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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षण बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षणसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 वाणिज्य शिक्षण - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- सतत् और व्यापक मूल्यांकन की विशेषताएँ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
सतत् और व्यापक मूल्यांकन की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
(i) सतत् और व्यापक मूल्यांकन विद्यार्थियों की स्कूल आधारित मूल्यांकन पद्धति को इंगित करता है। जिसमें विद्यार्थियों के समस्त पक्ष सम्मिलित होते हैं।
(ii) सतत् और व्यापक मूल्यांकन निरन्तर और आवधिक मूल्यांकन का ध्यान रखता है।
(iii) निरन्तर का अर्थ है अध्यापन से पूर्व आकलन और अध्यापन की अवधि में मूल्यांकन, मूल्यांकन की बहुविध तकनीक का प्रयोग औपचारिक रूप से करना।
(iv) 'आवधिक' का अर्थ निष्पादन का आकलन यूनिट के अन्त में निरन्तर करना जिसके निकष सन्दर्भित परीक्षणों का प्रयोग होता है और मूल्यांकन की बहुविध तकनीक का प्रयोग होता है।
(v) सतत् और व्यापक मूल्यांकन का व्यापक भाग बालक के व्यक्तित्व के चतुर्मुखी विकास का ध्यान रखता है। इसमें शैक्षिक और सहपानयचारी पक्षों का विकास सम्मिलित होता है।
(vi) शैक्षिक पक्ष में पानय क्षेत्र या विषय विशेष के क्षेत्र सम्मिलित होते हैं, जबकि सहपानयचारी पक्ष में सह-पानय और व्यक्तिगत सामाजिक विशेषताएँ, रुचियाँ, मनोवृत्तियाँ और मूल्य सम्मिलित होते हैं।
(vii) शैक्षिक क्षेत्र का आकलन औपचारिक या अनौपचारिक होता है तथा इसमें बहुत-सी मूल्यांकन तकनीक का प्रयोग निरन्तर या समय-समय पर होता है। निदानात्मक मूल्यांकन यूनिट के अन्त में होता है। कुछ यूनिट में खराब निष्पादन निदान परीक्षणों द्वारा ज्ञात किया जाता है।
(viii) सहपाङ्गयचारी क्षेत्रों का आकलन निर्दिष्ट कसौटियों के आधार पर और व्यक्तिगत सामाजिक विशेषताओं का आकलन मनोवैज्ञानिक परीक्षणों द्वारा किया जाता है।
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