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बीए सेमेस्टर-5 पेपर-2 भूगोल - सुदूर संवेदन एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली के मूल तत्व

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2023
पृष्ठ :200
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2777
आईएसबीएन :0

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बीए सेमेस्टर-5 पेपर-2 भूगोल - सरल प्रश्नोत्तर

अध्याय - 6

सुदूर संवेदन के संवेदक एवं विभेदन

(Sensors of Remote Sensing & Resolution) 

प्रश्न- विभेदन से आपका क्या आशय है? इसके प्रकारों का भी विस्तृत वर्णन कीजिए।

उत्तर -

विभेदन
(Resolution)

धरातल की कम-से-कम दूरी के विवरण को एक दूसरे से अलग-अलग प्रस्तुत करने की क्षमता विभेदन कहलाती है। विभेदन प्रकाशिक युक्ति प्रणाली की उत्तमता या कुशलता को व्यक्त करता है। विभेदन की मात्रा को व्यक्त करने के लिए स्थानिक (Spatial), स्पेक्ट्रल ( Spectral), रेडियोमेट्रिक (Radiometric) औरा तात्कालिक (Temporal) दशाओं को अपनाया जाता है। स्थानिक दशा में दूरी, स्पेक्ट्रल दशा में विद्युत-चुम्बकीय विकिरण के तरंग दैर्ध्य बैंड, रेडियोमेट्रिक में विकिरण मात्रा, तथा तात्कालिक में समय को व्यक्त किया जाता है। विभेदन उपग्रह की संवेदक प्रणाली से जुड़ा होता है। विभेदन में इस्तेमाल होने वाली इन दशाओं का वर्णन निम्न प्रकार है-

(1) स्थानिक विभेदन - धरातल पर पास-पास स्थित किन्हीं दो बिन्दुओं के मध्य की वह न्यूनतम दूरी है जिसे उन्हें किसी प्रतिबिम्ब में स्पष्ट एवं एक-दूसरे से पृथक देखा जा सके, स्थानिक विभेदन कहलाती हैं। जब वस्तुयें पास-पास स्थित नजर आती हैं तो प्रतिबिम्बों में पास-पास की वस्तुयें एक ही नजर आती हैं। स्थानिक विभेदन के लिये संवेदक प्रणाली पर क्रमवीक्षक यंत्र (Scanner) लगा हुआ होता है। यह धरातल का संसूचन करता है। किसी संसूचक का स्थानिक विभेदन उस संसूचक की भौतिक बनावट पर निर्भर करता है। क्रमवीक्षक के दर्पण पर दृश्य क्षेत्र तथा धरातलीय विभेदन प्रकोष्ठ दोनों ही कोण बनाते हैं जिसे कोणीय विभेदन क्षमता कहते हैं। किसी संसूचक के तात्क्षणिक दृष्टि क्षेत्र का निर्धारण कोणीय विभेदन क्षमता पर निर्भर करता है। यह कई धरातलीय विभेदन प्रकोष्ठों में विभाजित होता है। इनकी लम्बाई चौड़ाई तात्क्षणिक दृष्टि क्षेत्र के कोणीय मान तथा ऊँचाई के आधार पर ज्ञात की जा सकती है। संसूचक की ऊँचाई (H) तथा तात्क्षणिक दृष्टि कोण के मान (3) को आपस में गुणा करके धरातलीय प्रकोष्ठ की एक भुजा की लम्बाई ज्ञात की जा सकती है। इसके सूत्र को निम्न प्रकार से दिया गया है-

D = H x B

D = धरातलीय प्रकोष्ठ की एक भुजा
H = संसूचक की ऊँचाई
B = तात्क्षणिक दृष्टि के कोण का मान

उदाहरण के लिये यदि संसूचक की ऊँचाई 16 किमी० है तथा तात्क्षणिक दृष्टि क्षेत्र कोण का मान 1 मिलिरेडियन (कोण नापने की इकाई) है तो प्रत्येक प्रकोष्ठ की लम्बाई-चौड़ाई निम्न प्रकार से ज्ञात की जाती है-

D = HxB

              16 × 10000 × 1
D = ------------------------------ = 16 मीटर
                     1000

अतः स्पष्ट है कि स्कैन रेखा पर 16 मीटर वर्ग के विभेदन प्रकोष्ठ बनेंगे। इसी को स्थानिक विभेदन कहा जाता है। दर्पण के केन्द्र अर्थात् नादिर बिन्दु से दूर हटने पर आनुपातिक रूप से धरातलीय विभेदन प्रकोष्ठ की लम्बाई बढ़ती जाती है जिससे प्रतिबिम्बों में विकृतियाँ उत्पन्न हो जाती हैं।

(2) स्पेक्ट्रल विभेदन - अलग-अलग बैण्डों के तरंग दैर्ध्य अन्तरालों का प्रदर्शन स्पैक्ट्रल विभेदन के माध्यम से किया जाता है। किसी संसूचक के उच्चतम प्रत्युत्तर के 50% पर अंकित किया गया तरंग दैर्ध्य अन्तरालों को उस संसूचक का स्पेक्ट्रल विभेदन कहते हैं। विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम में कई स्पेक्ट्रम बैण्ड दृश्य अवरक्त इत्यादि हैं। प्रत्येक स्पेक्ट्रम बैण्ड, बिंबों पर अलग-अलग स्पेक्ट्रम प्रदीप्त घनत्व उत्पन्न होते हैं। स्पेक्ट्रल विभेदन धरातलीय विभक्त (संसूचित) बिम्ब का अलग-अलग स्पेक्ट्रल अन्तर पर प्रतिचयन करता है। इसके द्वारा प्रदीप्त घनत्व को निर्धारित किया जाता है।

2777_50_A

ग्रेमानों या ग्रे स्तर के मध्य भेद करने के लिये स्पेक्ट्रल विभेदन का मापन बैण्ड चौड़ाइयों की पृथकता तथा संवेदक की संवेदनशीलता दोनों में नापा जाता है। वक्र से स्पष्ट है कि उच्चतम प्रत्युत्तर (Response) का 50% भाग 0.5 से 0.6 माइक्रोमीटर के मध्य अंकित हुआ है। अतः 0.5 व 0.6 तरंग दैयों के अन्तराल अर्थात् 0.1 माइक्रोमीटर की बैण्ड चौड़ाई को सम्बन्धित संसूचक का स्पेक्ट्रमी विभेदन कहा जायेगा। यह बैण्ड के लघु भागों में विभाजित हो जाता है। इस आधार पर स्पेक्ट्रल विभेदन निम्न प्रकार का होता है।

(3) रेडियोमेट्रिक विभेदन - संवेदक द्वारा निर्गत संकेतक के कुल प्राप्त मान को कई भागों में विभाजित किया जाता है ताकि ग्रे स्तर को अलग-अलग रूप में दर्शाया जा सके। इस प्रकार धरातलीय लक्षणों के परावर्तक में अन्तर होने से भेद स्थापित किया जा सकता है। यह ग्रेमानों के विकिरण स्तर को दर्शाता है जिसे संवेदक अंकित करता है। उदाहरण के लिए-

8 विट = 28 = 256 ग्रेमान
.1 विट = 23 x =  32 ग्रेमान

अधिक विट, उच्च विभेदन को बताते हैं। आइकोनोस उपग्रह का विभेदन अब तक के प्रयोगों में सबसे अधिक है। इसका विभेदन 11 बिट है।

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(4) अल्पकालिक विभेदन - किसी संसूचक द्वारा एक निश्चित अन्तराल पर धरातलीय तथा स्पेक्ट्रल आँकड़ों को प्राप्त करना समसामयिक विभेदन कहलाता है। उपग्रह के संदर्भ में समसामरिक को उपग्रह का चक्रीय अवलोकन भी कहा जाता है। कहने का अर्थ यह है कि एक ही बिम्ब क्षेत्र को उपग्रह द्वारा अलग-अलग समय में बार-बार अवलोकन कर आँकड़ों को एकत्र करना है।

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    अनुक्रम

  1. प्रश्न- सुदूर संवेदन से आप क्या समझते हैं? विभिन्न विद्वानों के सुदूर संवेदन के बारे में क्या विचार हैं? स्पष्ट कीजिए।
  2. प्रश्न- भूगोल में सुदूर संवेदन की सार्थकता एवं उपयोगिता पर विस्तृत लेख लिखिए।
  3. प्रश्न- सुदूर संवेदन के अंतर्राष्ट्रीय विकास पर टिप्पणी कीजिए।
  4. प्रश्न- सुदूर संवेदन के भारतीय इतिहास एवं विकास पर प्रकाश डालिए।
  5. प्रश्न- सुदूर संवेदन का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
  6. प्रश्न- सुदूर संवेदन को परिभाषित कीजिए।
  7. प्रश्न- सुदूर संवेदन के लाभ लिखिए।
  8. प्रश्न- सुदूर संवेदन के विषय क्षेत्र पर टिप्पणी लिखिए।
  9. प्रश्न- भारत में सुदूर संवेदन के उपयोग पर संक्षिप्त लेख लिखिए।
  10. प्रश्न- सुदूर संवेदी के प्रकार लिखिए।
  11. प्रश्न- सुदूर संवेदन की प्रक्रियाएँ एवं तत्व क्या हैं? वर्णन कीजिए।
  12. प्रश्न- उपग्रहों की कक्षा (Orbit) एवं उपयोगों के आधार पर वर्गीकरण प्रस्तुत कीजिए।
  13. प्रश्न- भारत के कृत्रिम उपग्रहों के कुछ उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।
  14. प्रश्न- कार्य के आधार पर उपग्रहों का विभाजन कीजिए।
  15. प्रश्न- कार्यप्रणाली के आधार पर सुदूर संवेदी उपग्रह कितने प्रकार के होते हैं?
  16. प्रश्न- अंतर वैश्विक स्थान निर्धारण प्रणाली से आप क्या समझते हैं?
  17. प्रश्न- भारत में उपग्रहों के इतिहास पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
  18. प्रश्न- भू-स्थाई उपग्रह किसे कहते हैं?
  19. प्रश्न- ध्रुवीय उपग्रह किसे कहते हैं?
  20. प्रश्न- उपग्रह कितने प्रकार के होते हैं?
  21. प्रश्न- सुदूर संवेदन की आधारभूत संकल्पना का वर्णन कीजिए।
  22. प्रश्न- विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के सम्बन्ध में विस्तार से अपने विचार रखिए।
  23. प्रश्न- वायुमण्डलीय प्रकीर्णन को विस्तार से समझाइए।
  24. प्रश्न- विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रमी प्रदेश के लक्षण लिखिए।
  25. प्रश्न- ऊर्जा विकिरण सम्बन्धी संकल्पनाओं पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। ऊर्जा
  26. प्रश्न- स्पेक्ट्रल बैण्ड से आप क्या समझते हैं?
  27. प्रश्न- स्पेक्ट्रल विभेदन के बारे में अपने विचार लिखिए।
  28. प्रश्न- सुदूर संवेदन की विभिन्न अवस्थाओं का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
  29. प्रश्न- सुदूर संवेदन की कार्य प्रणाली को चित्र सहित समझाइये |
  30. प्रश्न- सुदूर संवेदन के प्रकार और अनुप्रयोगों का वर्णन कीजिए।
  31. प्रश्न- विद्युत चुम्बकीय वर्णक्रम पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
  32. प्रश्न- सुदूर संवेदन के प्लेटफॉर्म से आपका क्या आशय है? प्लेटफॉर्म कितने प्रकार के होते हैं?
  33. प्रश्न- सुदूर संवेदन के वायुमण्डल आधारित प्लेटफॉर्म की विस्तृत विवेचना कीजिए।
  34. प्रश्न- भू-संसाधन उपग्रहों को विस्तार से समझाइए।
  35. प्रश्न- 'सुदूर संवेदन में प्लेटफार्म' से आप क्या समझते हैं?
  36. प्रश्न- वायुयान आधारित प्लेटफॉर्म उपग्रह के लाभ और कमियों का वर्णन कीजिये।
  37. प्रश्न- विभेदन से आपका क्या आशय है? इसके प्रकारों का भी विस्तृत वर्णन कीजिए।
  38. प्रश्न- फोटोग्राफी संवेदक (स्कैनर ) क्या है? इसके विभिन्न प्रकारों का वर्णन कीजिए।
  39. प्रश्न- सुदूर संवेदन में उपयोग होने वाले प्रमुख संवेदकों (कैमरों ) का वर्णन कीजिए।
  40. प्रश्न- हवाई फोटोग्राफी की विधियों की व्याख्या कीजिए एवं वायु फोटोचित्रों के प्रकार बताइये।
  41. प्रश्न- प्रकाशीय संवेदक से आप क्या समझते हैं?
  42. प्रश्न- सुदूर संवेदन के संवेदक से आपका क्या आशय है?
  43. प्रश्न- लघुतरंग संवेदक (Microwave sensors) को समझाइये |
  44. प्रश्न- प्रतिबिंब निर्वचन के तत्वों का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
  45. प्रश्न- सुदूर संवेदन में आँकड़ों से क्या तात्पर्य है?
  46. प्रश्न- उपग्रह से प्राप्त प्रतिबिंबों का निर्वचन किस प्रकार किया जाता है?
  47. प्रश्न- अंकिय बिम्ब प्रणाली का वर्णन कीजिए।
  48. प्रश्न- डिजिटल इमेज प्रक्रमण से आप क्या समझते हैं? डिजिटल प्रक्रमण प्रणाली को भी समझाइए।
  49. प्रश्न- डिजिटल इमेज प्रक्रमण के तहत इमेज उच्चीकरण तकनीक की विस्तृत व्याख्या कीजिए।
  50. प्रश्न- बिम्ब वर्गीकरण प्रक्रिया को विस्तार से समझाइए।
  51. प्रश्न- इमेज कितने प्रकार की होती है? समझाइए।
  52. प्रश्न- निरीक्षणात्मक बिम्ब वर्गीकरण और अनिरीक्षणात्मक बिम्ब वर्गीकरण के मध्य अंतर स्पष्ट कीजिए।
  53. प्रश्न- भू-विज्ञान के क्षेत्र में सुदूर संवेदन ने किस प्रकार क्रांतिकारी सहयोग प्रदान किया है? विस्तार से समझाइए।
  54. प्रश्न- समुद्री अध्ययन में सुदूर संवेदन किस प्रकार सहायक है? विस्तृत विवेचना कीजिए।
  55. प्रश्न- वानिकी में सुदूर संवेदन के अनुप्रयोगों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
  56. प्रश्न- कृषि क्षेत्र में सुदूर संवेदन प्रौद्योगिकी की भूमिका का सविस्तार वर्णन कीजिए। साथ ही, भारत में कृषि की निगरानी करने के लिए सुदूर संवेदन प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने हेतु सरकार द्वारा आरम्भ किए गए विभिन्न कार्यक्रमों को भी सूचीबद्ध कीजिए।
  57. प्रश्न- भूगोल में सूदूर संवेदन के अनुप्रयोगों पर टिप्पणी लिखिए।
  58. प्रश्न- मृदा मानचित्रण के क्षेत्र में सुदूर संवेदन के अनुप्रयोगों की संक्षिप्त व्याख्या कीजिए।
  59. प्रश्न- लघु मापक मानचित्रण और सुदूर संवेदन के मध्य सम्बन्ध स्थापित कीजिए।
  60. प्रश्न- भौगोलिक सूचना तंत्र का अर्थ, परिभाषा एवं कार्यक्षेत्र की व्याख्या कीजिए।
  61. प्रश्न- भौगोलिक सूचना प्रणाली के भौगोलिक उपागम से आपका क्या आशय है? इसके प्रमुख चरणों का भी वर्णन कीजिए।
  62. प्रश्न- भौगोलिक सूचना प्रणाली के विकास की विवेचना कीजिए।
  63. प्रश्न- भौगोलिक सूचना प्रणाली का व्याख्यात्मक वर्णन प्रस्तुत कीजिए।
  64. प्रश्न- भौगोलिक सूचना प्रणाली के उपयोग क्या हैं? विस्तृत विवरण दीजिए।
  65. प्रश्न- भौगोलिक सूचना तंत्र (GI.S.)से क्या तात्पर्य है?
  66. प्रश्न- भौगोलिक सूचना तंत्र के विकास पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
  67. प्रश्न- भौगोलिक सूचना तंत्र के उद्देश्य बताइये।
  68. प्रश्न- भौगोलिक सूचना तंत्र का कार्य क्या है?
  69. प्रश्न- भौगोलिक सूचना तंत्र के प्रकार समझाइये |
  70. प्रश्न- भौगोलिक सूचना तंत्र की अभिकल्पना का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
  71. प्रश्न- भौगोलिक सूचना तंत्र के क्या लाभ हैं?
  72. प्रश्न- भौगोलिक सूचना प्रणाली में उपयोग होने वाले विभिन्न उपकरणों का वर्णन कीजिए।
  73. प्रश्न- भौगोलिक सूचना प्रणाली में कम्प्यूटर के उपयोग का विस्तृत विवरण प्रस्तुत कीजिए।
  74. प्रश्न- GIS में आँकड़ों के प्रकार एवं संरचना पर प्रकाश डालिये।
  75. प्रश्न- भौगोलिक सूचना प्रणाली के सन्दर्भ में कम्प्यूटर की संग्रहण युक्तियों का वर्णन कीजिए।
  76. प्रश्न- आर्क जी०आई०एस० से आप क्या समझते हैं? इसके प्रशिक्षण और लाभ के संबंध में विस्तृत व्याख्या कीजिए।
  77. प्रश्न- भौगोलिक सूचना प्रणाली में प्रयोग होने वाले हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
  78. प्रश्न- ERDAS इमेजिन सॉफ्टवेयर की अपने शब्दों में समीक्षा कीजिए।
  79. प्रश्न- QGIS (क्यू०जी०आई०एस०) के संबंध में एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
  80. प्रश्न- विश्वस्तरीय सन्दर्भ प्रणाली से आपका क्या आशय है? निर्देशांक प्रणाली के प्रकारों का वर्णन कीजिए।
  81. प्रश्न- डाटा मॉडल अर्थात् आँकड़ा मॉडल से आप क्या समझते हैं? इसके कार्य, संकल्पना और उपागम का वर्णन कीजिए।
  82. प्रश्न- रॉस्टर मॉडल की विवेचना कीजिए। इस मॉडल की क्षमताओं का भी वर्णन कीजिए।
  83. प्रश्न- विक्टर मॉडल की विस्तृत विवेचना कीजिए।
  84. प्रश्न- कार्टोग्राफिक संकेतीकरण त्रिविम आकृति एवं मानचित्र के प्रकार मुद्रण विधि का वर्णन कीजिए।
  85. प्रश्न- रॉस्टर मॉडल की कमियों और लाभ का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
  86. प्रश्न- विक्टर मॉडल की कमियों और लाभ के सम्बन्ध में अपने विचार लिखिए।
  87. प्रश्न- रॉस्टर और विक्टर मॉडल के मध्य अन्तर स्पष्ट कीजिए।
  88. प्रश्न- डेटाम पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

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