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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्यसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 तृतीय प्रश्नपत्र - शिक्षा के तकनीकी परिप्रेक्ष्य - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- आभासी कक्षा तथा आभासी विश्वविद्यालय के बारे में बताइये।
उत्तर-
आभासी कक्षा
(Virtual Classroom)
आभासी कक्षा इलेक्ट्रानिक उपकरणों तथा इंटरनेट की सहायता से निर्मित एक ऐसा स्थान है जहाँ शिक्षक तथा छात्र एक-दूसरे से मीलों दूर बैठकर भी एक-दूसरे को देख सकते हैं, सुन सकते हैं तथा शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। आभासी कक्षा में छात्र घर पर रहकर शिक्षा प्राप्त करते हैं। इसके लिए छात्र कम्प्यूटर, लैपटाप, मोबाइल या टेबलेट द्वारा इंटरनेट के माध्यम से शिक्षक से जुड़े रहते हैं। छात्र शिक्षक से प्रश्न पूछता है तथा शिक्षक कम्प्यूटर, लैपटाप आदि के द्वारा छात्रों को उत्तर देते हैं। आभासी शिक्षा का प्रयोग ऑनलाइन प्रणाली, मुक्त शिक्षा प्रणाली आदि के अन्तर्गत औपचारिक कक्षा के विकल्प के रूप में किया जाता है।
"अवास्तविक या आभासी कक्षा से अभिप्राय ऐसे कक्षा कक्षों से है जिनमें आधुनिक कम्प्यूटर तथा सम्प्रेषण टेक्नोलॉजी युक्त साधनों, जैसे- इंटरनेट, ई-मेल, ऑनलाइन चैटिंग, वर्ल्ड वाइड वेब (World Wide Web), सी. डी. रोम, टेलीकान्फ्रेनसिंग इत्यादि का प्रयोग करके नियमित कक्षाओं की परम्परागत शैक्षिक मूल्यांकन तथा प्रशासनिक गतिविधियों का आंशिक या पूर्ण रूप से स्थान लेने का प्रयत्न किया जा सकता है।" -एस. के. मगल
आभासी विश्वविद्यालय
(Virtual University)
आभासी विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा प्रदान की जाती है। उच्च शिक्षा के शिक्षण के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवम् इंटरनेट का प्रयोग किया जाता है। आभासी या वर्चुअल विश्वविद्यालयों में कोर्स पूर्णतः इंटरनेट के माध्यम से संचालित किया जाता है। आभासी विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली वेब पेज, ई-मेल आदि को चलाती है। आभासी विश्वविद्यालय में छात्र घर में बैठकर उच्च शिक्षा इंटरनेट के द्वारा प्राप्त करते हैं।
1960 में जब पहला मुक्त विश्वविद्यालय अस्तित्व में आया, उसके बाद से ही आभासी विश्वविद्यालय के क्षेत्र में कार्य शुरु हो गया था। शिक्षाशास्त्री तथा इतिहासकार जे. सी. स्टूबर्ट ने सर्वप्रथम "वायरलेस यूनिर्वसिटी" की चर्चा की। 1995 में आभासी विश्वविद्यालय की अवधारणा पूरी तरह कार्यरूप में लागू हो गयी थी। वर्तमान में विश्व में अनेक आभासी विश्वविद्यालय चल रहे हैं।
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