|
बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षण बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षणसरल प्रश्नोत्तर समूह
|
5 पाठक हैं |
||||||
बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षण - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- क्रियात्मक अनुसंधान के महत्व को बताइये।
उत्तर-
(Importance of Action Research)
इसका महत्व निम्नलिखित है-
1. क्रियात्मक अनुसंधान विद्यालय के शिक्षकों आदि को अपने उत्तर-दायित्वों के प्रति जागरूक व संवेदनशील बनाती है और उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास करती है।
2. शिक्षक विद्यार्थियों की रुचियों, आवश्यकताओं एवं योग्यताओं को समझ करके ऐसी शिक्षण पद्धति को अपना सकते हैं जिसके द्वारा शिक्षक रुचिपूर्ण हो जाये और प्रत्येक विद्यार्थी के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता रहे।
3. क्रियात्मक अनुसंधान द्वारा विद्यार्थियों के विकास हेतु स्कूल में उपयुक्त कार्यक्रम आयोजित किये जा सकते हैं।
4. इसके द्वारा विद्यार्थियों की उपलब्धि का स्तर बढ़ाया जा सकता है।
5. क्रियात्मक अनुसंधान की सहायता से पाठ्यक्रम का विकास किया जा सकता है।
6. इसके द्वारा अनुशासनहीनता को सुलझाया जा सकता है।
7. क्रियात्मक अनुसंधान के द्वारा विद्यार्थियों तथा शिक्षकों के बीच सामाजिक कारणों में आई हुई विसंगतियों को दूर किया जा सकता है।
8. इसके द्वारा किशोर अपराध एवं पिछड़ापन आदि कितनी ही समस्याओं को हल किया जा सकता है।
9. क्रियात्मक अनुसंधान से स्कूलों में रूढ़िवादी तथा यान्त्रिक वातावरण को समाप्त करके जनतन्त्रीय मूल्यों (Democratic Values) की रक्षा की जा सकती है।
10. इसके द्वारा प्रधानाचार्यों, निरीक्षकों, प्रबन्धकों एवं प्रशासकों के सामने आये दिन आने वाली समस्याओं के सम्बन्ध में उचित निर्णय लिए जा सकते हैं। इस प्रकार वे अपनी-अपनी क्रियाप्रणालियों अथवा कार्यविधियों का उचित मूल्यांकन करके उनके दोषों को दूर कर सकते हैं।
11. इसकी सहायता से कक्षा में नवीन शिक्षण विधियों का प्रयोग कर सकते हैं। प्रोजेक्ट किण्डरगार्टन आदि विधियाँ क्रियात्मक अनुसंधान की ही देन हैं।
12. क्रियात्मक अनुसंधान शैक्षिक समस्याओं का वैज्ञानिक, वस्तुनिष्ठ, प्रमाणिक तथा उपयोगी हल प्रस्तुत करता है।
|
|||||










