर्ता और युवा नेताओं, दिशानिर्देश और सरलीकरण के लिए जिला स्तर पर नेहरू युवा केन्द्र का संबंध है। इस उद्देश्य के लिए, डीएसीवाईपी का गठन किया गया है और जिला कलक्टर की अध्यक्षता में त्रैमासिक बैठकों का आयोजन किया जाता है। इसी प्रकार युवा कार्यक्रमों (SACYP) पर प्रत्येक राज्य में सलाहकार समिति का गठन किया गया है।

(10) युवाओं तथा खेलकूद का ईष्टतम अभिसरण प्राप्त करने के लिए युवा क्लबों को प्रोत्साहन - इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा क्लबों / महिला मंडलों द्वारा किये गये कार्य को मान्यता प्रदान करना है ताकि ग्रामीण युवाओं को अपने खेलकूद की प्रतिभा को विकसित करने और खेल तथा सामाजिक क्षेत्र में विद्यमान योजनाओं से लाभ प्राप्त करने, यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक युवा क्लब खेलकूद तथा सामाजिक मामलों में 100 व्यक्तियों के लक्ष्य में से प्रत्येक को सहायता / लाभ प्रदान करते हैं, युवा क्लबों / महिला मंडलों में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना और सामुदायिक विकास परियोजनाओं / कार्यक्रमों के लिए संसाधन हेतु तरीके और साधनों का पता लगाने के लिए युवा क्लबों को प्रत्साहित करने के अवसर प्रदान किये जा सके। प्रत्येक जिला 30 प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान करता है बशर्ते कि उस जिले के युवा क्लब / महिला मंडल ने अभिसरण प्राप्त किया हो। प्रत्येक जिले के 10 मुख्य युवा क्लबों / महिला मंडलों को प्रत्येक को 10,000 प्रदान किये जाते हैं। अगले 20 युवा क्लबों / महिला मंडलों को प्रत्येक जिले में प्रत्येक को 5,000 प्रदान किए जाते हैं।

युवा क्लबों / महिला मंडलों को प्रोत्साहन लाभग्राहियों की संख्या और चालू वर्ष के दौरान खेलकूद तथा खेल एवं युवा क्लब द्वारा किये गये सामाजिक कार्यकलापों से उनको हुए लाभों के आधार पर प्रदान किये जाते हैं; जिला युवा समन्वयकों को पात्र युवा क्लबों का तुलनात्मक चार्ट तैयार करना चाहिए। प्रोत्साहन का उपयोग विशुद्ध रूप से कार्यक्रमों तथा कार्यकलापों के लिए किया जाता है न कि सामानों अथवा परिसम्पत्तियों की खरीद के लिए। ये प्रोत्साहन वित्त वर्ष के अंत में दिए जाते हैं।

(11) स्वतन्त्रता संग्राम तथा राष्ट्र निर्माण पर जिला युवा सम्मेलन - इसका उद्देश्य भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रीय चिंता तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के बारे में युवाओं में जागरूकता पैदा करना, कल्याण विकास तथा अवसरों तक पहुंच के क्षेत्र में ग्रामीण समुदायों के मुद्दे शेयर करना और युवा क्लब के सदस्यों को विभिन्न मंत्रालयों/एजेंसियों/विभागों की विभिन्न स्कीमें/कार्यक्रमों के बारे में ज्ञान प्रदान करना है। सम्मेलन की अवधि एक दिन होती है और सम्मेलन में कम से कम 300 पुरुष तथा महिला, दोनों भाग लेते हैं।

सदस्य ग्रामीण उत्थान से संबंधित सभी मामलों में ग्रामीण समुदायों के साथ विचार विमर्श करते हैं और युवा कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए परिणाम का प्रलेखन करते हैं। युवाओं को प्रेरित करने और विकास के विभिन्न पहलुओं में उनकी भूमिका स्पष्ट करने के लिए समाधान हेतु विशेषज्ञ आमंत्रित किये जाते हैं। प्रत्येक वर्ष वित्त वर्ष के अंत में एक जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

(12) युवा क्लबों को अनुदान सहायता - सामुदायिक विकास के लिए युवा क्लबों / महिला मंडलों की स्वैच्छिक सेवाओं को मान्यता प्रदान करने के लिए युवा क्लबों को अनुदान सहायता नामक एक कार्यक्रम, 2007-08 से नेह०यु०के०सं० की स्कीमों में जोड़ा गया है। इसमें युवा क्लब, ग्रामीण खेल क्लब, युवा विकास केन्द्र और ग्रामीण सूचना तकनीक युवा विकास केन्द्र को दी जाने वाली वित्तीय सहायता की जगह ली है। घटकवार उद्देश्य तथा उपलब्धियां निम्नलिखित हैं-

(क) युवा क्लबों को वित्तीय सहायता - इस योजना का उद्देश्य नए युवा क्लबों को प्रोत्साहित करना है। इस योजना के अंतर्गत सामान्य क्षेत्र के लिए प्रत्येक युवा क्लब को 10,000 तथा आदिवासी क्षेत्रों के लिए प्रत्येक युवा क्लब को ' 15,000 तक की सहायता दी जाती है। यह युवा क्लब सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1860 अथवा संबंधित राज्य अधिनियम 1906 के अंतर्गत पंजीकृत होना चाहिए।

(ख) ग्रामीण खेलकूद क्लब - इस योजना का मुख्य उद्देश्य एक और रचनात्मक गतिविधियों के लिए युवाओं की ऊर्जा को देशव्यापी खेल क्लब संस्कृति के उदय द्वारा मार्गीकृत करने में सहायता करना और दूसरी और ग्रामीण आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभा का पता लगाना और उन्हें पोषित करना है। ऐसे प्रत्येक क्लब के लिए सामान्य क्षेत्रों में 30,000 और आदिवासी क्षेत्र के लिए ' 45,000 की राशि बजट में रखी गयी है।

(ग) युवा विकास केंद्र (वाईडीसी) - इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवा विकास केन्द्र के माध्यम से देश में ग्रामीण युवाओं का समग्र विकास करना है। यह केंद्र 10 गांव के एक समूह के लिए कार्य करेंगे। युवा विकास केंद्र को ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के लिए सूचना, प्रशिक्षण और खेल विकास केन्द्र के रूप में कार्य करना है। प्रत्येक युवा विकास केंद्र को' 30,000 की एकबारगी वित्तीय सहायता दी जाती है।

(घ) उत्कृष्ट युवा क्लबों को पुरस्कार - इस योजना का उद्देश्य उन युवा क्लबों की वृद्धि को प्रोत्साहित करना है जो सामाजिक परिवर्तन के उत्प्रेरक के रूप में पहचाने गए हैं। जिला स्तर पर पुरस्कार राशि 10,000, राज्य स्तर पर 25,000 और राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थानों के लिए क्रमशः ' 1,00,00, 50,000 और '25,000 हैं।

(ङ) ग्रामीण सूचना प्रौद्योगिकी युवा विकास केन्द्र (RITYDC) - युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा प्रारंभ की गईं, इस नये घटक का उद्देश्य प्रत्येक जिले में एक युवा विकास केन्द्र का उन्नयन कर उसे ग्रामीण सूचना प्रौद्योगिकी युवा विकास केन्द्र बनाना है। आरआईटीवाईडीसी को जनरेटर, कलर, टी०वी० टेलीफोन की खरीद और इंटरनेट सुविधाओं सहित कंप्यूटर आदि के लिए ' 1,20,000 /' का सहायता अनुदान दिया जाता है। ये केन्द्र कंप्यूटर तथा इंटरनेट के माध्यम से हर क्षेत्र में सभी युवाओं के लिए राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर युवा कार्यकलापों और सूचना प्रदान करने का केन्द्र है।

(13) हस्तशिल्प पर युवाओं के लिए प्रदर्शनी (युवाकृति) - इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण शिल्पों के लिए बाजार विकसित करने के लिए पारम्परिक और ग्रामीण हस्तशिल्प को लोकप्रिय बनाने के लिए युवा व्यक्तियों की स्वाभाविक प्रतिभा को विकसित करना है। एक अन्य उद्देश्य युवा ग्रामीण शिल्पकारों को प्रोत्साहित और प्रोन्नत करना तथा स्व-रोजगार आरम्भ करने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करना तथा ग्रामीण बाजार का उन्नयन करना है।

युवाकृति राष्ट्रीय युवा महोत्सव की नियमित विशेषता भी बन गयी है। आरम्भ में इसे उन युवा शिल्पकारों को एक प्लेटफार्म प्रदान करने के लिए आरम्भ किया गया था, जिन्हें एनवाइकेएस व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रीय मंच पर अपना कौशल प्रदर्शित करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। किन्तु धीरे-धीरे यह प्रमुख मंच का रूप ले रहा है। जहां युवा शिल्पकार न केवल अपने परम्परागत कारीगरों का प्रदर्शन करते हैं किन्तु एक-दूसरे से, बाजार लिंकेज विकसित करने के लिए स्वरोजगार मार्ग तथा प्लेटफार्म के विभिन्न तरीके भी सीखते हैं। इसने ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमशीलता के अवसरों के नए परिदृश्य खोले हैं।

(14) पंचायत युवा शक्ति अभियान (PYSA) - "पंचायत युवा शक्ति अभियान" नामक एक राष्ट्रव्यापी अभियान की परिकल्पना ग्रामीणं विकास तथा पंचायती राज संस्था के माध्यम से प्रजातंत्र के लिए युवाओं को ऊर्जावान बनाने के लिए की गयी है। इस अभियान की परिकल्पना ग्राम पंचायतों को तथा युवा क्लबों का युवाओं द्वारा चलाया तथा अपनाया जाना है। पंचायत युवा शक्ति अभियान 2006-07 के दौरान चलाया गया था। यह अभियान युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय तथा पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार का संयुक्त उद्यम है और यह महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के स्वप्न को साकार करने के लिए युवाओं की भागदारी सुनिश्चित करने के प्रति एक क्रांतिकारी कदम है। नेहरू युवा केन्द्र संगठन ने वार्षिक कार्य योजना 2008-09 में 33.00 लाख रु० का बजटीय प्रावधान किया है।

(15) NSV तथा NYS का राष्ट्रीय सम्मेलन - इस सम्मेलन का उद्देश्य पंचायती राज तथा ग्राम सभा के बारे में जागरूकता पैदा करना, एनवाइकेएस तथा अन्य मंत्रालयों, एजेंसी स्कीमों, कार्यक्रमों एवं कार्यकलापों के बारे में अवगत कराना और कल्याण विकास तथा अवसर प्राप्त करने के क्षेत्र में ग्रामीण समुदाय के मुद्दों के बारे में उन्हें प्रशिक्षित करना है।

(16) आवश्यकता आधारित विशेष कार्यक्रम - स्थानीय आवश्यकता आधारित परियोजनाओं की सहायता करना, अन्य मंत्रालयों/ एजेंसियों से परियोजनाएं आरंभ करते समय नेहरू युवा केन्द्र संगठन के हिस्सेदारी की राशि की आवश्यकता की पूर्ति के लिए तथा प्राकृतिक आपदाओं के क्षेत्र में, मानव निर्मित विपत्ति अथवा विशेष परिस्थितियों में परियोजनाएं आरंभ करने के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

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    अनुक्रम

  1. प्रश्न- सामुदायिक विकास से आप क्या समझते हैं? सामुदायिक विकास कार्यक्रम की विशेषताएँ बताइये।
  2. प्रश्न- सामुदायिक विकास योजना का क्षेत्र एवं उपलब्धियों का वर्णन कीजिए।
  3. प्रश्न- सामुदायिक विकास कार्यक्रम के उद्देश्यों को विस्तारपूर्वक समझाइए।
  4. प्रश्न- सामुदायिक विकास की विधियों को समझाइये।
  5. प्रश्न- सामुदायिक विकास कार्यक्रम के सिद्धान्तों का वर्णन कीजिए।
  6. प्रश्न- सामुदायिक विकास की विशेषताएँ बताओ।
  7. प्रश्न- सामुदायिक विकास के मूल तत्व क्या हैं?
  8. प्रश्न- सामुदायिक विकास के सिद्धान्त बताओ।
  9. प्रश्न- सामुदायिक विकास कार्यक्रम की सफलता हेतु सुझाव दीजिए।
  10. प्रश्न- सामुदायिक विकास कार्यक्रम क्या है?
  11. प्रश्न- सामुदायिक विकास योजना संगठन को विस्तार से समझाइए।
  12. प्रश्न- सामुदायिक संगठन से आप क्या समझते हैं? सामुदायिक संगठन को परिभाषित करते हुए इसकी विभिन्न परिभाषाओं का वर्णन कीजिए।
  13. प्रश्न- सामुदायिक संगठन की विभिन्न परिभाषाओं के आधार पर तत्त्वों का वर्णन कीजिए।
  14. प्रश्न- सामुदायिक संगठन के विभिन्न प्रकारों को स्पष्ट कीजिए।
  15. प्रश्न- सामुदायिक विकास संगठन की सैद्धान्तिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालिये।
  16. प्रश्न- सामुदायिक संगठन के विभिन्न उद्देश्यों का वर्णन कीजिए।
  17. प्रश्न- सामुदायिक संगठन की आवश्यकता क्यों है?
  18. प्रश्न- सामुदायिक विकास संगठन के दर्शन पर संक्षिप्त लेख लिखिए।
  19. प्रश्न- सामुदायिक विकास संगठन की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए।
  20. प्रश्न- सामुदायिक विकास प्रक्रिया के अन्तर्गत सामुदायिक विकास संगठन कितनी अवस्थाओं से गुजरता है?
  21. प्रश्न- सामुदायिक विकास संगठन की विशेषताएँ बताइये।
  22. प्रश्न- सामुदायिक संगठन और सामुदायिक विकास में अंतर स्पष्ट कीजिए।
  23. प्रश्न- सामुदायिक विकास संगठन और सामुदायिक क्रिया में अंतर बताइये।
  24. प्रश्न- सामुदायिक विकास संगठन के प्रशासनिक ढांचे का वर्णन कीजिए।
  25. प्रश्न- सामुदायिक विकास में सामुदायिक विकास संगठन की सार्थकता एवं भूमिका का वर्णन कीजिए।
  26. प्रश्न- गृह विज्ञान प्रसार शिक्षा से आप क्या समझते हैं? गृह विज्ञान प्रसार शिक्षा का क्षेत्र समझाइये।
  27. प्रश्न- गृह विज्ञान प्रसार शिक्षा के उद्देश्यों का विस्तार से वर्णन कीजिये।
  28. प्रश्न- गृह विज्ञान प्रसार शिक्षा की विशेषताएँ समझाइयें।
  29. प्रश्न- ग्रामीण विकास में गृह विज्ञान प्रसार शिक्षा का महत्व समझाइये।
  30. प्रश्न- गृह विज्ञान प्रसार शिक्षा के क्षेत्र, आवश्यकता एवं परिकल्पना के विषय में विस्तार से लिखिए।
  31. प्रश्न- समेकित बाल विकास सेवा (ICDS) कार्यक्रम को विस्तार से समझाइए।
  32. प्रश्न- स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना के बारे में बताइए।
  33. प्रश्न- राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) पर एक टिप्पणी लिखिये।
  34. प्रश्न- राष्ट्रीय सेवा योजना (N.S.S.) पर टिप्पणी लिखिये।
  35. प्रश्न- नेहरू युवा केन्द्र संगठन का परिचय देते हुए इसके विभिन्न कार्यक्रमों का वर्णन कीजिए।
  36. प्रश्न- नेहरू युवा केन्द्र पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिये।
  37. प्रश्न- कपार्ट एवं गैर-सरकारी संगठन की विकास कार्यक्रम में महत्वपूर्ण घटक की भूमिका निभाते हैं? विस्तृत टिप्पणी कीजिए।
  38. प्रश्न- बाल कल्याण से सम्बन्ध रखने वाली प्रमुख संस्थाओं का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
  39. प्रश्न- हेल्प एज इण्डिया के विषय में आप क्या जानते हैं? यह बुजुर्गों के लिए किस प्रकार महत्वपूर्ण है? प्रकाश डालिए।
  40. प्रश्न- संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) से आप क्या समझते हैं? इसके कार्यों व महत्व पर प्रकाश डालिये।
  41. प्रश्न- बाल विकास एवं आप (CRY) से आप क्या समझते हैं? इसके कार्यों एवं मूल सिद्धान्तों पर प्रकाश डालिए।
  42. प्रश्न- CRY को मिली मान्यता एवं पुरस्कारों के विषय में बताइए।
  43. प्रश्न- बाल अधिकार का अर्थ क्या है?
  44. प्रश्न- बच्चों के लिए सबसे अच्छा एनजीओ कौन-सा है?
  45. प्रश्न- राष्ट्रीय बाल अधिकार दिवस कब मनाया जाता है?
  46. प्रश्न- नेतृत्व से आप क्या समझते है? नेतृत्व की प्रमुख विशेषताओं का विश्लेषण कीजिये।
  47. प्रश्न- नेतृत्व के विभिन्न प्रारूपों (प्रकारों) की विस्तृत विवेचना कीजिए।
  48. प्रश्न- नेतृत्व प्रशिक्षण से आप क्या समझते हैं? इसके महत्व पर प्रकाश डालिए।
  49. प्रश्न- नेतृत्व प्रशिक्षण की प्रमुख प्रविधियों का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
  50. प्रश्न- कार्यस्थल पर नेताओं की पहचान करने की विधियों का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
  51. प्रश्न- ग्रामीण क्षेत्रों में कितने प्रकार के नेतृत्व पाए जाते हैं?
  52. प्रश्न- परम्परागत ग्रामीण नेतृत्व की विशेषताएँ बताइये।
  53. प्रश्न- नेतृत्व प्रशिक्षण को किन बाधाओं का सामना करना पड़ता है?
  54. प्रश्न- नेतृत्व की प्रमुख विशेषताओं को बताइए।
  55. प्रश्न- नेतृत्व का क्या महत्व है? साथ ही नेतृत्व के स्तर को बताइए।
  56. प्रश्न- नेतृत्व प्रशिक्षक से आप क्या समझते हैं? एक नेतृत्व प्रशिक्षक में कौन-से गुण होने चाहिए? संक्षेप में बताइए।
  57. प्रश्न- एक अच्छा नेता कैसा होता है या उसमें कौन-से गुण होने चाहिए?
  58. प्रश्न- एक अच्छा नेता कैसा होता है या उसमें कौन-से गुण होने चाहिए?
  59. प्रश्न- विकास कार्यक्रम का अर्थ स्पष्ट करते हुए विकास कार्यक्रम के मूल्यांकन में विभिन्न भागीदारों के महत्व का वर्णन कीजिए।
  60. प्रश्न- विकास कार्यक्रम चक्र को विस्तृत रूप से समझाइये | इसके मूल्यांकन पर भी प्रकाश डालिए।
  61. प्रश्न- विकास कार्यक्रम तथा उसके मूल्यांकन के महत्व का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
  62. प्रश्न- सामुदायिक विकास कार्यक्रम के प्रमुख घटक क्या हैं?
  63. प्रश्न- कार्यक्रम नियोजन से आप क्या समझते हैं?
  64. प्रश्न- कार्यक्रम नियोजन की प्रक्रिया का उदाहरण सहित विस्तृत वर्णन कीजिए।
  65. प्रश्न- अनुवीक्षण / निगरानी की विकास कार्यक्रमों में क्या भूमिका है? टिप्पणी कीजिए।
  66. प्रश्न- निगरानी में बुनियादी अवधारणाएँ और तत्वों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत कीजिए।
  67. प्रश्न- निगरानी के साधन और तकनीकों का तुलनात्मक अध्ययन कीजिए।
  68. प्रश्न- मूल्यांकन डिजाइन (मूल्यांकन कैसे करें) को समझाइये |
  69. प्रश्न- मूल्यांकन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा कीजिए।
  70. प्रश्न- मूल्यांकन की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए।
  71. प्रश्न- निगरानी का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
  72. प्रश्न- निगरानी के विभिन्न प्रकारों का वर्णन कीजिए।
  73. प्रश्न- निगरानी में कितने प्रकार के सूचकों का प्रयोग किया जाता है?
  74. प्रश्न- मूल्यांकन का अर्थ और विशेषताएँ बताइये।
  75. प्रश्न- निगरानी और मूल्यांकन के बीच अंतर लिखिए।
  76. प्रश्न- मूल्यांकन के विभिन्न प्रकारों को समझाइये।

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